Latest Updates
-
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार -
Rajasthani Grandma Style Gatte Ki Sabzi Recipe: अब घर पर पाएं पारंपरिक राजस्थानी स्वाद -
Aaj Ka Rashifal 29 May 2026: शुक्रवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, करियर में मिलेगा बड़ा उछाल -
Restaurant Style Baby Corn Masala Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा स्वादिष्ट बेबी कॉर्न मसाला -
Train Washroom Rule: भूलकर भी इस समय न करें ट्रेन के टॉयलेट का इस्तेमाल, वरना सफर में होगी बड़ी दिक्कत -
गर्मियों में कम बजट में घूमने के लिए बेस्ट हैं भारत की ये 9 जगहें, परिवार के साथ बनाएं ट्रिप का प्लान -
फेमस शेफ पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर: क्या पुरुषों को भी हो सकती है यह बीमारी? जानें लक्षण और बचाव
Air Pollution: अजन्में बच्चें के लिए जहर से कम नहीं है दिल्ली की हवा, गर्भवती महिलाएं रहें सम्भलकर!
air pollution effects on unborn child : दिल्ली एनसीआर में इस वक्त लाखों की तादाद में गर्भवती सांस ले रहीं हैं और यह जहरीली हवा मां के जरिए अजन्में बच्चें के लिए घातक साबित हो रही है। हाल ही में बढते हुए प्रदूष्ण के स्तर को देखते हुए कुछ शोध किए गए हैं। इनमें पता चला है कि बढ़ता प्रदूषण अजन्में बच्चे को प्रभावित कर रहा है।
रिसर्च में सामने आया है कि गर्भावस्था के दौरान मां के शरीर में मौजूद प्रदूषण भ्रूण तक पहुंच जाता है जो बच्चे के लिए बेहद हानिकारक होता है। फिलहाल दिल्ली में 400 से अधिक एक्यूआइ है। ऐसी स्थिति में बच्चे को गर्भ में बचाना डॉक्टरों के लिए चुनौती से कम नहीं है।

रिसर्च ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में वैज्ञानिकों को पहली बार तीन महीने के भ्रूण के शरीर में वायु प्रदूषण के कण मिले हैं जो कि हैरान कर देने वाला है। बच्चे के लिवर, फेफड़ों और मस्तिष्क से नैनो पार्टिकल्स पाए गए हैं। रिचर्स की मानें तो ये मां द्वारा सांस लेने पर प्रदूषण प्लेसेंटा को पार करके भ्रूण तक पहुंचें हैं. ऐसे में मां के प्रदूषित हवा में सांस लेने से शिशु के मस्तिष्क और फेफड़ों का विकास प्रभावित होता है। इससे बच्चे में कम वजन, सीखने की कमी और बौद्धिक विकलांगता जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती है।
मस्तिष्क और फेफड़ों को नुकसान-
रिसर्च की मानें तो प्रदूषित का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क और फेफड़ों के विकास पर पड़ता है। गर्भवती महिलाओं द्वारा प्रदूषित हवा में सांस लेने से भ्रूण के मस्तिष्क और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुँच रहा है।
सांस की बीमारी दे सकता है वायुप्रदूषण
वायु प्रदूषण मां और बच्चे को जोड़ने वाली गर्भनाल को क्षतिग्रस्त करके भ्रूण तक को नुकसान करता है। दरअसल, गर्भवती मां जो भी खाती है वह सीधा बच्चा भी ग्रहण करता है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं में वायु प्रदूषण के कारण प्री-मेच्योर डिलीवरी का खतरा भी रहता है। कुछ मामलों में गर्भ में पल रहा बच्चा सांस संबंधी बिमारियों से भी पीड़ित हो सकता है।
शिशु का वजन होता है प्रभावित-
प्रदूषित हवा में सांस लेने से इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे के वजन पर पड़ता है। धूल और विषैले कण मां के रक्त प्रवाह में मिलकर पोषक तत्वों को शिशु तक पहुंचने से रोकते हैं, जिससे शिशु का विकास प्रभावित होता है और बच्चे का वजन कम हो जाता है।
गर्भवती महिलाएं रखें खास ध्यान
गर्भवती महिलाएं दिन के समय घरों के भीतर रहें, प्रदूषकों को घर में प्रवेश से रोकने के लिए दरवाजे-खिड़की बंद रखें। अगर बाहर जाने की आवश्यकता है तो मास्क जरूर पहनें, जिससे प्रदूषित हवा के शरीर में प्रवेश को रोका जा सके।
- खूब पानी पीएं और ताजे फलों के रस का सेवन करें।
- एयरप्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
दिल्ली में मिनी लॉकडाउन जैसे हालात
राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, प्रदूषण के कारण बढ़ती चिंताओं को देखते हुए सरकार ने कुछ पाबंदियां लागू की हैं। इसके लिए दिल्ली में मिनी लॉकडाउन लगा दिया है। राज्य की शिक्षामंत्री दिल्ली में प्राथमिक विद्यालय 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। 6-12 कक्षा के लिए स्कूलों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराने का विकल्प दिया गया है।



Click it and Unblock the Notifications