इरफ़ान के संघर्ष के दिनों में भी सुतापा ने नहीं छोड़ा उनका साथ, अदाकारी के साथ मोहब्बत भी थी बेमिसाल

कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई
कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते हुए

Irrfan Khan And Sutapa Sikdar Love Story

ये पंक्तियां आज सही नजर आती है। सिनेमा जगत का चमकता सितारा असमय ही अंधेरे में डूब गया। बॉलीवुड ही नहीं, विदेशों में भी अपनी अदाकारी का परचम लहराने वाले इरफ़ान खान इस दुनिया को अलविदा कह गए। इरफ़ान खान के लिए फ़िल्मी दुनिया में अपना करियर बना पाना आसान नहीं था, मगर ऐसे वक्त में उनके साथ उनकी पत्नी सुतापा सिकदर थी। किस्मत ने इरफ़ान और सुतापा को मिलवाया और इन दोनों ने ऊपर वाले के उस इशारे को समझा और साथ निभाने का फैसला किया।

जयपुर में एम.ए. कर रहे इरफ़ान दिल्ली पहुंचे

जयपुर में एम.ए. कर रहे इरफ़ान दिल्ली पहुंचे

इरफ़ान खान जयपुर में अपनी एम.ए. की पढ़ाई कर रहे थे तभी उन्हें दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से स्कॉलरशिप का लेटर मिला। इरफ़ान अपनी किस्मत आजमाने दिल्ली आ पहुंचे। वहां मौजूद पैनालिस्ट को इरफ़ान के अंदर छिपे टैलेंट की भनक लग चुकी थी। अब उस हीरे को तराशने के लिए इरफ़ान को इस प्रतिष्ठित स्कूल में दाखिला दे दिया गया।

सुतापा से हुई पहली मुलाकात

सुतापा से हुई पहली मुलाकात

अपनी किसी एक क्लास के दौरान उनकी नजर सुतापा पर पड़ी और यहीं इरफ़ान उनकी तरफ आकर्षित हो गए। ये दोनों एक ही बैच में थे इसलिए इरफ़ान को बात करने की हिम्मत मिली। दोनों ही अदाकारी सीख रहे थे लेकिन सुतापा का ज्यादा इंट्रेस्ट स्टोरी और स्क्रीन प्ले की बारीकियों को जानने में था। जयपुर के शांत, शर्मीले और अंतर्मुखी इरफ़ान को सुतापा का चुलबुलापन भा गया।

सुतापा भी इरफ़ान की मुस्कुराहट पर हुई फ़िदा

सुतापा भी इरफ़ान की मुस्कुराहट पर हुई फ़िदा

कोर्स के दौरान हुई दोस्ती वक्त के साथ प्यार में बदल गयी। कोर्स खत्म होने के बाद शादी के फैसले पर दोनों राजी थे। मगर इरफ़ान अपने करियर को थोड़ा मजबूत करना चाहते थे। वो जानते थे कि इस क्षेत्र में मुकाबला बहुत है और उन्हें सीमित संसाधनों में अपनी ख्वाहिशें पूरी करनी हैं। इस फैसले में उन्हें सुतापा का पूरा समर्थन मिला।

दोनों ने की साधारण शादी

दोनों ने की साधारण शादी

इरफ़ान जितनी सादगी से बड़े पर्दे पर अपना रोल निभा जाते थे, असल जिंदगी में भी वो दिखावे से दूर ही रहे। जब इरफ़ान और सुतापा को फ़िल्मी दुनिया में पहचान मिलने लगी तब 1995 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली।

पत्नी ही नहीं, सबसे बड़ी आलोचक भी थी सुतापा

पत्नी ही नहीं, सबसे बड़ी आलोचक भी थी सुतापा

इरफ़ान खान ने सुतापा को अपनी सबसे बड़ी आलोचक बताया था। वो अपनी अदाकारी पर सुतापा से मिली हर टिप्पणी का सम्मान और उस पर यकीन करते थे। ये कहना गलत नहीं होगा कि ईमानदार पार्टनर ही आपका परफेक्ट जीवनसाथी होता है।

कई मौकों पर इरफ़ान ने स्क्रीन के सामने तो सुतापा ने पर्दे के पीछे रहकर साथ में काम किया।

Irrfan Khan अपनी पत्नी Sutapa Sikdar के लिए जीना चाहते थे | Irrfan Khan Passes Away | Boldsky
धर्म बदलने के लिए भी तैयार थे इरफ़ान

धर्म बदलने के लिए भी तैयार थे इरफ़ान

इरफ़ान की मुलाकात सुतापा से ऐसे वक्त में हुई थी जब वो करियर बनाने के लिए हाथ पैर मार रहे थे और उन्हें परिवार का सहयोग नहीं मिल रहा था। सुतापा का साथ उन्हें कड़कती धूप में शीतल छांव का एहसास देता था। इस निश्छल प्रेम का ही नतीजा था कि इरफ़ान खान सुतापा से शादी करने के लिए अपना धर्म बदलकर हिंदू बनने के लिए भी तैयार थे। मगर उसकी नौबत नहीं पड़ी। सुतापा के परिवार ने इरफ़ान को स्वीकार कर लिया था।

सुतापा के विश्वास ने हमें दिया 'इरफ़ान खान'

सुतापा के विश्वास ने हमें दिया 'इरफ़ान खान'

सुतापा ने हर मोड़ पर इरफ़ान का साथ निभाया। फ़िल्मी दुनिया की समझ उन्हें इरफ़ान को राह दिखाने में मदद करती रही। इरफ़ान खान को खो देने से आज सभी दुखी, परेशान और निराश हैं। मगर सबसे ज्यादा खलल सुतापा की जिंदगी में पैदा हुआ है। उम्मीद करते हैं कि उन्होंने जिस जज़्बे के साथ इरफ़ान के लिए हर पड़ाव को पार किया, वो एक बार फिर इरफ़ान के लिए ही खुद को संभाल लेंगी।

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