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प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिलाएं कर सकती हैं ये एक्सरसाइज़
प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरसाइज़ करना बहुत फायदेमंद होता है। हालांकि, इस दौरान आपको सावधानी भी रखनी चाहिए। कुछ आसान एक्सरसाइज़ भी होती हैं जो गर्भवती महिलाएं कर सकती हैं। इससे उन्हें शारीरिक और मानसिक फायदे मिलते हैं। एक्सरसाइज़ करने पर शरीर में 'हैप्पी हार्मोन’ रिलीज़ होता है। वहीं व्यायाम से मन और शरीर दोनों ही बेहतर महसूस करते हैं। नई मां के लिए ये बहुत महत्वूर्ण होता है।
अगर आप मां बनने जा रही हैं तो आप प्रीनेटल वर्कआउट क्लासेस भी ले सकती हैं। आठ महीने की प्रेग्नेंसी में हम आपको दौड़-भाग करने के लिए नहीं कह रहे हैं बल्कि आपको कुछ ऐसे हल्के व्यायामों के बारे में बताने जा रहे हैं जो प्रेग्नेंसी में आपकी मदद करेंगें। हालांकि, इन एक्सरसाइज़ को करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें। वहीं गर्भधारण से पहले आपको अपने फिटनेस लेवल के बारे में भी जान लेना चाहिए।
अगर आपको पहले कभी एक्सरसाइज़ की जरूरत नहीं पड़ी या आपकी इसमें दिलचस्पी कम है तो आपको इसे शुरु करने में दिक्कत आ सकती है लेकिन यकीन मानिए ये आपके और आपके शिशु के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।
तो चलिए जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान आपको किन एक्सरसाइज़ से फायदा मिल सकता है।

कैट काउ
हाथों और घुटनों के बल लेटने की मुद्रा में रहें और स्पाइन के सहारे सांस अंदर लें और सांस छोड़ते समय हाथों को पुश करें। इसे कुछ देर तक ऐसे ही दोहराएं।
स्पाइनल लेट्रल फ्लेक्शन
ज़मीन पर कुशन रखकर उस पर आलती-पालती करके बैठ जाएं। हाथ ऊपर उठाते हुए सांस अंदर लें और सीधे हाथ को ज़मीन की तरफ लाते हुए सांस छोडें। अब दोबारा सांस अंदर लें और छोडें और बाईं ओर झुकने से पहले अपने बाएं हाथ को ज़मीन पर रखें।
सीटेड फॉरवर्ड फोल्ड या पश्चिमोत्तासन
फर्श पर कुशन पर पैरों को आगे की ओर फैला कर बैठ जाएं। आप हल्का सा आगे की ओर झुकें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। इस तरह से चार से पांच बार करें। लेकिन इसे शुरूआती अवस्था में ही किया जा सकता है। पेट के बहुत बढ़ने पर आपको इसे सिर्फ हाथों को ऊपर करके गहरी सांस लेना और छोड़ना करके करना पड़ेगा। हाथ को ऊपर करें, एक बार सांस लें और छोड़ दें। इस तरह एक्सरसाइज करें।
कम होता है स्ट्रेस
एक्सरसाइज करने से स्ट्रेस कम होता है और आपको अच्छा फील आता है। शायद यही वो चीज़ है जो हर महिला के लिए जरूरी है। इसके अलावा, वो कहती हैं कि मसल्स मेमोरी और ट्रेनिंग हिस्ट्री, दो ऐसी चीजें हैं जो बॉडी कभी नहीं भूलती है। ऐसे में शुरूआती दिनों से लेकर आखिर नौ महीने तक की गई एक्सरसाइज का फायदा डिलीवरी के बाद शरीर के सामान्य होने तक बना रहता है। जम्प आदि न करें, लेकिन हल्की तेज गति से वॉक किया जा सकता है। अगर आप अपना और बच्चे का स्वास्थ्य भविष्य में अच्छा रखना चाहती हैं तो डॉक्टरी सलाह लेने के बाद व्यायाम और योगा अवश्य करें।



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