Latest Updates
-
गर्मी में टैनिंग से काली पड़ गई है गर्दन? टेंशन छोड़ें और आजमाएं दादी मां के ये 5 अचूक घरेलू नुस्खे -
Apara Ekadashi 2026: 12 या 13 मई, कब रखा जाएगा अपरा एकादशी का व्रत? जानें पूजा विधि और पारण का समय -
Eid-ul-Adha 2026: 27 या 28 मई, भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद? जानें क्यों दी जाती है कुर्बानी -
Mother's Day से पहले सोनम कपूर ने दिया बड़ा सरप्राइज, रिवील किया बेटे का नाम, महादेव से है गहरा नाता -
इन नक्षत्रों में जन्में लोग करते हैं दुनिया पर राज! बनते हैं वैज्ञानिक और लीडर, क्या आपका भी लकी नं 1? -
देश में डेंगू का तांडव, टूटा 5 साल का रिकॉर्ड! जानें Dengue के लक्षण और बचाव के उपाय -
Mother's Day 2026: मिलिए उन 7 जांबाज 'सुपर मॉम' से जिन्होंने बच्चों के साथ क्रैक किया UPSC, बनीं IAS -
Mother's Day 2026 Wishes For Mother In Sanskrit: मदर्स डे पर देववाणी संस्कृत में कहें अपनी मां को धन्यवाद -
Happy Mother's Day 2026 Wishes: रब से पहले मां का नाम...मदर्ड डे पर अपनी मां को भेजें ये दिल छूने वाले मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 10 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य
Maa Katyayani Mantra And Aarti: नवरात्रि में देवी कात्यायनी की कृपा पाने के लिए पढ़ें ये बीज मंत्र और आरती
Maa Katyayani Mantra And Aarti: शारदीय नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। देवी कात्यायनी का स्वरूप शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक माना जाता है। उनके नाम की उत्पत्ति महर्षि कात्यायन के नाम से हुई है, जिनके घर में देवी ने जन्म लिया था। मां कात्यायनी का यह रूप अत्यंत शक्तिशाली और दुष्टों का नाश करने वाला है।
मां कात्यायनी को मां दुर्गा का युद्ध देवी रूप माना जाता है, जिन्होंने महिषासुर का वध किया था। उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाओं का नाश होता है और भक्त को साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प की प्राप्ति होती है।

मां कात्यायनी की पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है जो विवाह या संबंधों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मान्यता है कि मां की कृपा से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है और अविवाहितों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
इस दिन मां कात्यायनी की पूजा करते समय "ॐ कात्यायनी देव्यै नमः" मंत्र का जाप किया जाता है, जिससे देवी की कृपा प्राप्त होती है और साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कात्यायनी माता के मंत्र (Katyayani Mata Ke Mantra)
माँ कात्यायनी के स्वयं सिद्ध बीज मंत्र | Maa Katyayani beej Mantra
मंत्र: क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:
माँ कात्यायनी का पूजन मंत्र | Maa Katyayani poojan Mantra
ॐ क्रीं कात्यायनी क्रीं नम:।
चंद्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानव घातिनी।।
या देवी सर्वभूतेषु कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥
कात्यायनी माता की आरती (Maa Katyayani Ki Aarti)
जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।
जय जगमाता, जग की महारानी।
बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
वहां वरदाती नाम पुकारा।
कई नाम हैं, कई धाम हैं।
यह स्थान भी तो सुखधाम है।
हर मंदिर में जोत तुम्हारी।
कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।
हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मंदिर में भक्त हैं कहते।
कात्यायनी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की।
झूठे मोह से छुड़ाने वाली।
अपना नाम जपाने वाली।
बृहस्पतिवार को पूजा करियो।
ध्यान कात्यायनी का धरियो।
हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी।
जो भी मां को भक्त पुकारे।
कात्यायनी सब कष्ट निवारे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications