Latest Updates
-
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार
शोध की मदद से जानें शारीरिक संबंध बनाने के बाद मर्दों को कैसा महसूस होता है
एक रिश्ते में दो लोगों के बीच प्यार जितना जरूरी है, वहीं एक दूसरे के साथ निजी पल बिताना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। शारीरिक संबंध से जुड़ी एक बेहद ही सामान्य धारणा है कि सुख का एहसास पाने के लिए मर्द इंटिमेट रिश्ते बनाते हैं।

मगर एक शोध ने इस धारणा को काफी हद तक गलत साबित कर दिया है, इस शोध के नतीजे काफी विपरीत आए हैं। शोध के परिणाम ने हैरान कर देने वाले परिणाम दिए। दरअसल ये शोध बताती है कि इंटिमेट रिलेशनशिप बनाने के बाद पुरुषों को अच्छा नहीं लगता और उन्हें बुरा एहसास होता है।
महिला ही नहीं पुरुषों में भी है ऐसी समस्या

ये शोध जर्नल ऑफ सेक्स और मैरिटल थेरेपी में प्रकाशित किया गया, जिसके मुताबिक महिलाओं की तरह ही पुरुष भी पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया से ग्रसित हो सकते हैं। पीसीडी (पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया) एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति के अंदर शारीरिक संबंध बनाने के बाद उदासी, चिंता, चिड़चिड़ापन और गुस्से की भावना पैदा होने लगती है।
आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नालोजी के शोधकर्ताओं की मानें तो इस तरह की शिकायतें महिलाओं में पाई जा चुकी है। लेकिन पुरुषों में भी इस तरह के संकेत मिलने के बारे में पहली बार पता चला है।
ऑनलाइन सर्वेक्षण से शोध में मिली मदद

इस शोध में लगे जानकार जोएल मैकज्कोविएक ने बताया कि यह रिसर्च ऑनलाइन सर्वेक्षण के जरिए करवायी गयी थी। इस शोध में आस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूके, रूस, न्यूजीलैंड, जर्मनी और दूसरे देशों के 1,208 मर्दों को शामिल किया गया था।
इस रिसर्च के मुताबिक तकरीबन चालीस प्रतिशत लोगों ने अपने पूरे जीवन में पीसीडी (पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया) का अहसास होने की बात स्वीकार की। वहीं बीस प्रतिशत लोगों ने चार सप्ताह में पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया का प्रभाव महसूस किया।



Click it and Unblock the Notifications