Latest Updates
-
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले
Maa Katyayani Mantra And Aarti: नवरात्रि में देवी कात्यायनी की कृपा पाने के लिए पढ़ें ये बीज मंत्र और आरती
Maa Katyayani Mantra And Aarti: शारदीय नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। देवी कात्यायनी का स्वरूप शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक माना जाता है। उनके नाम की उत्पत्ति महर्षि कात्यायन के नाम से हुई है, जिनके घर में देवी ने जन्म लिया था। मां कात्यायनी का यह रूप अत्यंत शक्तिशाली और दुष्टों का नाश करने वाला है।
मां कात्यायनी को मां दुर्गा का युद्ध देवी रूप माना जाता है, जिन्होंने महिषासुर का वध किया था। उनकी पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाओं का नाश होता है और भक्त को साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प की प्राप्ति होती है।

मां कात्यायनी की पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है जो विवाह या संबंधों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मान्यता है कि मां की कृपा से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है और अविवाहितों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
इस दिन मां कात्यायनी की पूजा करते समय "ॐ कात्यायनी देव्यै नमः" मंत्र का जाप किया जाता है, जिससे देवी की कृपा प्राप्त होती है और साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कात्यायनी माता के मंत्र (Katyayani Mata Ke Mantra)
माँ कात्यायनी के स्वयं सिद्ध बीज मंत्र | Maa Katyayani beej Mantra
मंत्र: क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:
माँ कात्यायनी का पूजन मंत्र | Maa Katyayani poojan Mantra
ॐ क्रीं कात्यायनी क्रीं नम:।
चंद्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानव घातिनी।।
या देवी सर्वभूतेषु कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥
कात्यायनी माता की आरती (Maa Katyayani Ki Aarti)
जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।
जय जगमाता, जग की महारानी।
बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
वहां वरदाती नाम पुकारा।
कई नाम हैं, कई धाम हैं।
यह स्थान भी तो सुखधाम है।
हर मंदिर में जोत तुम्हारी।
कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।
हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मंदिर में भक्त हैं कहते।
कात्यायनी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की।
झूठे मोह से छुड़ाने वाली।
अपना नाम जपाने वाली।
बृहस्पतिवार को पूजा करियो।
ध्यान कात्यायनी का धरियो।
हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी।
जो भी मां को भक्त पुकारे।
कात्यायनी सब कष्ट निवारे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











