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नवरात्रि के दौरान कई महिलाएं पूरे नौ दिन व्रत रखती हैं। हालांकि, गर्भवती महिलाओं के लिए यह निर्णय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वे अक्सर यह सोचती हैं कि व्रत रखना चाहिए या नहीं, और यदि वे व्रत रखने का फैसला करती हैं, तो उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं इस विषय पर विशेषज्ञों की राय।

क्या है एक्सपर्ट की राय?
न्यूट्रीशनिस्ट अंजलि पाठक का कहना है कि प्रेग्नेंसी में फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। गर्भावस्था में महिलाओं को अपनी खुराक के अतिरिक्त 500-800 कैलोरीज की जरूरत पड़ती है और शिशु के विकास के लिए हर 2-3 घंटे में कुछ खाते रहना जरूरी है। ज्यादा देर तक भूखे रहने से मां और बच्चे दोनों की हेल्थ पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान अगर आप डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड डिसऑर्डर्स, एनिमिया या वजन कम होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं तो व्रत बिल्कुल न रखें।
इस समय सोच समझकर रखें व्रत
पहली और तीसरी तिमाही गर्भवती महिला और शिशु के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इन समय में व्रत नहीं रखना चाहिए। यदि गर्भावस्था सामान्य है, तो आप डॉक्टर की सलाह और उचित डाइट का ध्यान रखते हुए नवरात्रि में व्रत रख सकती हैं।
दूसरी तिमाही व्रत रखते हुए सावधान रहे
दूसरी तिमाही (चौथा, पांचवां, और छठा महीना) में न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार दूसरी तिमाही में व्रत रखना थोड़ा सुरक्षित हो सकता है। लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि आप पूरे दिन भूखे नहीं रहे। इसके अलावा शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाने के लिए पानी, छाछ, और नारियल पानी पिएं। हर 2-3 घंटे में कुछ न कुछ खाती रहें।
व्रत के दौरान प्रेग्नेंट महिलाएं इस डाइट को फॉलो करती हैं?
ब्रेकफास्ट: अमरनाथ (चौलाई) का दलिया या डोसा खा सकती हैं। साथ ही, ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट, और खजूर भी ले सकती हैं।
दोपहर का फलाहार: अनार का जूस या केला खाने से पहले लेना फायदेमंद रहेगा। इन उपायों से आप व्रत रखते हुए अपनी सेहत का भी ध्यान रख सकती हैं।
लंच : लंच में कार्बोहाइड्रेट्स की उचित मात्रा शामिल करें। कुट्टू एक अच्छा कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन स्रोत है, जिसमें सभी आवश्यक 9 एमिनो एसिड्स होते हैं। सुनिश्चित करें कि कुट्टू का आटा सही स्थान से खरीदा गया हो और उसे लंबे समय तक स्टोर नहीं किया गया हो। प्रेग्नेंसी में डीप फ्राइड खाद्य पदार्थों से बचें। इसके बजाय, आलू से भरी कुट्टू की रोटी या देसी घी लगाकर बना पराठा खा सकती हैं। आप 2-3 कुट्टू-आलू की रोटियां, रायता, और टमाटर की चटनी भी ले सकती हैं।
शाम का नाश्ता : शाम में घी में बना सिंघाड़े के आटे का हलवा लें। सिंघाड़ा आटा विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होता है और ऊर्जा का अच्छा स्रोत है। इसे सीमित मात्रा में ही सेवन करें।
रात का खाना : रात के खाने में घी में बने सामक की खिचड़ी खा सकती हैं। सामक मिलेट का एक प्रकार है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, और आवश्यक विटामिन्स होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह आपके ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद करता है। सामक चावल आयरन का भी अच्छा स्रोत है।
खूब वॉक करें
हर दिन 15-20 मिनट की वॉक करें ताकि आपका शरीर सक्रिय और स्वस्थ रहे। यदि आप उपरोक्त टिप्स का पालन करती हैं, तो नवरात्रि में एक दिन का व्रत रख सकती हैं। लेकिन ध्यान रखें कि एक दिन से ज्यादा फास्टिंग न करें और व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।



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