Sania-Shoaib Divorce: सानिया ने लिया 'ख़ुला', तब शोएब मलिक ने क‍िया तीसरा निकाह, तलाक से क‍ितना है अलग

Sania-Shoaib Divorce : पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शोएब मलिक और पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने 13 की शादी को खत्‍म करके अपनी राहें एक दूसरे से हमेशा के ल‍िए अलग कर दी हैं। शोएब मलिक ने सानिया से तलाक लेने के कुछ द‍िनों के अंदर ही पाकिस्तान की फेमस एक्ट्रेस से सना जावेद से शादी भी कर ली हैं।

दोनों दिग्गजों के अलगाव की वजह तो सामने नहीं आई है लेकिन ये जरूर पता चल गया है कि सानिया ने मुस्लिम लॉ के तहत 'खुला' लेकर शोएब मल‍िक को छोड़ दिया हैं। इसका खुलासा सानिया के पिता ने खुद क‍िया हैं।

What is Khula under Muslim law:

शोएब मल‍िक की शादी पर प्रतिक्र‍िया देते हुए उन्होंने बताया कि 'खुला' के जरिये सानिया ने शोएब को तलाक दिया है। आइये जानते हैं इस्लाम में 'खुला' किसे कहते हैं और यह तलाक से क‍ितना अलग होता है?

क्‍या होता है खुला?

'खुला' एक मुस्लिम महिला को अपने पति को एकतरफा तलाक देने का अधिकार देता है। दरअसल इस्लामिक कानून (शरिया) के मुताबिक, पुरुष अपनी पत्नी से अलग होने के लिए तलाक देता है, जबकि अगर महिला अपने पति से अलग होना चाहे तो उसे खुला लेना होता है। दोनों ही सूरत में महिला को 100 दिन की इद्दत (समयसीमा) पूरी करनी होती है, जिसके बाद ही वह दूसरी शादी कर सकती है।

तलाक और खुला में क्या है अंतर?

'खुला' अरबी शब्द 'ख़लुन' से लिया गया है, जिसका अर्थ है एक चीज को दूसरी चीज से निकालना। खुला शब्द का अर्थ है उतारना। तलाक की तरह ख़ुला का विवरण भी क़ुरान और हदीस में मिलता है। तलाक देने की सूरत में पति के लिए अपनी पूर्व पत्नी को मेहर देना अनिवार्य होता है, जबकि महिला अगर खुला लेती है तो उस सूरत में पुरुष पर मेहर देने की बाध्यता नहीं होती। मेहर वह रकम है, जो शख्स अपनी पत्नी को देता है। इस्लामिक विवाह पद्धति में यह एक अनिवार्य शर्त है, जो निकाह के वक्त ही तय कर ली जाती है। इस रकम पर पूरी तरह से महिला का अधिकार होता है।

इस्लाम में 4 तरह के तलाक को है मान्यता

1937 के शरीयत अधिनियम के तहत इस्लामी कानून में चार तरह के तलाक को मान्यता प्राप्त हैः

तलाक: यह पति के कहने पर तलाक है जो गवाहों की उपस्थिति में पत्नी को 'तलाक' शब्द कहने से प्रभावी होता है।
खुला: एक मुस्लिम महिला को अपने पति को एकतरफा तलाक देने का अधिकार देता है।
मुबारत: पति-पत्नी की जब आपसी सहमति से तलाक लेते हैं।
फस्ख: दोनों पक्षों में से किसी एक द्वारा संपर्क किए जाने पर अदालत के माध्यम से तलाक की घोषणा करता है।

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