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प्रेगनेंट महिलाओं को क्यूं नहीं खाना चाहिये प्लास्टिक के बर्तनों में
यह एक जाना माना तथ्य है कि प्लास्टिक के डिब्बे में खाना गरम करने या प्लास्टिक की बोतल में रखा पानी पीने से कैंसर हो सकता है क्योंकि प्लास्टिक में उपस्थित रसायन खाद्य पदार्थों में पहुँच जाते हैं तथा फिर इन खाद्य पदार्थों के द्वारा ये हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। यही कारण है कि माइक्रोवेव ओवन में प्लास्टिक के बर्तनों में खाना गरम न करने की सलाह दी जाती है।
प्लास्टिक की बोतल से पीते हैं पानी तो हो जाएं सावधान
गर्मी के कारण प्लास्टिक के बर्तनों से कैंसर उत्पन्न करने वाले रसायन उत्सर्जित होते हैं जो खाद्य पदार्थों में मिल जाते हैं। अब इस बात पर चर्चा करते हैं कि गर्भवती महिलाओं को डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और प्लास्टिक में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन क्यों नहीं करना चाहिए।
सभी गर्भवती महिलाओं को डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इन डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में हानिकारक रसायन होते हैं तथा प्लास्टिक के बर्तनों में खाद्य पदार्थों को गर्म करने से खाद्य पदार्थ भी इन हानिकारक रसायनों से दूषित हो जाते हैं।

प्लास्टिक के बर्तनों या डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में केवल हानिकारक रसायन ही नहीं होते बल्कि इसमें BPA या बिस्फेनोल ए भी होता है जो गर्भ में पल रहे बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास में समस्या उत्पन्न कर सकता है। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और प्लास्टिक में रखे खाद्य पदार्थों का गर्भवती महिलाओं पर क्या दुष्परिणाम होता है यह जानने के लिए लेख पढ़ें।
क्या प्लास्टिक की बोतल आपके शिशु के लिए हनिकारक हैं?
हार्मोन्स में गड़बड़ी उत्पन्न करना
यदि कोई गर्भवती महिला प्लास्टिक के बर्तन में गर्म किया हुआ खाना खाती है, प्लास्टिक की बोतल में पानी पीती है या डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ खाती है तो यह उसके बच्चे के लिए ख़तरनाक हो सकता है। इसके कारण बच्चे में मानसिक और शारीरिक समस्याएं आ सकती हैं जिसमें मस्तिष्क से संबंधित बीमारियाँ भी शामिल हैं। इन डिब्बों में उपस्थित रसायन जिसमें बिस्फेनोल ए (बीपीए) भी शामिल है, गर्भवती महिलाओं में हार्मोन्स को असंतुलित करता है। बिस्फेनोल ए रसायन के कारण एस्ट्रोजन हार्मोन बहुत अधिक सक्रिय हो जाता है।

बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास ठीक से नहीं होता
प्लास्टिक के बर्तनों में पाए जाने वाले इस रसायन के कारण माताओं में एस्ट्रोजन बहुत अधिक सक्रिय हो जाता है। यह बच्चे के विकास पर प्रभाव डालता है तथा महिलाओं (तथा पुरुषों में भी) प्रजनन संबंधी समस्याएं उत्पन्न करता है। अत: सभी गर्भवती महिलाओं को प्लास्टिक के बर्तनों में खाना न खाने, खाना गर्म न करने तथा प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है। साथ ही साथ उन्हें डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों या प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ न खाने की सलाह भी जाती है।

बिस्फेनोल ए (BPA) कई देशों में प्रतिबंधित है
कुछ देशों जैसे चीन, फ़्रांस और कनाड़ा ने उन सभी उत्पादों पर प्रतिबन्ध लगा दिया है जिनमें यह रसायन होता है। यदि किसी उत्पाद में (BPA) पाया जाता है तो तुरंत उसका उत्पादन रोक दिया जाता है। यही कारण है कि आजकल प्लास्टिक के बर्तनों पर हम एक लेबल लगा हुआ देखते हैं जिस पर “बिस्फेनोल ए (BPA) फ्री” लिखा होता है।



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