Latest Updates
-
Chhatrapati Sambhaji Maharaj Jayanti: छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 14 May 2026: मेष और सिंह राशि वालों की चमकेगी किस्मत, जानें गुरुवार को किन राशियों पर होगी धन वर्षा -
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इस मेडिकल कंडीशन के चलते हुई मौत -
PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, जानिए क्या है इसका मतलब और क्यों रखा नया नाम -
प्रतीक यादव ने ऐसे किया था अपर्णा यादव को प्रपोज, 10 साल बाद हुई थी दोनों की शादी, बेहद फिल्मी है लव स्टोरी -
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश
स्टडी में हुआ खुलासा, प्रेगनेंसी में कामकाजी महिलाओं का ये होता है सबसे बड़ा डर
अधिकतर कामकाजी महिलाओं को ऐसा लगता है कि गर्भवती होने से उनकी नौकरी को खतरा हो सकता है। उन्हें काम से निकाल दिया जा सकता है जबकि इसके उल्ट पिता बनने वाले पुरूषों को अक्सर नौकरी या कार्यस्थल पर बढ़ावा मिलता है। हाल ही में हुए एक रिसर्च में ये बात सामने आई है। इस स्टडी की माने तो मां बनने वाली औरतों को ऐसा महसूस होता है कि अब कार्यस्थल पर उनका अच्छे से स्वागत नहीं किया जाएगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह उन महिलाओं पर किया गया पहला अध्ययन है, जिन्हें ऐसा महसूस होता है कि गर्भावस्था के दौरान उनमें नौकरी को लेकर असुरक्षा का भाव आ जाता है।

शोध में सामने आया है कि महिलाओं ने जब अपने गर्भवती होने का खुलासा किया तो उन्होंने अपने ऑफिस और कार्यस्थल पर प्रोत्साहन का अनुभव कम किया। जब महिलाओं ने इस बात का जिक्र अपने मैनेजर या सहकर्मियों से किया तो उन्हें महसूस हुआ है कि उन्हें कार्यस्थल में पहले की तुलना में कम प्रोत्साहन नजर आने लगा। जबकि पुरूषों को प्रोत्साहित किए जाने की दर में बढ़ोतरी हुई।'
निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने इस रिसर्च से जुड़े दो सिद्धान्तों पर गहराई सेअध्ययन किया। पहले में यह पाया गया कि गर्भवती महिलाओं को नौकरी से निकाले जाने का डर रहता है। दूसरे में पुस्टियन ने पाया कि महिलाओं को ऐसा इस वजह से लगता है कि क्योंकि गर्भावस्था के दौरान निजी जिंदगी और करियर के क्षेत्र में कई बदलाव आते हैं। शोध में इस बात पर भी काफी जोर दिया गया है कि गर्भवती महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर किस तरह से पेश आना चाहिए। कार्यस्थल पर माता और पिता दोनों को ही सामाजिक और करियर से जुड़ी हर संभव सहायता प्रदान करनी चाहिए ताकि वे अभिभावक के रुप में अपनी नई भूमिकाओं को अच्छे से निभा सकें।



Click it and Unblock the Notifications