Latest Updates
-
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं -
बारिश का पानी स्किन के लिए अच्छा या खराब, जानें मानसून में इसके फायदे और नुकसान -
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा -
Yogini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम -
Varalakshmi Vrat 2026: सावन के आखिरी शुक्रवार को करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन-दौलत -
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग -
बारिश के मौसम में भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 5 फल, सेहत को हो सकता है नुकसान -
Sapne Me Aam Dekhna: सपने में आम दिखना शुभ या अशुभ? जानें इसका मतलब
मुगल स्टाइल से बनाएं शानदार शिरमल नान
शिरमल मुगल नुस्ख़ा परंपरागत रूप से तंदूर में बनाया जाता है, लेकिन यह आपके रसोईघर में तवे पर भी बड़ी आसानी से तैयार किया जा सकता है।
शिरमल भारत-पाक-उप- महाद्वीप में एक हल्के-मिठे केसर के स्वादवाले नान के जैसे प्रसिद्ध है। हालांकि यह मुगल परंपरागत रूप से तंदूर में बनाया जाता है, लेकिन यह आपके रसोईघर में तवे पर भी बड़ी आसानी से तैयार किया जा सकता है।
आटे में गुनगुना दूध और मसालों का संयोजन उसे एक शाही स्वाद प्रदान करता है। इन्हें आप मुख्य भोजन में परोस सकते हैं या फिर चाय के साथ नाश्ते की तरह भी इसका मज़ा लिया जा सकता है। परोसने से पहले शिरमल पर घी चुपड़ना न भूलें, क्योंकि घी इसे अत्यधिक स्वादिष्ट बनाता है। इस मुगलाई नान को लज्ज़तदार पनीर और शाहजहानी दाल के साथ परोसें।
सामग्री
- एक चौथाई टी-स्पून केसर
- एक या आधा कप कप मैदा
- एक चौथाई कप घी
- एक टी-स्पून शक्कर
- एक टी-स्पून बेकिंग पाउडर
- आधा टी-स्पून इलायची पाउडर
- नमक , स्वादानुसार
- आधा कप दूध
- मैदा , बेलने के लिए
- घी , चुपड़ने के लिए
विधि
- एक छोटे कटोरे में केसर और एक टी-स्पून गर्म पानी डालकर उसे अच्छी तरह मिलाइए और एक तरफ रख दीजिए।
- एक गहरे बाउल में मैदा, घी, शक्कर, बेकिंग पाउडर, इलायची पाउडर, केसर-पानी का मिश्रण और नमक डालकर दूध का उपयोग करते हुए नरम आटा गूथ लीजिए।
- गीले मलमल के कपड़े से आटा को ढ़ककर 30 मिनट तक एक तरफ रख दीजिए।
- आटे को 10 बराबर भाग में बाँट लीजिए।
- आटे के प्रत्येक भाग को थोड़े सूखे मैदा का प्रयोग कर के 100 मिमी (5") व्यास के गोल आकार में बेल लीजिए।
- एक नानॅ-स्टिक तवा गरम कीजिए और उस पर शीरमल रखिए और तब तक पकने दें जब तक थोडा सा फुल नहीं जाता और फिर पलट कर दूसरी तरफ पकाइए।
- शिरमल दूसरी तरफ से जब थोडा फूल जाए तो उसे खुली आँच पर दोनों तरफ सुनहरे भूरे रंग के होने तक सेकिए।
- विधि क्रमांक 5 से 7 को दोहराकर 8 और शिरमल बनाइए।
- सभी शिरमल पर थोड़ा घी चुपड़कर तुरंत परोसिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications