Latest Updates
-
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग -
Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी पर इन आसान तरीकों से सजाएं अपना पूजा घर, यहां देखें 10 डेकोरेशन आइडियाज -
World Coconut Day 2026: सूखा या ताजा नारियल, सेहत के लिए कौन सा ज्यादा फायदेमंद? जानें दोनों में अंतर -
Hal Shashthi Vrat Katha: हरछठ यानी ललही छठ व्रत में जरूर पढ़ें ये कथा, नहीं तो अधूरी मानी जाएगी पूजा -
Hal Shashti 2026 Wishes: मां की ममता...ललही छठ पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब है, 4 या 5 सितंबर? जानें सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त -
Badshah Divorce: 5 महीने में ही टूट गई बादशाह की दूसरी शादी, ईशा रिखी संग तलाक का किया ऐलान -
National Nutrition Week 2026: क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय पोषण सप्ताह? जानें इसका इतिहास और महत्व -
September 2026 Vrat Tyohar List: सितंबर में आएंगे जन्माष्टमी समेत कई प्रमुख व्रत-त्योहार, देखें पूरी लिस्ट -
जन्माष्टमी 2026: 3 या 4 सितंबर? कन्फ्यूजन छोड़ें, जानें सही तारीख और निशिता पूजा का शुभ मुहूर्त
इस महिला के हैं 2 यूट्रस और दोनों में पल रहे हैं बच्चे, 5 करोड़ में से एक महिला को होती हैं ये दुर्लभ स्थिति
Double Uterus Found In Pregnant Woman In US : किसी महिला के जुड़वां या तीन-चार बच्चे एक साथ पैदा होने की खबरें तो आपने सुनी होंगी, लेकिन कभी आपने किसी महिला को दो गर्भाशय होने की बात सुनी। जी हां, अमेरिका की 32 साल की केल्सी हैचर (Kelsey Hatcher) के पास दो यूट्रस है। हैरानी की बात यह है कि उनके दोनों यूट्रस में बच्चे पल रहे हैं।
डबल यूट्रस या दो गर्भाशय की स्थिति को डिडेल्फ़िस कहा जाता है जो अपने आप में दुर्लभ है। लाखों में से एक महिला को यह स्थिति होने की संभावना रहती है। खुद हैचर और उनके पति कालेब भी इसे लेकर शॉक्ड है कि ऐसा कैसे हो सकता है।

इस बारे में हैचर और उनके पति कालेब बताते हैं कि जब वो आठ हफ्ते की अल्ट्रासाउंड कराने गए तो उन्हें पता चला कि वह दो बच्चों की उम्मीद कर रही थी। उनकी मानें तो हैचर जन्म से ही गर्भाशय डिडेल्फ़िस या डबल गर्भाशय के साथ पैदा हुईं। जिसका अर्थ है कि वह दो गर्भाशय और दो गर्भाशय ग्रीवा उनके अंदर है। 3 बच्चों की मां ने "गुड मॉर्निंग अमेरिका" को बताया,'जब मुझे पहली बार पता चला, तो मैंने सोचा कि क्या मैं ऐसे किसी इंसान से संपर्क कर सकती हूं जो इस स्थिति से गुजरा हो।
ये जानने के लिए कि उसका अनुभव क्या थे। लेकिन मुझे लगता है कि मैंने सिर्फ दो ही ऐसे मामले पढ़े हैं जिसमें पूरी तरह अलग गर्भाशय यानी यूट्रस में गर्भधारण हुआ था। ऐसा कोई मामला नहीं था जिससे मैं संपर्क कर सकती थी।
डॉक्टर ने प्रेग्नेंसी को बताया 'रिस्की'
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एक डॉक्टर का कहना है कि ये प्रेग्नेंसी काफी रेयर और रिस्की है। क्योंकि इसमें मामला एक महिला के दो अलग-अलग गर्भाशयों से बच्चे के जन्म का है। कभी-कभी ऐसा देखा जाता है कि गर्भाशय को जोड़ने वाली जो दो छोटी ट्यूब होती हैं, वह बच्चे का निर्माण करने के लिए ठीक तरीके से जुड़ नहीं पातीं। दो गर्भाशय वाली महिला आसानी से प्रेग्नेंट हो सकती हैं, लेकिन ऐसी महिलाओं को अक्सर मिसकैरेज और वक्त से पहले डिलीवरी होने खतरा रहता है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार दो गर्भाशय होना एक दुर्लभ स्थिति जो मादा भ्रूण में विकसित हो जाता ही। कभी-कभी गर्भाशय को बनाने वाली दो छोटी नलिकाएं एक बड़े अंग का निर्माण करने के लिए पूरी तरह से जुड़ नहीं पाती हैं। जिन महिलाओं के दो यूटरेस होते हैं, उनकी सफल प्रेग्नेंसी होती है, पर कई बार उन्हें मिसकैरिज भी हो जाता है।
क्या होती है डिडेल्फ़िस या डबल यूट्रस?
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी परिस्थिति तब बनती है जब महिला में यूट्रस दो छोटी-छोटी ट्यूब में बंट जाता है। ये दोनों ही ट्यूब जुड़ी हुई हो सकती हैं और ये अंदर से खोखली होती हैं। गर्भाशय के औसत आकार की अपेक्षा ये दोनों थोड़े छोटे होते हैं। ऐसी स्थिति क्यों बनती हैं इसका पूरा पता नहीं लगाया जा सका है। डॉक्टरों के मुकाबले इसका कोई स्थाई इलाज भी सामने नहीं आया है।
डबल यूट्रस क्या होता है?
डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे मामले बेहद ही दुर्लभ होते हैं। ऐसी स्थिति में महिलाओ में गर्भपात और प्री-मैच्योर डिलीवरी होने की भी अधिक संभावना रहती है और ज्यादा रक्तस्नाव का भी खतरा रहता है। डॉक्टर ऐसी स्थिति में सिजेरियन डिलीवरी ही प्रिफर करते हैं ताकि महिला को जान का खतरा कम से कम हो। डॉक्टरों का कहना है कि महिला को दो बार प्रसव पीड़ा से भी गुजरना पड़ सकता है। पूर्व में भी ऐसे कुछ मामले सामने आ चुके हैं, जब एक महिला ने 25वें हफ्ते में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, वहीं दूसरे मामले में डिलीवरी काफी लेट हुई थी।
लक्षण
कुछ लक्षणों के आधार पर डबल यूट्रस की पहचान के लिए जांच कराई जा सकती है। अगर महिला को बार-बार गर्भपात हो, अक्सर रक्तस्नाव हो या पीरियड्स के दौरान सामान्य से बहुत अधिक दर्द रहता हो तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर मिलना चाहिए। पेल्विक टेस्ट, गर्भाशय का एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई की मदद से डॉक्टर इस स्थिति का पता लगा सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications