Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
शादी करने से पहले जरुर करवाएं ये 5 मेडीकल चेकअप
अगर आपकी उम्र की एक सीमा निकल चुकी है और उसके बाद आप शादी करने वाले हैं तो स्वास्थ्य का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।
महिला और पुरूषों को मैच्योर अवस्था के दौरान शादी करने पर मेडीकल हेल्थ चेकअप अवश्य करवाना चाहिए। इससे जीवन में आने वाले समय में समस्या नहीं होगी।
मेडीकल एक्सपर्ट के अनुसार, हर कपल को 6 से एक साल के बीच इन परीक्षणों को नियमित रूप से करवा लेना चाहिए। ऐसा करने से 80 से 90 प्रतिशत तक स्वास्थ्य समस्याओं नहीं होती हैं और लोग स्वस्थ रहते हैं।
अगर आपके जीवन में बहुत तनाव रहता है और जीवनशैली भी सही नहीं है तो ऐसा करना अति आवश्यक होता है।

1. उम्र का परीक्षण -
बहुत जल्दी आयु या बहुत परिपक्व होने पर शादी करने से पूर्व उम्र का परीक्षण अवश्य करवाना चाहिए। महिलाओं को ओवेरियन की जांच अवश्य करवानी चाहिए, इससे पता चलता है कि वो मां बनने में कितनी सक्षम हैं। 35 वर्ष की आयु तक मां बनने के चांसेस बहुत ज्यादा होते हैं लेकिन इसके बाद थोड़ी समस्या हो जाती है।

2. प्रजनन परीक्षण -
जिन कपल को शादी के बाद ट्राई करने के बाद भी संतान नहीं होती है उन्हें प्रजनन परीक्षण करवाना चाहिए। ऐसे में शादी से पूर्व भी ये परीक्षण करवाना आवश्यक होता है ताकि आपको पता चल जाएं कि आप जिससे शादी करने वाले हैं वह संतान देने में सक्षम हैं या नहीं।

3. एसटीडी परीक्षण -
कुछ प्रकार की बीमारियों को सेक्सुयली ट्रांसमिटेड बीमारियों कहा जाता है जो पार्टनर को भी आसानी से हो जाती है। ऐसे में शादी से पूर्व इनकी जांच करवाना आवश्यक होता है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कोई समस्या न होने पाएं।

4. रक्त विकार परीक्षण -
इस विकार के चलते बच्चों के जन्म के ठीक बाद उनकी मृत्यु हो सकती है ऐसे में संतान प्राप्ति मुश्किल हो जाता है। हीमोफीलिया या थेलास्समिया इन्हीं रोगों में से एक है। साथ ही इस परीक्षण में आर एच फैक्टर की सकारात्मकता व नकारात्मकता की जांच भी की जाती है। विवाह से पूर्व ये जांच करवा लेना उचित रहता है।

5. जेनेटिक परीक्षण -
आनुवांशिक बीमारियों को जानने के लिए जेनेटिक टेस्ट करवाना आवश्यक होता है। इससे पता चल जाता है कि आपके पार्टनर को किस रोग की संभावना हो सकती है। ब्रेस्ट कैंसर के बारे में इससे सबसे ज्यादा पता चल सकता है। इस परीक्षण में परिवार की मेडीकल हिस्ट्री को जाना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
