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प्रेगनेंसी में शराब पीने से होता है मिसकैरेज

शराब से मिसकैरेज होने के कारण :
1. रिसर्च के अनुसार बताया गया है कि अगर महिलाएं शराब का 1-2 पैग लगाएं तो गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने के दौरान मिसकैरेज की संभावना अधिक बढ़ जाती है। अगर इससे मिसकैरेज नहीं भी होता है तो भी यह आपके भ्रूण के लिए बहुत खतरनाक है।
2. अंडे में साईटोप्लाज़्म की गड़बड़ी से ही मिसकैरेज होते हैं। साईटोप्लाज़्म अंडे की रक्षा में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, लेकिन शराब पीने से इसकी परतों पर असर पड़ता है जिससे मिसकैरेज हो जाता है।
3. इस दौरान शराब पीने से एक तरह का विकार जिसे हम फीटल अलकोहल सिंड्रोम (एफएएस) कहते हैं, बच्चे पर बुरा प्रभाव डालता है। इसमें बच्चे का विकास क्षीण हो जाता है और उसमें मांसिक मंदता, व्यवहार में बदलाव, चेहरे की असामान्यताएं और नसों की शिथिलता जैसा गंभीर असर होता है। शराब पीने से मॉं के ऊपर भी गहरा असर पड़ता है जैसे, मूड स्विंग, दिन कि बीमारी और वेट गेन।
4. शराब पीने से प्रजनन प्राणी पर बुरा प्रभाव पड़ता है, इसके जादा सेवन से दुबारा मॉं बनने की संभावना कम हो जाती है। यहां तक की मिसकैरेज हो जाने पर आप कभी मां नहीं बन सकतीं। यह अंडाशय को नुकासन पहुंचाता है और समय पर मासिक न होना और ओव्यलैशन में गड़बड़ी होना आम बात हो जाती है।
5. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को शराब का सेवन कतई नहीं करना चाहिए क्योंकि शराब का एक या दो पैग लेने पर भी भ्रूण के केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र का विकास अवरूद्ध हो सकता है। जो महिलाएं शराब या धुम्रपान करती हैं उन्हें अपने लिए नहीं बल्कि अपने बच्चे के लिए जरुर सोंचना चाहि।



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