Latest Updates
-
गर्मी में टैनिंग से काली पड़ गई है गर्दन? टेंशन छोड़ें और आजमाएं दादी मां के ये 5 अचूक घरेलू नुस्खे -
Apara Ekadashi 2026: 12 या 13 मई, कब रखा जाएगा अपरा एकादशी का व्रत? जानें पूजा विधि और पारण का समय -
Eid-ul-Adha 2026: 27 या 28 मई, भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद? जानें क्यों दी जाती है कुर्बानी -
Mother's Day से पहले सोनम कपूर ने दिया बड़ा सरप्राइज, रिवील किया बेटे का नाम, महादेव से है गहरा नाता -
इन नक्षत्रों में जन्में लोग करते हैं दुनिया पर राज! बनते हैं वैज्ञानिक और लीडर, क्या आपका भी लकी नं 1? -
देश में डेंगू का तांडव, टूटा 5 साल का रिकॉर्ड! जानें Dengue के लक्षण और बचाव के उपाय -
Mother's Day 2026: मिलिए उन 7 जांबाज 'सुपर मॉम' से जिन्होंने बच्चों के साथ क्रैक किया UPSC, बनीं IAS -
Mother's Day 2026 Wishes For Mother In Sanskrit: मदर्स डे पर देववाणी संस्कृत में कहें अपनी मां को धन्यवाद -
Happy Mother's Day 2026 Wishes: रब से पहले मां का नाम...मदर्ड डे पर अपनी मां को भेजें ये दिल छूने वाले मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 10 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य
Parenting Tips: माता-पिता की स्मोकिंग की आदत टीनएजर पर डाल सकती हैं बुरा असर

हाल ही में स्पेन के बार्सिलोना के यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसाइटी इंटरनेशनल कांग्रेस के एक शोध के मुताबिक, जिन बच्चों के पेरेंट्स धूम्रपान करते हैं, उन किशोरों में भी ई-सिगरेट को ट्राई करने की संभावना 55 प्रतिशत ज्यादा होती है। एक स्टडी के मुताबिक इरिश के किशोरों में शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि ई-सिगरेट की कोशिश करने वालों का अनुपात नाटकीय रूप से बहुत ज्यादा बढ़ रहा है और हालांकि लड़कों के ई-सिगरेट का यूज करने की ज्यादा संभावना है, वहीं लड़कियों के बीच भी इसे यूज करने की दर बहुत तेजी से बढ़ रही है। जिसके कारण शोधकर्ता निकोटीन की लत से जुड़े जोखिमों को लोगों के सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं, और किशोरों की सिगरेट से सुरक्षा के लिए प्रभावी नियम बनाने का मांग कर रहे हैं।
टोबैकोफ्री रिसर्च इंस्टीट्यूट आयरलैंड के एक शोध के मुताबिक 17 से 18 साल के बच्चों के डेटा की जांच की गई, जिसमें यह जानकारी भी शामिल थी कि क्या उनके पेरेंट्स धूम्रपान करते हैं। इस अध्ययन से पता चलता है कि जिन बच्चों के पेरेंट्स स्मोकिंग करते थे, उनमें ई-सिगरेट की कोशिश करने की संभावना लगभग 55 प्रतिशत ज्यादा थी और धूम्रपान करने की कोशिश करने की संभावना 51 प्रतिशत थी।

बच्चों का स्मोकिंग करने का कारण
1. बच्चों के आस-पास जो चीजें होती हैं, वो उन्हें अपनी लाइफ में कॉपी करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में अगर बच्चों के माता-पिता, या घर का अन्य कोई सदस्य स्मोकिंग करता हैं, तो इसका सीधा असर बच्चे पर पड़ता हैं। और बच्चा भी स्मोकिंग करना शुरू कर देता है।
2. गलत संगत का असर होता आपने सुना होगा, लेकिन ये सच भी है। बच्चे जैसे लोगों के साथ उठते बैठते हैं, वैसे ही वो हो जाते हैं। अगर आपके बच्चे के दोस्त या जिनके संगत में वो रहते हैं, वो लोग स्मोकिंग के आदि हैं, तो आपके बच्चे को भी स्मोकिंग की आदत हो सकती है।
3. कई बार माता-पिता के बीच हो रहे विवाद या अन्य करणों से परेशान होकर बच्चे इस तरह की आदतों को अपनाने लगते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि ऐसा करने से उनकी पेरशानी दूर हो जाएगी।

स्मोकिंग के नुकसान
1. स्मोकिंग तो हर उम्र के लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लेकिन अगर छोटी उम्र में ही बच्चे स्मोकिंग करना शुरू कर देते हैं, तो इसका सीधा असर उनके दिल पर पड़ता है। इन बच्चों को दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। सिगरेट आपके दिल और ब्लड वेसेल को भी खराब कर सकती है।
2. सिगरेट पीनें से आपके बच्चे के फेफड़े भी जल्दी खराब हो सकता है। क्योंकिसिगरेट का धुआं आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम में जम जाता है। जिसके कारण आपको अस्थमा और सांस से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
3. स्मेकिंग करने से बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। कई बार उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है। जो उनके शरीर के सभी अंगों को लिए हानिकारक है।

बच्चों को स्मोकिंग से ऐसे रखें दूर
1. अगर आप या घर का कोई अन्य सदस्य स्मोकिंग करता है, तो ऐसे में स्मोकिंग जैसे बुरी आदत से बच्चों को दूर रखने के लिए आप कोशिश करें कि घर का कोई भी सदस्या उनके सामने कभी भी स्मोकिंग ना करें।
2. अगर बच्चा स्मोकिंग करने की बुरी आदत में फंस चुका है, तो आप उन्हें डांटे या मारे नहीं। बल्कि ऐसी स्थिति में आप उन्हें समझें और प्यार से उनसे बात करके स्मोकिंग की बुरी आदत के नुकसानों के बारे में बताएं और उनकी इस आदत को समय पर छुड़वाने की कोशिश करें।
3. अपने बच्चों को ज्यादा समय देने की कोशिश करें। उनके दोस्त बनने की कोशिश करें। और ये जानने की कोशिश करें कि उनकी संगत कैसी हैं।
4. बच्चों के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में बताएं। और हेल्दी खाना खाने के लिए प्रेरित करें।



Click it and Unblock the Notifications