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10 दवाएं जो गर्भावस्था में नहीं खानी चाहिए
एक गर्भवती महिला को अपने हर खाने की चीज़ पर ध्यान देना चाहिए। और दवाइयों का तो ख़ास तौर से क्योंकि इसका प्रभाव माँ के साथ साथ बच्चे पर भी पड़ता है। महिलाओं की एक पत्रिका में चर्चित इन दवाइयों को खाने से बचना चाहिए। वैसे तो ये भी कहा जा सकता है कि एक गर्भवती महिला को किसी भी प्रकार की दवाइयां नहीं खानी चाहिये लेकिन आज भला ऐसा कहां संभव है।
कुछ गर्भवती महिलाओं को अपने पुराने इलाज के चलने दवाइयां खानी ही पड़ती हैं और कुछ को डॉक्टर ही कुछ आयरन की गोलियां आदि दे देते हैं। आइये जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कौन कौन सी दवाइयां नहीं खानी चाहिये।
गर्भावस्था में न खाएं ये दवाइयां

दर्द से बचने वाली दवाएं
दर्द से निजात दिलाने वाली दवाएं जैसे इबुप्रोफ़ेन और एस्पिरिन बच्चे के विकास में अवरोधक होती हैं। अगर माँ को सर दर्द है तो प्राकृतिक उपचार करना चाहिए।

एंटी फंगल दवाएं
एक गर्ववती महिला के लिए फंगी की समस्या आम है। पर बिना डॉक्टर की सलाह के एंटी फंगल दवाइयां नहीं लेनी चाहिए।

मुहांसे का उपचार
गर्भावस्था के दौरान शरीर में हॉर्मोन सम्बन्धी बदलाव के कारण मुहांसे बढ़ सकते हैं। इसके लिए आपको मुहांसों से निजात पाने के लिए दवाइयां खाने की ज़रुरत नहीं है। इन मुहांसों को खुद से ही जाने दें।

बुखार की दवाइयां
गर्भावस्था के दौरान बुखार में खायी जाने वाली दवाई पेरासिटामोल नहीं खानी चाहिए। पहली तिमाही में बच्चे की विकास पर इस दवाई का काफी असर पड़ता है और बच्चे का विकास सही ढंग से नहीं हो पाता।

डिप्रेशन से बचने वाली दवाइयां
डिप्रेशन से बचने वाली दवाइयों को खाने से बच्चे में जन्म से ही कुछ दोष हो सकते हैं। तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान का सहारा लेना चाहिए।

एंटी एलर्जी दवाएं
एंटी फंगल के साथ साथ एंटी एलर्जी दवाओं को खाने से बचना चाहिए। एलर्जी का उपचार प्राकृतिक तरीके से करें। जैसे धूल से बचें, घर को साफ सुथरा रखें और पौष्टिक आहार खाकर अपनी रोग अवरोधक क्षमता बढाएं।

एंटीबायोटिक्स
गर्भवती महिला के लिए कोई भी एंटीबायोटिक खाने की सलाह नहीं दी जाती। पर अगर कोई दूसरा उपाय नहीं है तो डॉक्टर की सलाह लेकर उपचार करवाएं।

एंटी मोशन सिकनेस दवाएं
गर्भावस्था में एंटी मोशन सिकनेस दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। इसका बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है। इस समस्या का समाधान दुसरे तरीके से निकालने का उपाय ढूँढें।

नींद की दवाएं
अगर गर्भवती महिला नींद की दवाई खाती है तो उस पर अच्छा असर नहीं पड़ता। सोने के लिए इस दौरान कोई भी दवाई लेने से बचें।

जड़ी -बूटी
प्राकृतिक तरीके से उत्पन्न जड़ी-बूटियों दवाई के रूप में इस्तमाल में आती हैं पर गर्भावस्था में इनको लेने से भी बचना चाहिए। जैसे एलो वेरा, जिनसेंग और रोजमेरी।



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