Latest Updates
-
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले
Men Marry Each Other: इस गांव में पूरी रस्मों रिवाज से होती है दो लड़कों की शादी, जानें इसके पीछे की परंपरा
strange marriage rituals- भारत में शादी को लेकर इतनी परंपराएं हैं, कि जिनके बारें में आप कुछ जानते हों,लेकिन कुछ पंरपराएं और रस्में ऐसी हैं, जिनके बारें में आपको नहीं पता है, लेकिन ये बहुत ही अनोखी परंपराएं हैं, जिनके बारें में जानकर आप हैरान हो जाते हैं। इसी तरह से शादी को लेकर रस्में और परंपराएं है जो काफी अलग है, जिनको जान आप की आंखे खुली की खुली रह जाएं। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में दो सड़कों की साथ में शादी की पंरपरा हैं। जी हां...यहां पर दो लड़कों की शादी बड़े ही धूमधाम से होती है। आइये जानते हैं इस शादी की परम्परा के बारें में-

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के एक गांव में होली के मौके पर दो लड़की की शादी करवाई जाती है वो भी पूरी रस्मों-रिवाज के साथ। बड़ोदिया गांव में होली से कुछ दिनों पहले दो लड़कों की आपस में शादी करवाने की परंपरा है।
कैसे होती है दो लड़कों की शादी?
बड़ोदिया गांव में शादी के लिए लड़कों को सर्च किया जाता है, जो काम एक खास ग्रुप करता है। गेरिया समूह के लोग बिना यज्ञोपवीत संस्कार वाले लड़कों को देखते हैं और उसके बाद दो लड़कों की शादी करवाई जाती है। दो लड़कों को कंधे पर बैठाकर गांव के मंदिर तक ले जाया जाता है। इसमें एक लड़के को दूल्हा और दूसरे लड़के को दुल्हन बनाया जाता है। पूजा होने के बाद शादी के लिए दूल्हा-दुल्हन को तैयार किया जाता है।

मंडप में होती है शादी
शादी के मंडप में दोनों लड़कों को मंदिर में मंडप तैयार करके पूरे रीति-रिवाजों के साथ मंदिर के पंडित के द्वारा सभी रस्मों के साथ शादी करवा दी जाती है। दोनों लड़के साथ फेरे लेते है, साथ ही शादी में लेने वाले सात वचन भी दोनों लड़के लेते हैं। शादी संपन्न होने के बाद अगले दिन शोभायात्रा होती है, जिसमें शादीशुदा जोड़े को बैलगाड़ी में बैठाया जाता है। गांव के लोग उन्हें गिफ्ट भी देते हैं।

क्यों निभाई जाती है यह परंपरा?
दो लड़की की शादी कराने की परंपरा काफी अनूठी है, इसके पीछे एक परंपरा है। लोगों की मान्यताओं के अनुसार, एक नाले ने गांव को दो हिस्सों में बांट दिया था। जिसके कारण वहां के लोग काफी परेशान है। इसको लेकर गांव के लोगों ने एक तरकीब निकाली, और दो पार्ट में हो चुके गांव को एक बनाकर रखने के लिए बड़ोदिया गांव के लोगों ने ये तरीका निकाला कि दोनों हिस्सों के एक-एक लड़के को चुनकर उनकी आपस में शादी करवा दी। उस दिन से इस गांव में दो लड़कों की शादी की परंपरा चली आ रही है। यहां के लोगों का मानना है कि इससे उनके गांव में आपसी प्रेम और दोस्ती बनी रहती है।



Click it and Unblock the Notifications











