पति की मौत के 15 महीने बाद पैदा हुई बेटी, इस मेडिकल टेक्निक से हुआ यह कमाल, जानें क्‍या है PSR?

What is Posthumous Sperm Retrieval : ऑस्ट्रेलिया की एक महिला ने अपने पति की मौत के डेढ़ साल बाद उसके बच्चे को जन्म दिया है। हो सकता है क‍ि आपको इस बात पर यकीन न हो लेक‍िन यह मामला मेडिकल साइंस के चमत्‍कार को साबित करता है। दरअसल ऑस्ट्रेलियाई मॉडल एलिडी पुलिन के वर्ल्ड चैंपियन एथलीट पति एलेक्स पुलिन की 4 साल पहले जुलाई 2020 में छली पकड़ने के दौरान डूबने से उनकी मौत हो गई। एलेक्स सिर्फ 32 साल के थे।

द सन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, एलिडी ने एक पॉडकास्ट में बताया कि 8 जुलाई 2020 को 32 साल के एलेक्स मछली पकड़ते हुए डूबकर मर गए। एलिडी को इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ क्योंकि एलेक्स एक अच्‍छे तैराक थे। मगर एलिडी की ख्‍वाह‍िश थी क‍ि वो एलेक्‍स के बच्चे की मां बने।

What is Posthumous Sperm Retrieval

एलेक्स की मौत के कुछ ही घंटों बाद ही एलिडी ने एलेक्‍स का स्पर्म फ्रीज करवा दिया। जिसके मदद से वो अक्‍टूबर 2021 में वो एलेक्‍स के बच्‍चे की मां बनने में सफल रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रो‍सीजर को (Posthumous Sperm Retrieval) पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल या (PSR) कहा जाता है आइए जानते है क‍ि आखिर क्‍या होता है और कैसे काम करता है?

पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल क्‍या है? (Posthumous Sperm Retrieval) )

पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल एक ऐसी प्रक्र‍िया जो किसी के पुरूष के मरने के 24 से 36 घंटे के बीच ही संभव है। इसमें मृत व्‍यक्ति के स्‍पर्म को खास टेक्निक से स्टोर कर फ्रीज कर लिया जाता है। ये काम इन्जेक्शन, इलेक्ट्रोइजेक्युलेशन या अंडकोष की सर्जरी करके किया जाता है।

इसके बाद स्‍पर्म को स्‍टोर करने के ल‍िए खास क‍िस्‍म के फ्लूड में रखा जाता है। इस फ्लूड से स्पर्म को पोषण म‍िलता रहता है। इसके बाद स्पर्म को फ्रीज कर दिया जाता है। अब जब उस व्‍यक्ति की पत्‍नी इस स्‍पर्म की मदद से गर्भधारण कर सकती हैं।

इस तरह क‍रवाया जाता है गर्भधारण

जब महिला कंसीव करने का निर्णय लेती हैं तब वह फर्टिलिटी एक्सपर्ट के पास जाकर ICSI Intracytoplasmic sperm injection या आईवीएफ प्रक्रिया से गर्भधारण कर सकती है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले महिला में अल्ट्रासाउंड के माध्यम उसका फॉल‍िक्‍युलर स्‍कैन क‍िया जाता है। पीरियड के बाद अंडा बनने की प्रक्रिया को स्‍कैन करवाया जाता है। जब अंडा फर्टिलाइजेशन के ल‍िए तैयार होता है तब इस प्रोजीसर के जरिए अंडाशय से अंडे को निकालकर टेस्ट ट्यूब बेबी तैयार किया जाता है। फिर इस अंडे को पुरुष के फ्रीज किए हुए स्पर्म से फ्यूज कराया जाता है। इसके बाद फर्टिलाइज्‍ड एग को फ‍िर से महिला के गर्भाशय में इंप्लांट कर दिया जाता है। अगर सब सही रहा तो नॉर्मल तरीके से भ्रूण महिला के पेट में विकसित होने लगता है और नौ महीने के बाद शिशु का जन्‍म होता है।

भारत में हो चुका है ये करिश्‍मा

आप शायद पहली बार ऐसा मामला सुन रहे हो लेक‍िन आपको बता दें क‍ि भारत में कई साालें पहले ऐसे मामलों का अंजाम दे दिया गया है। जहां पति की मुत्‍यु के बाद महिला ने उसके स्‍पर्म से बच्‍चे को जन्‍म दिया है।

Story first published: Tuesday, June 11, 2024, 18:53 [IST]
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