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Women’s Day 2023: शादी के बाद भारतीय महिलाओं को मिलते हैं इतने अधिकार, जिन्हें कोई नहीं छीन सकता

शादी के बाद लड़की का स्टेटस चेंज हो जाता है। वो एक बेटी, बहन के साथ ही किसी की पत्नी, बहु, भाभी और भी कई सारे रिश्तों में बंध जाती है। इसी के साथ उसकी जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं, साथ ही उसको कई तरह के फायदे और शक्तियां भी मिलती हैं। लड़की को शादी के बाद कुछ अधिकार परिवार की तरफ से तो कुछ देश के कानून की तरफ से मिलते हैं। जिनकों उनसे कोई नहीं छीन सकता। लेकिन औरतें अपने उन अधिकारों के बारें में वाकिफ नहीं होती है। उनकी इस लापरवाही से भी उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है। लेकिन हम यहां पर महिलाओं के उन्हीं अधिकारों के बारें में आपको बता रहे हैं, जिससे हर शादीशुदा महिला को अपने अधिकार पता चल सके और वो अपने ससुराल में सिर उठाकर रहे, उसे किसी के सामने झुकना ना पड़े- यहां पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की वकील कुलसुम फिरदौस से इस संबंध में बात की और उनसे विवाहित स्त्री के अधिकारों के बारें में जानकारी दी-

Women’s Day 2023: महिला को मिले सामाजिक अधिकार-
हर महिला जो शादीशुदा है उसे उसके बच्चों के पालन- पोषण, शिक्षा, उसके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उसके पति पर होती है। पति अपनी इन जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट सकता है। ये उसकी पत्नी जो स्त्री है, अधिकार मिले हुए हैं।

Women’s Day 2023: पति के घर पर रहने का अधिकार
एक पत्नी के रूप में महिला को ये अधिकार मिला हुआ है कि वो अपने ससुराल में रहे। उसे ये अधिकार प्राप्त है, चाहे पति की मृत्यु ही क्यों ना हो गई हो, उसे घर से कोई नहीं निकाल सकता। तलाक के बाद भी महिला ससुराल में तब तक रह सकती है, जब तक उसे दूरा घर रहने को ना मिल जाए। ये उसका कानूनी अधिकार है।हिंदू अडॉप्शंस ऐंड मैंटिनेंस ऐक्ट, 1956 (हिंदू दत्तक और भरण-पोषण कानून) के तहत ये अधिकार मिला है।

Women’s Day 2023: स्त्री धन पर अधिकार
स्त्री धन पर अधिकार एक शादीशुदा महिला को प्राप्त है। हिन्दू विवाह अधीनियम 1955 के अनुसार, शादी के वक्त महिला को उसके पिता की तरफ से मिले और ससुराल की तरफ से गिफ्ट में मिले जेवर और पैसों पर हक होता है।

Women’s Day 2023: पत्नी, पति की इजाजत के बिना तलाक दे सकती है
एक महिला हिंदू मैरिज एक्ट सेक्शन 13, 1995, के तहत अपने पति की इजाजत के बिना तलाक दे सकती है, मांग सकती है। साथ ही महिला अपने पति से मेंटेनेंस चार्ज की मांग भी कर सकती है। वहीं अपने और अपने बच्चों के भरण-पोषण के लिए 'इंडियन पेनल कोड' सेक्शन 125, के तहत फाइनेंशिल मेंटेनेंस मांग करने का अधिकार रखती है।

Women’s Day 2023: गर्भ में पल रहे बच्चे को गिराने का अधिकार
एक महिला को ये अधिकार मिला है कि वो गर्भ में पल रहे बच्चे को गिरा सकती है। इसके लिए उसे अपने पति या ससुराल की इजाजत की जरूरत नहीं है। गर्भावस्था का चिकित्सीय समापन अधिनियम, 1971, के अंतर्गत महिला अपनी प्रेगनेंसी को किसी भी समय खत्म कर सकती है, लेकिन इसके लिए गर्भावस्था 24 सप्ताह से कम होना चाहिए। कुछ स्पेशल केस में भी महिला 24 हफ्ते के बाद भी प्रेगनेंसी खत्म कर सकती है।

Women’s Day 2023: पति की बीमा रकम पर बीवी का अधिकार
पति की बीमा रकम पर बीवी का अधिकार होता है। डेथ क्लेम का पैसे पर लेनदार या रिश्तेदार क्लेम नहीं कर सकते हैं। वहीं ट्रस्ट के पैसों पर पति की पत्नी और बच्चों का हक होता है। मैरिड विमेन प्रोटेक्शन एक्ट 1874 धारा 6 में प्रावधान में ये बातें साफ कहीं गई हैं।

Women’s Day 2023: घरेलू हिंसा की शिकायत का अधिकार
महिला को ये अधिकार प्राप्त है, कि अगर उसका पति या ससुराल वाले शारीरिक, मानसिक तौर से उस पर अत्याचार करते हैं, आर्थिक रूप पीड़ित करते हैं तो घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, के तहत महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है है।



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