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Relationship Tips :प्यार में रोमांस बनाए रखने के लिए रिश्ते में फिजिकल और स्पिरिचुअल इंटीमेसी क्यों है जरूरी
रिलेशनशिप में इंटीमेसी बहुत ज्यादा अहम है। इंटीमेसी रिश्ते की मजबूती के लिए एक पुल की तरह काम करता है। इंटीमेसी जरूरी नहीं है कि फिजिकल ही हो, इंटीमेसी फिजिकल होने के साथ-साथ आध्यात्मिक, बौद्धिक, प्रैक्टिकल, इमोशनल इंटीमेसी होती है, एक कपल को आपस में जोड़ कर रखती है। कपल के बीच अंतरंगता ऐसी होनी चाहिए जब वो सिर्फ एक दूसरे के इशारे से ही दिल की बात समझ जाएं।
हम यहां आपको फिजिकल इंटीमेसी के साथ उन इंटीमेसी के बारें में आपको बताने जा रहे हैं जो एक कपल के बीच में होनी चाहिए, जिससे दोनों में एक दूसरे के दिल में रूहानी मोहब्बत से लेकर इमोशनल फिलिंग्स का बगीचा बन जाए, उसकी खुशबू से कपल के रिश्ते की डोर मजबूती से बंधी रहे-

स्पिरिचुअल इंटीमेसी (आध्यात्मिक अंतरंगता)
आध्यात्मिक अंतरंगता वो है जब कपल एक दूसरे के धार्मिक विचारों, विश्वासों और वैल्यू को शेयर करते हैं। एक दूसरे के स्पिरिचुअल थिकिंग के बारें में जानते हैं, उसको समझते हैं, सम्मान करते हैं। ये जरूरी नहीं है कि जो एक पार्टनर धर्म के तरीके के मानता हो , दूसरा भी उसी तरह से प्रेक्टिस करे। दोनों के धार्मिक मूल्य अलग-अलग हो सकते हैं। यहां पर अहम हो जाता है, कपल के बीच उनको अहमियत देना, साथ जुड़ना। जैसे एक पार्टनर को धर्म पर विश्वास है और वो पूजा करता है, लेकिन दूसरा पार्टनर धर्म पर विश्वास करता है, लेकिन पूजा में विश्वास नहीं है, यहां पर कपल एक दूसरे के विचारों को लेकर लड़ें नहीं बल्कि सम्मान करते हुए अपने-अपने विचारों पर चलते रहें।

फिजिकल इंटीमेसी
फिजिकल इंटीमेसी हर कपल के लिए जरूरी है। जिसके माध्यम से पार्टनर को पता चलता है कि उसका पति या प्रेमी उसे किस हद तक चाहता है, रिस्पेक्ट करता है। फिजिकल इंटीमेसी में पार्टनर की बॉडी को रोमांटिक तरीके से टच करना, प्यार करना, गले लगाना, किसिंग करना, हाथ पकड़ना, बॉडी मसाज के साथ सेक्शुअल इंटरकोर्स आते हैं। फिजिकल इंटीमेसी ना होने से कई बार रिश्ते की डोर कमजोर होने लग जाती है। रिश्ता बोझ लगने लग जाता है, प्यार की कमी के कारण वो वक्त भी आ जाता है, जब रिलेशनशिप का अंत तलाक के रूप में सामने आता है।

मेंटल इंटीमेसी
जिस तरह से फिजिकल इंटीमेसी हर शादीशुदा कपल के लिए अहम है उसी तरह से मेंटल इंटीमेसी भी काफी जरूरी हो जाती है। सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विषयों के बारे में आपस में बात करना, राजनीतिक विचारों को शेयर करना भी एक दूसरे से जरूरी है, ये आपके रिलेशनशिप को एक नये आयाम तक ले जाता है। इसमें सम्मान का भाव भी समाया होता है। कपल को इस बात का विश्वास हो जाता है कि उसके पार्टनर को हर विषय के बारें में जानकारी है। अगर वो अपने पार्टनर के साथ किसी तरह की चर्चा में शामिल होगा तो वो उसे निराश नहीं करेगा। किसी पुस्तक के बारें में डिस्कशन या फिर पॉडकास्ट पर चर्चा करना, सामाजिक विषय पर चर्चा करना।

प्रैक्टिकल इंटीमेसी
अनुभवों को एक साथ शेयर करना, अपनी ट्रैवलिंग के बारें में यादें शेयर करना, स्कूल टाइम, कॉलेज टाइम की यादों को शेयर करना। कपल का किसी अच्छी घूमने के प्लेस की बुकिंग, नए-नये तरह के खानें साथ में पकाना, कोई गेम खेलना या एक साथ एक नया शौक शुरू करना भी प्रैक्टिकल इंटीमेसी में आता है। ये कपल के रिलेशनशिप को मजबूत तो करता ही है, साथ ही लाइफ में नयापन भी बनाए रखता है, बोरियत को रिलेशनशिप में हावी नहीं होने देता है।

इमोशनल इंटीमेसी
एक शादीशुदा कपल के लिए इमोशनल इंटीमेसी फिजिकल इंटीमेसी की तरह की बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। एक दूसरे के साथ विचारों और इमोशन को शेयर करना, अपनी वीकनेस और सेल्फ-डिसक्लोजर होने के साथ-साथ पार्टनर को सुनने की प्रक्टिस करना, उसको समझना, अपने रिश्ते की गहराई को समझते हुए खुद को बहलने की ताकत रखना, विचारों को ग्रहण करना काफी जरूरी है, तभी आपके रिलेशनशिप की नींव कोई भी परिस्थिति आने पर भी नहीं हिलेगी।



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