Latest Updates
-
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल -
निर्जला एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जान लें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम -
इन 5 बीमारियों में भूलकर भी न खाएं काजू, स्वाद के चक्कर में बढ़ सकता है मर्ज -
UP Style Vegetable Pulao Tehri Recipe: घर पर बनाएं यूपी का मशहूर स्वाद -
Father's Day Sanskrit Wishes: पिता स्वर्गः पिता धर्मः, फादर्स डे पर संस्कृत संदेशों से जताएं प्यार और सम्मान -
एंजायटी और मानसिक तनाव को जड़ से दूर करते हैं ये 6 प्राणायाम, जानें करने का सही तरीका
बिना पति और बच्चों के महिलाएं रहती है ज्यादा खुश, रिसर्च में आया सामने
कई लोगों का मानना है कि शादी के बाद महिलाएं परिवार सुख पाकर ज्यादा खुशहाल जीवन बिताती है। पति और बच्चों के साथ वो खुद को संपूर्ण और खुशहाल मानती है। लेकिन इस सोच के एकदम विपरित हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि महिलाएं बिना पति और बच्चों के साथ खुशहाल जीवन बिताती है। जी हां, इस शोध में आया है कि महिलाएं अविवाहित ज्यादा खुश रहती हैं। इस शोध में महिलाओं के खुश रहने के कई कारण सामने आए हैं।

अमेरिकन टाइम यूज सर्वे द्वारा किए गए एक अध्ययन ने विवाहित, अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा व्यक्तियों के सुख और दुख के स्तरों की तुलना की। दिलचस्प बात यह है कि इस सर्वे ने बताया कि विवाहित लोगों से खुशियों की सूचना तभी मिली जब उन्हें अपने साथी की उपस्थिति में यह प्रश्न पूछा गया। दिलचस्प बात यह है कि अविवाहित लोगों के पास विवाहित लोगों की तुलना में कम दुख है।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में व्यवहार विज्ञान के प्रोफेसर और 'हैप्पी एवर आफ्टर' पुस्तक के लेखक पॉल डोलन ने कहा कि शादी से पुरुषों को फायदा होता है और महिलाएं शादी से पहले अधिक खुश रहती हैं। डोलन इसी अध्ययन में बताते हैं कि पुरुष शादी करने के बाद 'शांत हो जाते हैं', कम जोखिम लेते हैं, उच्च आय अर्जित करते हैं और लंबे समय तक जीते हैं।

वहीं महिलाओं के मामले में विवाह उनके स्वास्थ्य पर दबाव डालता है और यदि वे शादी नहीं करती हैं तो वे स्वस्थ और खुशहाल रहती हैं। मार्केटिंग इंटेलिजेंस कंपनी मिंटेल द्वारा किए गए एक अन्य अध्ययन में एकल महिलाओं का साक्षात्कार किया गया और निष्कर्ष निकाला गया कि इनमें से 61 प्रतिशत महिलाएं खुश हैं। यही नहीं, 75 फीसदी महिलाएं साथी की तलाश तक नहीं करतीं।
इन अध्ययनों के निष्कर्ष बताते हैं कि समय बदल रहा है और शादी और बच्चे केवल दो कारक नहीं हैं जो एक महिलाओं को खुश कर सकते हैं। यह तय करना एक महिला का अधिकार है कि उसे किस उम्र में शादी करनी है या नहीं करनी है।



Click it and Unblock the Notifications