Latest Updates
-
Eid Mubarak Wishes For love: ऐ चांद, तू उनको मेरा पैगाम देना...बकरीद पर पार्टनर को भेजें ये 25+ रोमांटिक मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 28 May 2026: गुरुवार को इन राशियों पर होगी धन वर्षा, जानें मेष से मीन तक का भाग्यफल -
Bakrid 2026: बकरीद की नमाज कैसे पढ़ें? जानें नियत, तकबीरें और पुरुषों-औरतों के लिए सही तरीका -
Bakrid Mubarak Wishes 2026: रब की रहमत आप पर बरसती रहे...बकरीद पर अपनों को भेजें 50+ दिल छू लेने वाले संदेश -
Qurbani Ki Dua: बकरीद पर कुर्बानी से पहले और बाद में कौन सी दुआ पढ़ी जाती है? नोट कर लें सही तरीका -
Simple Jeera Style Aloo Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं चटपटी और स्वादिष्ट सब्जी -
Eid Mubarak Wishes For Friends: बकरीद पर दोस्तों को भेजें ये मैसेज, खास अंदाज में कहें ईद मुबारक -
Bihar Original Method Litti Chokha Recipe: घर पर पाएं पारंपरिक सोंधा स्वाद -
Eid Mubarak Wishes For Husband: चांद रात की रौनक...लाइफ पार्टनर को भेजें ईद-उल-अजहा की रोमांटिक मुबारकबाद -
Bakrid 2026: ईद उल अजहा या बकरीद पर कुर्बानी के क्या हैं नियम? जानें किन जानवरों की कुर्बानी जायज
Garmi Ki Shayari for Girlfriend: प्रचंड गर्मी में इन बेमिसाल शायरी से गर्लफ्रेंड का मूड करें हल्का
Girlfriend Ke Liye Garmi Par Shayari: साल दर साल गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। देशभर में पारा लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। सभी लोग अलग अलग तरह से गर्मी से निजात पाने के प्रयास कर रहे हैं।
इतनी भयंकर गर्मी से रिश्तो में चिढ़चिढ़ापन और तनाव भी होने लगता है। ऐसे में रिश्तों में प्रेम और हंसी मज़ाक भी बना रहना चाहिए। अपनी प्रेमिका को कुछ गर्मी के मौसम से जुड़ी शायरियां भेजकर आप उनका मूड हल्का कर सकते हैं। पेश हैं वे शायरियां -

Girlfriend Ke Liye Garmi Par Shayari
1.
गर्मी बहुत है आज खुला रख मकान को
उस की गली से रात को पुर्वाई आएगी
- ख़लील रामपुरी
2.
दोपहर की धूप में मेरे बुलाने के लिए
वो तिरा कोठे पे नंगे पाँव आना याद है
- हसरत मोहानी
3.
आते ही जो तुम मेरे गले लग गए वल्लाह
उस वक़्त तो इस गर्मी ने सब मात की गर्मी
- नज़ीर अकबराबादी
4.
बंद आँखें करूँ और ख़्वाब तुम्हारे देखूँ
तपती गर्मी में भी वादी के नज़ारे देखूँ
- साहिबा शहरयार
Summer Shayari for Girlfriend in Hindi

5.
गर्मी ने कुछ आग और भी सीने में लगाई
हर तौर ग़रज़ आप से मिलना ही कम अच्छा
- इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
6.
सितम-ए-गर्मी-ए-सहरा मुझे मालूम न था
ख़ुश्क हो जाएगा दरिया मुझे मालूम न था
- कमाल जाफ़री
7.
फिर याद बहुत आएगी ज़ुल्फ़ों की घनी शाम
जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा
- बशीर बद्र
8.
उतारो बदन से ये मोटे लिबास
नहीं देखतीं गर्मियाँ आ गईं
- मोहम्मद आज़म
Garmi Par Shayari for Social Media Posts and Captions
9.
गर्मी ने कुछ आग और भी सीने में लगाई
हर तौर ग़रज़ आप से मिलना ही कम अच्छा
- इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
10.
क्यूँ तिरी थोड़ी सी गर्मी सीं पिघल जावे है जाँ
क्या तू नें समझा है आशिक़ इस क़दर है मोम का
- आबरू शाह मुबारक
11.
गर्मी जो आई घर का हवा-दान खुल गया
साहिल पे जब गया तो हर इंसान खुल गया
- खालिद इरफ़ान
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications