Latest Updates
-
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य
आज के वक्त में आखिरकार क्यों बच्चे रिश्तेदारों से मिलने में कतराते हैं ? ये हैं बड़े कारण
जब कोई फेस्टिवल होता था या फिर स्कूल बंद होने के बाद गर्मियों की छुट्टियां होती थी तब आपके रिलेटिव्स घर पर छुट्टियां बिताने और त्योहार सेलिब्रेट करने आते थे, आपको भी काफी मजा आता था सभी के साथ वक्त गुजार कर। सब मिल कर काफी मौज मस्ती करते थे, उस वक्त हर रिश्ते के अपने मायने थे। लेकिन आज के वक्त में काफी कुछ बदल गया है। बच्चे अपने रिश्तेदारों से मिलने से परहेज करते हैं, अगर कोई घर पर आता है तो खुद को बिजी बताकर कमरे में बंद हो जाते हैं, यहां तक की बच्चे अपने रिश्तेदारों को भी पहचान नहीं पाते हैं।

आज के वक्त में बच्चों को ना तो अपने रिश्तेदारों से मिलने का कोई क्रेज होता है और ना ही वो उनसे किसी तरह का ताल्लुक रखना पसंद करते हैं, फेस्टिवल में भी रिलेटिव्स से ना मिलने के कई सारे बहाने मौजूद होते हैं। ये सारे कम किशोरावस्था में पहुंच रहे बच्चे ज्यादा करते हैं। उनको सिर्फ अपने दोस्तों के साथ घूमना-फिरना, गेम खेलना और अपनी दुनिया में मस्त रहना पसंद होता है।
बच्चों के ऐसा करने के कई सारे कारण है, जिस वजह से बच्चे अपने रिलेटिव्स से दूर भागते हैं, उनसे मिलना नहीं चाहते हैं-(Why do children shy away from meeting relatives)

पैरेंट्स की रिश्तेदारों से बढ़ती दूरियां
इसका सबसे बड़ा कारण है न्यूक्लियर फैमली। एकल परिवार होने के कारण माता-पिता अपने कामों में बिजी रहते हैं। उनके पास बच्चों को अपने रिश्तेदारों से मिलवाने का वक्त नही होता है। जिसके कारण बच्चे भी किसी रिश्तेदार को जल्दी पहचान नहीं पाते हैं। रिश्तों को निभाने में पैरेंट्स की अहम भूमिका होती है। अगर पैरेंट्स ही बच्चों को अपने रिश्तेदारों के बारें में नहीं बताते और नहीं मिलवाते तो बच्चे तो अनजाने लोगों के साथ दूरू तो बनाएंगे ही। वहीं जब कोई रिश्तेदार घर आता है को वो उसके साथ घुलमिल नहीं पाते हैं।

पैरेंट्स की रिश्तेदारों से दूरियां
पैरेंट्स भी रिश्तेदारों से खुद को दूर रखने की कोशिश करते हैं। आज के वक्त में लोगों को लगता है कि रिश्तेदार उनकी प्राइवेसी में दखल देते हैं। वही पत्नियों का स्वाभाव भी ऐसा होने लगा है कि वो अपने बच्चों के बुआ, चाचा जैसे अपने ससुराल से संबंधित रिश्तेदारों से दूरी बनाती हैं। जिस वजह से भी बच्चे अपने रिश्तेदारों को नहीं जानते हैं और मिलने पर अनजाना व्यवहार करते हैं।

बच्चों का बदलता स्वभाव
बढ़ते बच्चों में उनके स्वभाव पर भी बदलाव आता है, वो लोगों से मिलना पसंद नहीं करते, इसमें रिश्तेदार भी शामिल है। वहीं कुछ बच्चों का स्वाभाव शर्मिला होता है, वहीं कुछ बच्चे शांत स्वाभाव के होते हैं जो किसी से मिलना जुलना पसंद नहीं करते हैं। कुछ बच्चों का नेचर ऐसा होता है कि वो सिर्फ अपने से मतलब रखते हैं, घर में कौन आ रहा है, जा रहा है, उनसे मतलब नहीं होता है।

मोबाइल गेम और इंटरनेट
आज के वक्त में मोबाइल और इंटरनेट ने बच्चों के व्यवहार में बहुत अधिक बदलाव किये हैं। अगर एक बार उन्होंने मोबाइल पर कोई गेम खलेना शुरू कर दिया तो दुनिया इधर से उधर हो जाए वो गेम खेलना बंद नहींं करते है। इसी तहह से वो इंटरनेट पर भी चिपके रहते हैं। जिसके कारण वो रिश्तेदार तो दूर है वो अपने घर के सदस्यों को महत्व नहीं देते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
