गीता उपदेश में श्रीकृष्ण ने बताई रिश्तों को लेकर अहम बात, जो बदल देगा आपकी जिंदगी

What Bhagwat Gita says about relationship- श्रीमद भगवद गीता में आपकी लाइफ से जुड़े हर सवाल का जवाब है। ये एक पवित्र हिंदू ग्रंथ है, जिसके बारें में कहा जाता है कि इसके द्वारा श्री कृष्ण ने अर्जुन को जीवन से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर दिया था। इसमें सारा ज्ञान और उपदेश मिल जाएगा। जो श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उस वक्त दिया था जब वो महाभारत के युद्ध की रणभूमि पर थे। उस वक्त अर्जुन बहुत ही दुविधा में थे तब कृष्ण ने उनको जीवन का सार समझाया था।

What Bhagwat Gita says about relationship

गीता में लाइफ से जुड़े हर पहलू को लेकर श्लोक हैं, जो मनुष्य की आंखों और मन को खोलने के लिए अहम है, जब भी वो किसी परेशानी या कशमश में हो तो उसे गीता सार जरूर पढ़ना चाहिए। गीता में रिलेशनशिप को लेकर भी कई सारे श्लोक हैं। जो रिश्तो में आने वाले उतार और चढ़ाव को बताते हैं। अगर आप अपने रिलेशनशिप को लेकर किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो गीता के श्लोक जरूर आपकी लाइफ बदल सकते हैं। आप खुद को सारी उलझनों से निकाल सकते हैं।

गीता उपदेश में 18 अध्याय है, जिसमें 700 संस्कृत के श्लोक है।

गीता उपदेश में रिश्ते को लेकर क्या बताया गया है ?

''O scion of Bharata, you should understand that I am also the knower in all bodies, and to understand this body and its owner is called knowledge. That is My opinion." (Lord Krishna, Bhagavad-gita, 13.3)''

''हे भरत के वंशज, तुम्हें यह समझना चाहिए कि मैं सभी शरीरों में जानने वाला भी हूं, और इस शरीर और इसके मालिक को समझने को ज्ञान कहा जाता है। यह मेरी राय है।" (भगवान कृष्ण, भगवद-गीता, 13.3)''

श्री कृष्ण ने कहा है कि जब कोई विचारशील इंसान अपने सबसे पसंद के व्यक्ति को छोड़ने के बारें में विचार करने लगता है तो तब ये समझ जाना चाहिए कि उसके आत्म सम्मान को चोट पहुंची है।

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रिलेशनशिप में क्यों जरूरी है आत्मसम्मान?
आत्मसम्मान हर रिश्ते के लिए जरूरी है। जब तक आत्म सम्मान नहीं होगा आप ना तो खुद को और ना ही सामने वाले की इज्जत कर सकेंगे। अगर कोई बार-बार आपको दुख दे रहा है, पीड़ा दे रहा है और आप उसके साथ खुश होने का नाटक कर रहे हैं तो यहां पर अपने आत्म सम्मान का गला घोंट रहे होते हैं। आत्म सम्मान का मतलब अपनी आत्मा के सम्मान से होता है। अगर इतना सब होने का बाद भी आप चीजों को नहीं समझ पाते तो आप अपने आत्म सम्मान को किनारे रखकर काम कर रहे होते हैं।

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किसी भी रिलेशनशिप में अगर आत्म सम्मान खो जाए तो?

किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने के लिए उसका मजबूत होना काफी अहमियत रखता है, इसके साथ ही सम्मान और प्यार काफी महत्वपूर्ण होते हैं एक रिश्ते की गहराई को मापने के लिए। साथ ही आत्मसम्मान भी अहम है, प्यार और सम्मान आत्म सम्मान से ही आता है। ऐसे में अगर आपके रिश्ते में आत्म सम्मान खत्म हो रहा है तो समझे रिश्ते की डोर भी कमजोर हो रही है। ये ऐसा है जैसे की आप अपने प्यार की तौहीन कर रहे हो और खुद को सामने वाले के सामने नीचा गिरा दिया हो।

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रिश्ता कैसा भी हो आत्म-सम्मान आपको एक बेहतर इंसान बनने और स्वाभाव में सौम्यता लाने की तरतीब है। किसी रिश्ते में आत्मसम्मान है तो उसमें विश्वास भी होगा, प्यार भी होगा और विश्वास भी होगा, यदि आत्म सम्मान नहीं रह गया है तो ये सब भी खत्म हो जाते हैं और रिश्ता चकना चूर हो जाता है।

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