Navratri 2024: नवरात्रि में नाखून-बाल नहीं काटते फिर क्यों कराते हैं बच्‍चों का मुंडन?

Why Are Children Shaved During Navratri : शारदीय नवरात्रि 3 अक्‍टूबबर से शुरु होने वाले हैं। हिंदू धर्म में इन 9 दिनों देवी मां के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। ये 9 दिन बहुत पवित्र माने जाते हैं। नवरात्रि में कुछ खास नियमों और मान्यताओं का भी खास धयान रखना होता है।

इन्हीं में से एक है नाखून और बाल ना काटना। 9 दिन देवी के उपासक बाल और नाखून नहीं काटते हैं। हालांकि, नवरात्रियों में बच्‍चों के मुंडन संस्कार किए जाते हैं, जानिए इसके पीछे क्या कारण है?

Navratri 2024

आत्मिक और शारीरिक शुद्धि

नवरात्रि के दौरान लोग उपवास, प्रार्थना और पूजा के माध्यम से अपने शरीर और आत्मा को शुद्ध करने का प्रयास करते हैं। मुंडन या सिर मुंडवाना शारीरिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है, जो आंतरिक रूप से एक नई शुरुआत का संकेत होता है।

संस्कार और परंपरा

कुछ परिवारों में बच्चों का मुंडन संस्कार खास तौर पर पहली बार बाल उतारते हुए अच्‍छे मुहूर्त को देखा जाता है। मुंडन संस्‍कार मनुष्‍य के 16 संस्‍कारों में से एक होता है। नवरात्रि के दौरान मुंडन कराना शुभ माना जाता है। इसे बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए किया जाता है।

आस्‍था का विषय

मुंडन कराने की परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों और धर्मों में मान्यताओं के अनुसार प्रचल‍ित हो सकती है, लेकिन नवरात्रि में मुंडन कराना भगवान के प्रति आस्था, शुद्धिकरण और समर्पण को दर्शाता है।

वैज्ञानिक कारण

इसके अलावा नवरात्रियों में मुंडन कराने का एक और वैज्ञानिक मत होता है क‍ि शारदीय नवरात्रि के बाद ठंड शुरु हो जाती है और मौसम में बदलाव आता है, ऐसे में बच्‍चों के बाल मुंडवाने से सर्दियों में बच्‍चों को सीधी धूप सिर पर म‍िलती है। ज‍िससे बच्‍चे के मस्तिष्‍क को सीधे तौर पर व‍िटाम‍िन डी म‍िलता है और इससे बच्‍चे का मानसिक विकास तेज होता है।

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