मैथ में है कम नंबर फिर भी बच्चा बन सकता है जीनियस, पहचानिए अपने बच्चे के हिडन टैलेंट को

क्रिकेट मैदान में कई रिकॉर्ड बनाने वाले विराट कोहली ने साल 2004 में 10वीं की परीक्षा दी थी, जिसमें उन्‍‍हें गणित में 51 मार्क्‍स आए थे। विराट कोहली ने मार्कशीट की फोटो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है 'यह कितना अजीब है कि चीजें जो आपकी मार्कशीट में सबसे कम दिखाई देती हैं वो आपके चरित्र में सबसे अधिक होती हैं।'

दरअसल कोहली ने इस पोस्ट के जरिए अपने गणित के मार्क्‍स की तरफ इशारा किया था, जिसमें बाकी विषय के मुकाबले उन्‍हें सबसे कम अंक मिले थे और मैदान में उनके मार्क्‍स यानी स्‍कोर ज्‍यादा हैं। इस पोस्‍ट के जरिए उन्‍होंने ये बात भी बता दी क‍ि मार्क्‍सशीट में कम अंक आने के बाद भी बच्‍चें अपने इंटरस्‍ट के जरिए अपने ह‍िडन टैलेंट के जरिए बेहतर फ्यूचर बना सकते हैं।

Virat Kohli 10th Marksheet: How can we discover each child unique potential and hidden talents

इससे पहले 2009 बैच के आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने ट्विटर पर अपनी कक्षा 10 की मार्कशीट शेयर करके सुर्खियों में आए थे, क्‍योंक‍ि 10 वीं उन्‍होंने थर्ड डिवीजन से पास क‍िया था, वहीं UPSC सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम प्रयास में इंटरव्यू निकालने के बाद दूसरे प्रयास में AIR 77 आई थी। ये कुछ ऐसे उदाहरण है जो हमें बताते हैं क‍ि सिर्फ पढ़ाई ही नहीं अपने ह‍िडन स्किल्‍स को इम्‍प्रूव करके भी बच्‍चें अपने फ्यूचर को ब्राइट बना सकते हैं।

Virat Kohli 10th Marksheet: How can we discover each child unique potential and hidden talents

बच्चे के हिडन टैलेंट या स्किल्‍स को इम्‍प्रूव करने से पहले इसे पहचानना भी जरूरी होता है। इसके लिए पैरेंट्स को बच्‍चों की एक्टिविटीज पर पैनी नजर रखनी चाहिए। डेली रुटीन एक्टिविटीज को एनालिसिस करने के बाद आप उनके इंटरस्‍ट के बारे में जान पाएंगे। इसलिए यह पैरेंट्स की जिम्मेदारी बनती हैं कि वे अपने बच्चे की एक्टिविटीज को ध्यान दें। हम यहां कुछ ऐसे सुझाव दे रहे हैं जिसके जरिए पैरेंट्स अपने बच्चों की स्किल्‍स का पता लगाकर उनके सुनहरे भविष्‍य की नींव रखने में मदद कर सकते हैं।

Virat Kohli 10th Marksheet: How can we discover each child unique potential and hidden talents
  • अपने बच्चे की जिज्ञासा और को सुनें और समझें साथ ही यह भी सुनें कि शिक्षक या परिवार के अन्य सदस्य और दोस्त आपके बच्‍चें के बारे में क्या राय रखते हैं और उनके पैशन को कभी कम न आंके। बच्चों के इंटरेस्‍ट लेवल ही उनके इंटरस्‍ट के प्रति ही उनका डेडिकेशन बताता हैं। सही गाइडेंस मिलने से वो आगे चलकर उस फील्‍ड में बेहतर प्रदर्शन कर सकता हैं।
  • बच्चों में सहज क्र‍िएटिव‍िटी और विचार होते हैं जिन पर वे काम करना पसंद करते हैं -बच्‍चों के टैलेंट को इम्‍प्रूव करने के ल‍िए खेल के माध्यम से या दूसरे क्रिएटिव तरीकों से उनके फेवरेट फील्‍ड के बारे में सवाल पूछते रहिए। जैसे, सोचें 'क्यों', 'क्या' और 'कैसे' सवाल उनकी सोच को विकसित करने में मदद करते हैं।
  • जब आपको अपने बच्चे क‍ि क‍िसी खास दिलचस्‍पी या स्किल्‍स के बारे में पता चलता है तो उसके इस टैलेंट को बाहर लाने के लिए आप वर्कबुक प्रोजेक्ट्स की मदद लें। दरअसल, जब बच्चे वर्कबुक प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं तो इससे उनके दिमाग में नए आइडियाज डवलप होते हैं। उनके स्किल्‍स में न‍िखार भी आता है साथ ही साथ वो नया करने के इरादे से ज्‍यादा बेहतर होते जाते हैं।
  • जब भी आपको अपने बच्‍चें की टैलेंट के बारे में मालूम चलें तो उसे तराशने के लिए प्रोफेशनल हेल्प लें। मसलन, आप संबंधित कोर्स या क्लास में बच्चे का दाखिला करवाएं। जिससे बच्चे को अपने टैलेंट को एक सही दिशा मिलेगी। एक्सपर्ट गाइडेंस मिलने से बच्‍चें अपने इंटरस्‍ट एरिया में अच्छा कर पाते हैं।
  • इन दिनों ऑनलाइन कई सारी जानकारी मौजूद है। बच्‍चों के टैलेंट को सामने लाने में आप ऑनलाइन हेल्प लेकर बच्चों को उस एरिया से जुड़ी कुछ बेसिक जानकारी से संबंधित वीडियोज दिखाएं और उनके स्किल्‍स को इम्‍प्रूव करें।

( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )

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