Hikikomori: हिकिकोमोरी क्या है? जापान में लोग क्यों खुद को कर रहें हैं कमरे में बंद

क्या आप खुद के लिए एक ऐसी लाइफ के बारें में सोंच सकते हैं जहां पर आपके साथ सालों साल कोई ना हों। बस आप अकेले हों और आपने खुद को एक परिवार में रहते हुए खुद को सबसे अलग कर लिया है। नहीं ना..लेकिन जापान में ऐसा हो रहा है, वहां के लोग खुद को एक कमरे तक सीमित कर रहे हैं और दुनिया से अलग थलग होकर रह रहे हैं। उसके लिए उनकी दुनिया बस इंटरनेट सर्फिंग और इंटरनेट रह गई है।

इस समस्या को हिकीकोमोरी कहा जा रहा है। जब जापान टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इतना आगे बढ़ चुका हैं, वहां रोज नई-नई डेवलपमेंट हो रही है तो फिर वहां लोग इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं?

जापान की सरकार ने पिछले नवंबर में पूरे देश में 10 से 69 वर्ष के बीच के 30,000 लोगों का सर्वेक्षण किया और पाया कि हिकिकोमोरी 15-62 आयु वर्ग के 2 फीसदी लोगों के लिए जिम्मेदार है।

Hikikomori

कैबिनेट ऑफिस के मुताबिक, इस समस्या का सबसे बड़ा कारण रिलेशनशिप में टूट, परिवार में लड़ाई झगड़े, नौकरी खोना और छोड़ना रहा है। वहीं 2021 के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 9,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने अपनी क्लासेज लेना छोड़ दिया, जो इसकी वजह हिकिकोमोरी बता रहे थे।

हिकिकोमोरी क्या है

हिकिकोमोरी खुद को समाज से अलग करने की एक घटना है जो जापान में तेजी से बढ़ती जा रही है। ये आम तौर पर युवाओं और बुजुर्गों को टार्गेट कर रहा है। हिकिकोमोरी चिंता, डिप्रेशन और सामाजिक भय की भावनाओं से जुड़ा है।

हिकिकोमोरी का प्रभाव देश में बड़े पैमाने पर महसूस किया जा रहा है। इसकी वजह से जापान की जन्मदर पर भी पड़ रहा है। लोग आइसोलेशन में रह रहे हैं, नये रिश्ते नही बना रहें। उनको अपने पुराने टूटे और बिखरे रिश्तों के कारण डर बना हुआ है। ऐसे लोग अपनी लाइफ में कुछ नया करने के बारें में नहीं विचार कर पाते हैं।

जापान सरकार के लिए ये बड़ा मुद्दा बना हुआ है क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंच रही हैं, साथ ही जनसंख्या की चुनौतियां बढ़ रही हैं।

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