Latest Updates
-
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय
शोध की मदद से जानें शारीरिक संबंध बनाने के बाद मर्दों को कैसा महसूस होता है
एक रिश्ते में दो लोगों के बीच प्यार जितना जरूरी है, वहीं एक दूसरे के साथ निजी पल बिताना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। शारीरिक संबंध से जुड़ी एक बेहद ही सामान्य धारणा है कि सुख का एहसास पाने के लिए मर्द इंटिमेट रिश्ते बनाते हैं।

मगर एक शोध ने इस धारणा को काफी हद तक गलत साबित कर दिया है, इस शोध के नतीजे काफी विपरीत आए हैं। शोध के परिणाम ने हैरान कर देने वाले परिणाम दिए। दरअसल ये शोध बताती है कि इंटिमेट रिलेशनशिप बनाने के बाद पुरुषों को अच्छा नहीं लगता और उन्हें बुरा एहसास होता है।
महिला ही नहीं पुरुषों में भी है ऐसी समस्या

ये शोध जर्नल ऑफ सेक्स और मैरिटल थेरेपी में प्रकाशित किया गया, जिसके मुताबिक महिलाओं की तरह ही पुरुष भी पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया से ग्रसित हो सकते हैं। पीसीडी (पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया) एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति के अंदर शारीरिक संबंध बनाने के बाद उदासी, चिंता, चिड़चिड़ापन और गुस्से की भावना पैदा होने लगती है।
आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नालोजी के शोधकर्ताओं की मानें तो इस तरह की शिकायतें महिलाओं में पाई जा चुकी है। लेकिन पुरुषों में भी इस तरह के संकेत मिलने के बारे में पहली बार पता चला है।
ऑनलाइन सर्वेक्षण से शोध में मिली मदद

इस शोध में लगे जानकार जोएल मैकज्कोविएक ने बताया कि यह रिसर्च ऑनलाइन सर्वेक्षण के जरिए करवायी गयी थी। इस शोध में आस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूके, रूस, न्यूजीलैंड, जर्मनी और दूसरे देशों के 1,208 मर्दों को शामिल किया गया था।
इस रिसर्च के मुताबिक तकरीबन चालीस प्रतिशत लोगों ने अपने पूरे जीवन में पीसीडी (पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया) का अहसास होने की बात स्वीकार की। वहीं बीस प्रतिशत लोगों ने चार सप्ताह में पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया का प्रभाव महसूस किया।



Click it and Unblock the Notifications
