Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन
शादी करने से पहले जरुर करवाएं ये 5 मेडीकल चेकअप
अगर आपकी उम्र की एक सीमा निकल चुकी है और उसके बाद आप शादी करने वाले हैं तो स्वास्थ्य का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।
महिला और पुरूषों को मैच्योर अवस्था के दौरान शादी करने पर मेडीकल हेल्थ चेकअप अवश्य करवाना चाहिए। इससे जीवन में आने वाले समय में समस्या नहीं होगी।
मेडीकल एक्सपर्ट के अनुसार, हर कपल को 6 से एक साल के बीच इन परीक्षणों को नियमित रूप से करवा लेना चाहिए। ऐसा करने से 80 से 90 प्रतिशत तक स्वास्थ्य समस्याओं नहीं होती हैं और लोग स्वस्थ रहते हैं।
अगर आपके जीवन में बहुत तनाव रहता है और जीवनशैली भी सही नहीं है तो ऐसा करना अति आवश्यक होता है।

1. उम्र का परीक्षण -
बहुत जल्दी आयु या बहुत परिपक्व होने पर शादी करने से पूर्व उम्र का परीक्षण अवश्य करवाना चाहिए। महिलाओं को ओवेरियन की जांच अवश्य करवानी चाहिए, इससे पता चलता है कि वो मां बनने में कितनी सक्षम हैं। 35 वर्ष की आयु तक मां बनने के चांसेस बहुत ज्यादा होते हैं लेकिन इसके बाद थोड़ी समस्या हो जाती है।

2. प्रजनन परीक्षण -
जिन कपल को शादी के बाद ट्राई करने के बाद भी संतान नहीं होती है उन्हें प्रजनन परीक्षण करवाना चाहिए। ऐसे में शादी से पूर्व भी ये परीक्षण करवाना आवश्यक होता है ताकि आपको पता चल जाएं कि आप जिससे शादी करने वाले हैं वह संतान देने में सक्षम हैं या नहीं।

3. एसटीडी परीक्षण -
कुछ प्रकार की बीमारियों को सेक्सुयली ट्रांसमिटेड बीमारियों कहा जाता है जो पार्टनर को भी आसानी से हो जाती है। ऐसे में शादी से पूर्व इनकी जांच करवाना आवश्यक होता है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कोई समस्या न होने पाएं।

4. रक्त विकार परीक्षण -
इस विकार के चलते बच्चों के जन्म के ठीक बाद उनकी मृत्यु हो सकती है ऐसे में संतान प्राप्ति मुश्किल हो जाता है। हीमोफीलिया या थेलास्समिया इन्हीं रोगों में से एक है। साथ ही इस परीक्षण में आर एच फैक्टर की सकारात्मकता व नकारात्मकता की जांच भी की जाती है। विवाह से पूर्व ये जांच करवा लेना उचित रहता है।

5. जेनेटिक परीक्षण -
आनुवांशिक बीमारियों को जानने के लिए जेनेटिक टेस्ट करवाना आवश्यक होता है। इससे पता चल जाता है कि आपके पार्टनर को किस रोग की संभावना हो सकती है। ब्रेस्ट कैंसर के बारे में इससे सबसे ज्यादा पता चल सकता है। इस परीक्षण में परिवार की मेडीकल हिस्ट्री को जाना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
