Chandra Grahan Couple Rules : ग्रहण काल के दौरान ‘संबंध’ बनाना सही है या गलत? क्‍या कहते हैं शास्‍त्र

Intimate During Eclipse 2025 : चंद्र ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं में इसका गहरा महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में चंद्र और सूर्य ग्रहण के समय को अत्यंत संवेदनशील और अशुभ माना जाता है।

यही कारण है कि इस दौरान कई नियम और परंपराएँ प्रचलित हैं, जिनका पालन आज भी लोग आस्था और विश्वास के साथ करते हैं। इनमें भोजन से परहेज़, पूजा-पाठ रोकना, और शारीरिक संबंध बनाने से बचना शामिल है।

Intimate During Eclipse 2025

साल 2025 का अंतिम चंद्र ग्रहण

साल 2025 का अंतिम चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की रात को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा। इसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 30 मिनट की होगी, जबकि पूर्ण ग्रहण का चरण रात 11:01 बजे से 12:23 बजे तक यानी लगभग 1 घंटा 22 मिनट तक चलेगा। खास बात यह है कि यह ग्रहण पितृ पक्ष शुरू होने से ठीक पहले लगेगा, जिससे इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और भी बढ़ जाएगा।

धार्मिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण और संबंध

हिंदू धर्म के अनुसार, ग्रहण काल के दौरान "सूतक" लगता है। सूतक काल को ऐसा समय माना जाता है जब वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा और अशुद्धियाँ बढ़ जाती हैं। इस समय में पूजा-पाठ, भोजन पकाना और ग्रहण के दौरान कुछ गतिविधियाँ जैसे शारीरिक संबंध बनाना वर्जित मानी जाती हैं।

कई धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार, ग्रहण का समय किसी भी पवित्र कार्य या दांपत्य संबंध के लिए शुभ नहीं माना जाता। विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए यह समय और भी संवेदनशील बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा गर्भस्थ शिशु पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

अगर विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए, तो चंद्र ग्रहण केवल सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की एक खगोलीय स्थिति है। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुँच पाती, तब चंद्र ग्रहण होता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि चंद्र या सूर्य ग्रहण का सीधा असर मानव शरीर या स्वास्थ्य पर नहीं पड़ता। इस दौरान शारीरिक संबंध बनाने से किसी प्रकार की हानि नहीं होती। यह केवल एक प्राकृतिक घटना है, जिसका संबंध सिर्फ आकाशीय पिंडों से है।

चंद्र ग्रहण के दौरान संभोग सही या गलत?

ऐसे में कई लोगों के जेहन में सवाल उठता है क‍ि ग्रहण के दौरान सबंध बना सकते है या नहीं? अगर आप धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हैं, तो ग्रहणकाल में शारीर‍िक संबंध बनाने से परहेज करें। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आप पार्टनर के साथ इंटीमेट होने पर कोई निषेध नहीं है। व्यक्तिगत विश्वास और धार्मिक आस्थाओं के आधार पर इस निर्णय को लिया जा सकता है।

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