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गर्मी के मौसम में गर्भावस्था में डाइबिटीज़ होने का ख़तरा बढ़ जाता है
गर्भवती महिलाओं को 24 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में नहीं जाना चाहिए क्योंकि शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसा करने से उन्हें गर्भावस्था में होने डाइबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाओं को 24 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में नहीं जाना चाहिए क्योंकि शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसा करने से उन्हें गर्भावस्था में होने डाइबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है।
एक अध्ययन के अनुसार ऐसी महिलायें जो औसत से 10 डिग्री कम या इससे भी अधिक ठंडे स्थानों में रहती हैं उनमें यह बीमारी होने की संभावना बहुत कम होती है।

गर्भवती महिलाओं पर बाहरी वातावरण के तापमान से होने वाले प्रभाव पर किये गए अध्ययन से पता चलता है कि वे गर्भवती महिलायें जो गर्म स्थानों में रहती हैं उनमें गर्भावस्था में होने वाले डाइबिटीज़ की संभावना 7.7 प्रतिशत तक अधिक बढ़ जाती है जबकि ठंडे स्थानों में रहने वाली महिलाओं में यह संभावना 4.6 प्रतिशत तक होती है।
इसके बाद हर दस डिग्री सेल्सियस पर तापमान में होने वाली वृद्धि से डाइबिटीज़ होने की संभावना छः से नौ प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यह इस अध्ययन पर आधारित है कि ठंडे स्थानों में रहने वाले लोगों में ठण्ड के मौसम में ऊष्मा और चयापचय में फैट किस तरह बर्न होता है।

कनाड़ा के ओंटारियो अस्पताल में एक शोधकर्ता तथा प्रमुख लेखक गिल्लियन बूथ के अनुसार "अनेक लोग ऐसा सोचते हैं कि गर्म स्थानों में और अधिकतर बाहर रहती हैं और वे बहुत अधिक सक्रिय होती हैं जिससे वज़न एक सीमा तक बढ़ता है। वज़न का अधिक बढ़ना गर्भावस्था में डाइबिटीज़ होने का एक कारण है।"
बूथ के अनुसार "हालाँकि ठंडे तापमान के कारण इन्सुलिन के प्रति आपकी संवेदनशीलता में सुधार आता है क्योंकि इसमें वसा, ब्राउन अडिपोसे टिश्यू में परिवर्तित हो जाता है।"

कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जनरल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार टीम ने 12 वर्षों में (2002 से 2014 तक) कनाड़ा में रहने वाली 3,96,828 महिलाओं में से 5,55,911 के जन्मों पर अध्ययन किया।
इसके अलावा वे महिलायें जो ठंडे तापमान जैसे कनाड़ा या यू.एस. में जन्म लेती हैं और गर्भावस्था में ठंडे स्थानों में रहती हैं उनमें गर्भावस्था में डाइबिटीज़ होने की संभावना 3.6 प्रतिशत तक होती है जबकि गर्म स्थानों में रहने वाली महिलाओं में गर्भावस्था में डाइबिटीज़ होने की संभावना 6.3 होती है।
-आईएनएएस से प्राप्त इनपुट के अनुसार



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