Latest Updates
-
Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी व्रत में जरूर करें इन नियमों का पालन, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल -
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: बुधवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध देव की कृपा, जानें किसे मिलेगा धन लाभ -
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा
भाई दूज के दिन कपल्स फिजिकल रिलेशन बना सकते हैं या नहीं? जानें पति-पत्नी के लिए क्या है नियम
Bhai Dooj rules for husband and wife: आज 23 अक्टूबर दिन वीरवार को भाई दूज का पर्व मनाया गया है। ये पर्व प्रेम, स्नेह और पवित्र रिश्तों का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनके दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई अपनी बहन के घर जाता है और तिलक करवाता है। वहीं इस दिन पर कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या इस दिन पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध बनाना उचित है या धर्मशास्त्रों के अनुसार वर्जित माना गया है?
धर्मग्रंथों और पुराणों के अनुसार, भाई दूज का दिन पवित्रता और संयम का प्रतीक है। यह दिन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की मर्यादा को दर्शाता है। अगर आपका भी यही सवाल है तो आइए जान लेते हैं कि इस दिन पति-पत्नी को लेकर क्या नियम बनाए गए हैं।

क्यों मनाया जाता है भाई दूज?
भाई दूज हिंदू धर्म का एक पवित्र और स्नेह से भरा पर्व है, जो भाई-बहन के अटूट रिश्ते और स्नेह को समर्पित है। दीपावली के दो दिन बाद आने वाला यह त्योहार उस पवित्र बंधन का प्रतीक है, जिसमें बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन यमराज ने अपनी बहन यमुना के घर जाकर भोजन किया था, तभी से यह पर्व "यम द्वितीया" या "भाई द्वितीया" के रूप में मनाया जाने लगा।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन बहन के घर भोजन करने से भाई को दीर्घायु और पापों से मुक्ति का आशीर्वाद मिलता है। यही कारण है कि भाई दूज न केवल प्रेम और अपनापन बढ़ाने का अवसर है, बल्कि पारिवारिक संबंधों की गहराई को महसूस करने का भी पर्व है।
क्या भाई दूज पर पति-पत्नी संभोग कर सकते हैं?
बहुत से लोगों का सवाल होता है कि क्या भाईदूज के दिन पति-पत्नी संभोग कर सकते हैं? मान्यता के अनुसार, इस दिन को ब्रह्मचर्य व्रत और सात्विक आचरण का दिन माना गया है। ऐसे में इस खास दिन पर पति-पत्नी को संयम रखने और शारीरिक संबंध न बनाने के लिए कहा जाता है।



Click it and Unblock the Notifications