Latest Updates
-
MI vs RR: मैच के लिए घर पर बनाएं अपनी टीम की जादुई रंगोली -
World Health Day: अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वर्ल्ड हेल्थ डे: अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं -
ज्येष्ठा नक्षत्र के बच्चों के लिए सबसे शुभ नाम -
MI vs RR मैच: 15 मिनट में बनाएं ये कुरकुरे स्नैक्स -
UV रेडिएशन का कहर: झुलसती त्वचा को बचाने के उपाय -
दिल्ली बारिश में सेहत बचाएं, इन घरेलू नुस्खों से पाएं राहत -
वेट-लॉस इंजेक्शन सस्ते हुए: क्या ये वाकई सुरक्षित हैं? -
IMD अलर्ट: तूफानी मौसम में घर को रखें सुरक्षित और शांत -
मेष राशिफल: आज का दिन बदलेगा आपकी किस्मत, जानें कैसे
शोध की मदद से जानें शारीरिक संबंध बनाने के बाद मर्दों को कैसा महसूस होता है
एक रिश्ते में दो लोगों के बीच प्यार जितना जरूरी है, वहीं एक दूसरे के साथ निजी पल बिताना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। शारीरिक संबंध से जुड़ी एक बेहद ही सामान्य धारणा है कि सुख का एहसास पाने के लिए मर्द इंटिमेट रिश्ते बनाते हैं।

मगर एक शोध ने इस धारणा को काफी हद तक गलत साबित कर दिया है, इस शोध के नतीजे काफी विपरीत आए हैं। शोध के परिणाम ने हैरान कर देने वाले परिणाम दिए। दरअसल ये शोध बताती है कि इंटिमेट रिलेशनशिप बनाने के बाद पुरुषों को अच्छा नहीं लगता और उन्हें बुरा एहसास होता है।
महिला ही नहीं पुरुषों में भी है ऐसी समस्या

ये शोध जर्नल ऑफ सेक्स और मैरिटल थेरेपी में प्रकाशित किया गया, जिसके मुताबिक महिलाओं की तरह ही पुरुष भी पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया से ग्रसित हो सकते हैं। पीसीडी (पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया) एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति के अंदर शारीरिक संबंध बनाने के बाद उदासी, चिंता, चिड़चिड़ापन और गुस्से की भावना पैदा होने लगती है।
आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नालोजी के शोधकर्ताओं की मानें तो इस तरह की शिकायतें महिलाओं में पाई जा चुकी है। लेकिन पुरुषों में भी इस तरह के संकेत मिलने के बारे में पहली बार पता चला है।
ऑनलाइन सर्वेक्षण से शोध में मिली मदद

इस शोध में लगे जानकार जोएल मैकज्कोविएक ने बताया कि यह रिसर्च ऑनलाइन सर्वेक्षण के जरिए करवायी गयी थी। इस शोध में आस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूके, रूस, न्यूजीलैंड, जर्मनी और दूसरे देशों के 1,208 मर्दों को शामिल किया गया था।
इस रिसर्च के मुताबिक तकरीबन चालीस प्रतिशत लोगों ने अपने पूरे जीवन में पीसीडी (पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया) का अहसास होने की बात स्वीकार की। वहीं बीस प्रतिशत लोगों ने चार सप्ताह में पोस्ट-कोइटल डिस्फोरिया का प्रभाव महसूस किया।



Click it and Unblock the Notifications











