क्या रमजान के महीने में मिया-बीवी का हमब‍िस्‍तरी करना जायज है? क्‍या कहता है इस्‍लाम

Do Muslim Get Intimate During Ramzan : रमजान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र होता है, जिसमें रोजा रखा जाता है और खुदा की इबादत की जाती है। इस दौरान हर तरह की बुरी आदतों और इच्छाओं पर नियंत्रण रखा जाता है। खासतौर पर, पति-पत्नी के शारीरिक संबंधों को लेकर इस्लाम में सख्त नियम बताए गए हैं।

रमजान के महीने में रोजे के दौरान मिया-बीवी के बीच इंटीमेट संबंधों को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं कि क्या ऐसा करना सही है। इस सवाल का जवाब इस्लामिक नियमों और रोजे के पालन के अनुसार होता है। आइए जानते हैं इस्‍लाम में रमजान के दौरान हमबिस्‍तरी को लेकर क्‍या न‍ियम है?

Do Muslim Get Intimate During Ramzan

रमजान में पति-पत्नी के संबंधों के नियम

इस्लामिक शिक्षाओं के अनुसार, रोजे के दौरान यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध बनाना पूरी तरह से हराम (निषिद्ध) है। ऐसा करने से रोजा टूट जाता है और इसके लिए प्रायश्चित (कफ्फारा) करना पड़ता है।

अल-बकराह 2:187 के अनुसार, रात में संबंध बनाने की अनुमति है, लेकिन फज्र (सुबह की अजान) से पहले तक ही। जैसे ही फज्र का समय शुरू होता है, उसके बाद अगले दिन के इफ्तार (सूर्यास्त के बाद) तक किसी भी तरह का शारीरिक संबंध रखना वर्जित होता है।

किस कर सकते हैं? (Can Husband And Wife Kiss While Fasting?)

रोजे के दौरान पति-पत्नी को गले लगने या किस करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उत्तेजना बढ़ सकती है, जिससे रोजा टूटने का खतरा रहता है। यदि किसी भी कारणवश वीर्य स्खलित हो जाए या मन में अशुद्ध विचार आ जाएं, तो रोजा समाप्त हो सकता है। इस्लामी नियमों के अनुसार, रोजे की पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।

अगर दिन में पति-पत्नी हमबिस्तर हो जाएं तो?

अगर कोई जानबूझकर या गलती से दिन में हमबिस्तर हो जाता है, तो उसका रोजा टूट जाता है और ऐसी स्थित‍ि में गलती सुधारने के ल‍िए कफ्फारा (प्रायश्चित) करना अनिवार्य होता है। कफ्फारा के तीन तरीके बताए गए हैं:

- लगातार 60 दिन रोजा रखना
- 60 गरीबों को खाना खिलाना
- एक गुलाम को आज़ाद करना (आज के समय में यह संभव नहीं)

क्या चुम्बन, गले लगना या बाहों में भरना रोजा तोड़ता है?

इस्लामिक विद्वानों के अनुसार, अगर पति-पत्नी प्यार से गले लगते हैं या चूमते हैं, लेकिन शारीरिक संबंध बनाने की भावना नहीं जागती, तो इससे रोजा नहीं टूटता। लेकिन अगर इससे शारीरिक उत्तेजना बढ़े और वीर्यपात हो जाए, तो रोजा टूट जाएगा। इसलिए इस दौरान ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने की सलाह दी जाती है।

हस्तमैथुन और पोर्नोग्राफी के नियम

इस्लाम में हस्तमैथुन और पोर्न देखना भी हराम माना गया है, खासकर रमजान के दौरान। अगर कोई रोजा रखते हुए हस्तमैथुन करता है और वीर्य स्खलित हो जाता है, तो रोजा टूट जाता है और कफ्फारा या फिद्या देना पड़ता है।

निष्कर्ष

रमजान के दौरान दिन में पति-पत्नी को पूरी तरह से संयम रखना चाहिए और किसी भी प्रकार की यौन गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। हालांकि, रात में (इफ्तार के बाद से फज्र से पहले तक) संबंध बनाने की अनुमति है, लेकिन इसके बाद स्नान (ग़ुस्ल) करके पाक हो जाना जरूरी है ताकि नमाज अदा की जा सके।

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