Latest Updates
-
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम
दोस्तों को देखकर आपसे भी तरह-तरह की डिमांड करता है बच्चा, तो हैंडल करें सिचुएशन
पैरेंटिंग काफी चैलेंजिंग है। अमूमन पैरेंट के रूप में आपको बच्चों की कई तरह की समस्याओं को सुलझाना होता है। बच्चे बेहद ही मासूम होते हैं, इसलिए वे चीजों या परिस्थिति को उतनी बेहतर तरीके से नहीं समझते हैं। कई बार ऐसा होता है कि जब बच्चे का कोई दोस्त नया खिलौना या फिर कोई आइटम खरीदता है तो बच्चा भी उसे खरीदने की जिद करने लगता है।
कई बार तो वह अपनी जिद पूरी करने के लिए तरह-तरह की जुगत भी लगाता है। ऐसे में पैरेंट्स उसकी बात मान लेते हैं। जबकि वास्तव में यह तरीका बिल्कुल भी सही नहीं है।

अपने दोस्तों को देखकर बच्चे का किसी चीज की डिमांड करना असामान्य नहीं है। कम उम्र में बच्चे वह सब कुछ चाहते हैं, जो उनके दोस्तों के पास है। लेकिन इस स्थिति में उन्हें प्यार से समझाना जरूरी होता है। दरअसल, ऐसे कई तरीके होते हैं, जो इस सिचुएशन को हैंडल करने में आपकी मदद कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में-
ना कहने से बचें
कई बार ऐसा होता है कि बच्चे की किसी डिमांड को सुनकर पैरेंट्स सीधे ही उन्हें मना कर देते हैं। यह तरीका बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता है। इससे बच्चे की फीलिंग्स उसके अंदर ही रह जाती है और ऐसे में वह बहुत अधिक नेगेटिव सोचने लगते हैं। इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि अगर बच्चा आपसे कोई बात कहता है या फिर कोई डिमांड करता है तो आप उसके साथ ओपन कम्युनिकेशन करें। उस दौरान उसकी फीलिंग्स को ध्यान से सुनें और उसी के अनुसार प्यार से जवाब दें।
सिखाएं पैसों की अहमियत
आज के समय में अधिकतर बच्चे अपने बच्चों की देखा-देखी तरह-तरह की चीजों की डिमांड इसलिए भी करते हैं, क्योंकि उन्हें कम उम्र में पैसों की अहमियत के बारे में पता ही नहीं होता है। पैसों को स्मार्टली किस तरह हैंडल किया जाए, इससे वे पूरी तरह अनजान होते हैं। इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि आप उन्हंे पैसों को सही तरह से इस्तेमाल करना सिखाएं। इसका सबसे अच्छा तरीका है कि आप उन्हें एक गुल्लक दें और उसमें नियत समय पर एक निश्चित रकम डालें। आप उन्हें समझाएं कि ये पैसे उनके हैं और अब उन्हें अपने अतिरिक्त सामान के लिए इन्हीं पैसों को खर्च करना होगा। इससे वे सोच-समझकर पैसे खर्च करना सीख जाएंगे।
सच्चाई से करवाएं अवगत
कई बार बच्चे अपनी फैमिली की फाइनेंशियल स्थिति व वैल्यूज आदि से पूरी तरह से वाकिफ नहीं होते हैं। जिसके कारण वे तरह-तरह की जिद करते हैं। इसलिए, पैरेंट के रूप में यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप बच्चे को अपने फैमिली वैल्यूज और फाइनेंशियल सिचुएशन के बारे में बताएं। उन्हें यह समझाएं कि दूसरों से तुलना करने की जगह उन्हें उनके पास जो कुछ है, उसकी सराहना करनी चाहिए। जब बच्चे रियलिस्टिक उम्मीदें रखना सीख जाते हैं तब इस तरह की समस्या नहीं होती है।
तय करें सीमाएं
एक पैरेंट के रूप में आप यकीनन अपने बच्चे की हर ख्वाहिश पूरी करना चाहेंगे, लेकिन फिर भी आपको कुछ सीमाएं जरूर तय करनी चाहिए। मसलन, आप बच्चे के लिए एक महीने में एक गिफ्ट का रूल बना सकते हैं। साथ ही, गिफ्ट की प्राइस रेंज भी तय कर दें। इससे बच्चा अपनी इच्छाओं पर बेहतर तरीके से काबू करना सीख जाता है। साथ ही साथ, इससे उनमें अच्छी आदतों का संचार भी होता है।
कमाने का मौका दें
पैसों की अहमियत सिखाने का सबसे अच्छा तरीका यह भी होता है कि आप उन्हें खुद कमाने का अवसर दें। मसलन, अगर बच्चा उम्र में बड़ा है तो आप उसे घर के कामों या फिर कुछ अन्य एक्टिविटीज के बदले कुछ पैसे दे सकते हैं। ऐसे में जब वे मेहनत करके पैसे कमाते हैं तो वे बेहद ही सोच-समझकर उसे खर्च करते हैं। साथ ही, उनकी दूसरों की देखा-देखी करने की आदत भी छूट जाती है।



Click it and Unblock the Notifications