Latest Updates
-
यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर के इन अंगों में होने लगता है तेज दर्द, साधारण समझकर न करें इग्नोर -
Adi Vinayaka Temple: भारत का एकमात्र मंदिर जहां मानव मुख वाले गणेश जी की होती है पूजा, जानें इसकी पूरी कहानी -
सामंथा रुथ प्रभु ने शेयर की अपनी गोद भराई की तस्वीरें, येलो आउटफिट में दिखीं बेहद खूबसूरत, देखें Photos -
National Engineers Day 2026: 15 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे? जानिए इसका इतिहास और महत्व -
Rishi Panchami Vrat Katha: ऋषि पंचमी पर जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, तभी मिलेगा पूजा का पूर्ण फल -
Rishi Panchami 2026: ऋषि पंचमी आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
गणेश चतुर्थी के दिन कश्मीरी पंडित मानते हैं Pann Poshte, कुल देवी की पूजा से जुड़ी है परंपरा -
जयपुर का मोती डूंगरी गणेश मंदिर: जहां मेहंदी का प्रसाद जोड़ता है शादी की डोर, उमड़ी सिंगल लड़कों की भीड़ -
हरतालिका तीज व्रत कथा: जब नारद मुनि विष्णु विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुंचे, मां पार्वती हुईं हैरान -
हरतालिका तीज 2026: क्या गर्भवती महिलाएं रख सकती हैं निर्जला व्रत, जान लें सावधानियां
प्रेग्नेंट लेडी के लिए जादुई है 'शहद'
मीठे-मीठे शहद से सेहत को अनगिनत फायदे है। बच्चों से लेकर बड़ों तक अगर इसका नियमित सेवन करें तो रोग प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत होती है। इतना ही नहीं, शहद तो हमारे लिए बहुत सी बीमारियों में बेहतरीन दादी मां के नुस्खा साबित होता है।
लेकिन जब बात प्रेग्नेंट लेडी कि हो तो शहद से जुड़े बहुत से प्रश्न उभरते है। जैसे कि क्या यह प्राकृतिक स्वीटनर प्रेग्नेंट महिला के लिए हेल्दी है?
इससे आने वाले बच्चे को कोई नुकसान तो नहीं होगा? तो आइए आज इस आर्टिकल के जरिए हम इन्हीं सवालों के जवाब तलाशते है।

प्रेगनेंसी के दौरान शहद खा सकते है?
गर्भावस्था के दौरान शहद खा सकते है, बस वह पाश्चरीकृत होना चाहिए। क्योंकि कच्चे शहद से बोटेलिज्म यानी कि फूड पॉइजनिंग का खतरा बना रहता है। हालांकि वयस्कों के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम में बैक्टीरिया होता है जो बोटुलिनम विष को रोकता है और यह नाल में जाने नहीं देता।
प्रेगनेंसी के दौरान शहद के फायदे
प्रेग्नेंट होने के बाद डायट में शहद को जोड़ने के बहुत से फायदे होते है। क्योंकि न्यूट्रियंस से भरे शहद में शुगर और ग्लूकोस भी बहुत अच्छी मात्रा में पाए जाते है।

1. इम्युनिटी होती है बूस्ट
शहद के एंटीबैक्टीरियल और एंटीआॅक्सिडेंट गुणों के चलते इम्युनिटी और बेहतर होती है। यहां तक कि इससे छोटे मोटे घाव, पेट में होने वाली जलन तक में बहुत आराम मिलता है।

2. इंसोमेनिया में मिलता है आराम
शहद का हाईपोनेटिक एक्शन यानी कि सम्माोहक कर देने वाले गुण के कारण यह इंसोमेनिया में लाभदायक है। प्रेगनेंसी के दौरान रात को सोने से पहले एक ग्लास दूध में एक चम्मच शहद मिलाने से आप आराम से सो सकती है।

3. सर्दी-जुखाम में मिलती है राहत
एंटीवारयल प्रोपर्टी के चलते शहद से प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली सर्दी, कफ और जुखाम में बहुत आराम मिलता है। कफ के लिए शहद एक रामबाण इलाज है।


4. गले के इंफेक्शन में देता है आराम
प्रज्वलनरोधी गुणों के कारण शहद गले में हुए इंफेक्शन में बहुत आराम पहुंचाता है। शहद को गर्म अदरक और नींबू कि चाय में मिलाकर पीने से एक ही बार में बहुत लाभ होता है।

5. लड़ता है छालों से
बहुत से शोधों में खुलासा हो चुका है कि शहद के नियमित सेवन से छालों के लिए जिम्मेदार बैक्टिरियां हेलीकोबैक्टर कम पनता है।

7. ऐलर्जी में भी राहत
शहद के नियमित सेवन से लगभग सभी तरह कि मौसमी ऐलर्जी से राहत मिलती है।



Click it and Unblock the Notifications
