बेटी के जन्म के बाद स्‍वरा भास्‍कर ने मां बनने का शेयर क‍िया एक्‍सपीरियंस, एपिड्यूरल का क‍िया ज‍िक्र

Swara Bhasker on childbirth: बॉलीवुड स्टार स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने अपनी बेटी राबिया की छठी पूजा हाल ही में रखी है। जिसकी तस्वीरें अदाकारा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। अदाकारा स्वरा भास्कर ने अपने परिवार के साथ रीति-रिवाज के साथ बेटी राबिया की छठी पूजा की।

अदाकारा की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर आते ही ही वायरल होने लगी हैं। अब मां बनने के बाद पहली बार स्वरा ने बेटी के जन्म का एक्सपीरियंस साझा किया है और कुछ दिलचस्प किस्सों का भी खुलासा किया है। तो चलिए जानते हैं।

Swara Bhasker opens up about experience o

अब हाल ही में, एक इंटरव्यू में स्वरा ने अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी के बारे में बताते हुए कहा, 'यह एक ब्लेसिंग है। यह मेरे द्वारा अब तक किया गया सबसे कठिन काम भी है। मैं विश्वास नहीं कर सकती कि महिलाएं सदियों से बिना एपिड्यूरल के और कई बार ऐसा कर चुकी हैं। बेटी के जन्म के बाद मुझे समझ में आया की आखिर मां का दर्जा भगवान से ऊपर क्यों दिया गया है।'

बेटी का नाम रखा राबिया रमा अहमद

स्वरा और उनके पति फहाद अहमद ने अपनी बेटी का नाम राबिया रमा अहमद रखा है। मशहूर सूफी संत राबिया बसरी के नाम पर बच्ची का नामकरण किया गया है। अपनी बेटी के मिडिल नेम 'रमा' के बारे में स्वरा ने बताया कि इसका मतलब देवी लक्ष्मी है। यह नाम उनकी नानी का था।

क्‍या होता है एपिड्यूरल

कई महिलाएं ड‍िलीवरी के वक्‍त असहनीय लेबर पेन को बर्दाश्‍त नहीं कर पाती है, तो इसी दौरान दर्द से राहत पाने के लिए एपिड्यूरल का प्रयोग किया जाता है। एनेस्थेसियोलॉजिस्ट पीठ के निचले हिस्से में इंजेक्शन देता है और प्लास्टिक ट्यूब के जरिये रीढ़ की हड्डी के चारों ओर दवा जाती है। ये दर्द से राहत पाने में मदद करता है।

इन महिलाओं को नहीं लगाना चाह‍िए एपिड्यूरल

जिन महिलाओं को पीठ में किसी प्रकार का इंफेक्शन होता है, जिन महिलाओं को पीठ में दर्द रहता है, जिनका ब्लड शुगर लेवल काफी ज्यादा लो हो। ऐसी महिलाओं को इस तकनीक का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि उनके लिए एपिड्यूरल का इस्तेमाल करना जानलेवा तक हो सकता है।

Story first published: Thursday, October 5, 2023, 18:50 [IST]
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