Latest Updates
-
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर तुलसी तोड़ सकते हैं या नहीं? जानें क्या हैं धार्मिक नियम -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग -
Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी पर इन आसान तरीकों से सजाएं अपना पूजा घर, यहां देखें 10 डेकोरेशन आइडियाज -
World Coconut Day 2026: सूखा या ताजा नारियल, सेहत के लिए कौन सा ज्यादा फायदेमंद? जानें दोनों में अंतर -
Hal Shashthi Vrat Katha: हरछठ यानी ललही छठ व्रत में जरूर पढ़ें ये कथा, नहीं तो अधूरी मानी जाएगी पूजा -
Hal Shashti 2026 Wishes: मां की ममता...ललही छठ पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब है, 4 या 5 सितंबर? जानें सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त
Flaky Sweet Traditional Balushahi Recipe: घर पर बनाएं हलवाई जैसी रसीली बालूशाही
त्योहारों का सीजन हो या कुछ मीठा खाने का मन, बालूशाही का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। यह एक ऐसी पारंपरिक मिठाई है जो बाहर से खस्ता और अंदर से चाशनी से लबालब भरी होती है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर बालूशाही हलवाई जैसी रसीली और नरम नहीं बनती।
कभी यह पत्थर जैसी सख्त हो जाती है तो कभी चाशनी इसके अंदर तक नहीं पहुंचती। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी Veg बालूशाही रेसिपी बताएंगे जिससे आपकी मिठाई एकदम परफेक्ट और जालीदार बनेगी। इस आसान तरीके से आप घर बैठे ही बाजार जैसा लाजवाब स्वाद पा सकते हैं।

बालूशाही बनाने के लिए जरूरी सामग्री
- मैदा: 2 कप (करीब 250 ग्राम)
- शुद्ध घी: आधा कप (मोयन के लिए)
- ताजा दही: 2 बड़े चम्मच
- बेकिंग पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- चीनी: 1.5 कप (चाशनी तैयार करने के लिए)
- इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- केसर के धागे: 8-10 (वैकल्पिक)
- पिस्ता: बारीक कटे हुए (सजावट के लिए)
- तेल या घी: तलने के लिए आवश्यकतानुसार
Veg बालूशाही बनाने की विधि
सबसे पहले एक बड़े मिक्सिंग बाउल में मैदा और बेकिंग पाउडर को अच्छी तरह छान लें। अब इसमें आधा कप घी और दही डालें। इन सबको हल्के हाथों से मिलाएं। ध्यान रहे कि आपको आटा गूंथना नहीं है, बस सारी चीजों को एक साथ इकट्ठा करना है।
अगर आप आटे को ज्यादा मसल देंगे तो बालूशाही की परतें खत्म हो जाएंगी। अब इस मिश्रण में थोड़ा सा पानी छिड़कें और इसे एक नरम लोई की तरह जोड़ लें। इस तैयार आटे को करीब 20 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर छोड़ दें।
जब तक आटा सेट हो रहा है, तब तक चाशनी तैयार कर लें। एक गहरे पैन में चीनी और एक कप पानी डालकर उबालें। इसमें इलायची पाउडर और केसर डालें। चाशनी को तब तक पकाएं जब तक कि वह एक तार की न हो जाए।
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें। इन्हें हथेलियों के बीच रखकर गोल करें और बीच में अंगूठे से एक गहरा छेद कर दें। यह छेद करना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे बालूशाही अंदर तक अच्छी तरह से सिकती है और चाशनी सोखती है।
एक कड़ाही में घी गरम करें। आंच को बिल्कुल धीमा रखें। जब घी हल्का गरम हो जाए, तो इसमें बालूशाही डालें। इन्हें धीमी आंच पर तब तक तलें जब तक ये तैरकर ऊपर न आ जाएं और दोनों तरफ से सुनहरी न हो जाएं।
तली हुई बालूशाही को सीधे गरम चाशनी में डाल दें। इन्हें कम से कम 15 मिनट तक चाशनी में डूबा रहने दें। जब ये चाशनी को अच्छी तरह सोख लें, तो इन्हें बाहर निकालें और ऊपर से कटे हुए पिस्ते से सजाकर सर्व करें।
अंत में
घर पर बनी यह रसीली बालूशाही न केवल शुद्ध है बल्कि इसका स्वाद भी किसी बड़े हलवाई की दुकान जैसा है। इसे आप किसी भी खास मौके पर बना सकते हैं और मेहमानों की तारीफ पा सकते हैं। बस धीमी आंच पर तलने का धैर्य रखें और फिर देखें कमाल।
Boldsky लाइफस्टाइल की सारी खबरें यहां पाएं | Subscribe to Hindi Boldsky.



Click it and Unblock the Notifications