Latest Updates
-
Bakrid 2026: ईद उल अजहा या बकरीद पर कुर्बानी के क्या हैं नियम? जानें किन जानवरों की कुर्बानी जायज -
UP Village Style Aloo Matar Recipe: घर पर पाएं गांव के स्वाद वाली लाजवाब सब्जी -
क्या सिरदर्द की दवा से पेट का दर्द भी ठीक हो सकता है? पहले जान लें ये दवाएं हमारे शरीर में कैसे काम करती हैं -
बकरीद के मौके पर वायरल हुई 'डोनाल्ड ट्रम्प' भैंस, ब्राउन हेयर और 700 किलो है वजन, देखें वीडियो -
Bihar Style Sattu Paratha Recipe: घर पर बनाएं बिहार का मशहूर और चटपटा नाश्ता -
Padmini Ekadashi Vrat Katha: पद्मिनी एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, संतान प्राप्ति का मिलेगा आशीर्वाद -
Aaj Ka Rashifal 27 May 2026: मिथुन और तुला राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Padmini Ekadashi 2026 Wishes: नारायण का नाम...पद्मिनी एकादशी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Quick Weeknight Mutton Keema Recipe: कम समय में बनाएं रेस्टोरेंट जैसा लाजवाब स्वाद -
डॉन 3 छोड़ने पर Ranveer Singh को FWICE ने किया बैन, क्या अब बॉलीवुड में काम नहीं कर पाएंगे 'धुरंधर' एक्टर?
Namaz Time Today 11 Dec: जानें आज फ़ज्र, ज़ुहर, असर, मगरिब और ईशा की नमाज कितने बजे होगी
Namaz Time Today 11 Dec: इस्लाम में नमाज़ को सबसे बेहतरीन और अहम इबादत माना गया है। यह अल्लाह से तआल्लुक (संबंध) बनाने और उसकी रहमत हासिल करने का जरिया है। दिन में पाँच बार नमाज़ अदा करना फर्ज़ है, जो इंसान को नज़्म-ओ-ज़ब्त (अनुशासन), सब्र-ओ-तहम्मुल (आत्मसंयम), और रूहानी सुकून (मानसिक शांति) का पैग़ाम देती है।
नमाज़ के ज़रिए अल्लाह की इबादत और उसकी याद से तकब्बुर (अहंकार) खत्म होता है, और रूह (आत्मा) पाकीज़गी (पवित्रता) और सुकून हासिल करती है। यह इंसान को उसकी मुआशरती (सामाजिक) और ज़िन्दगी की ज़िम्मेदारियों का अहसास दिलाती है, और उसे नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।

सजदा और नमाज़ की हरकतें न सिर्फ शरीर को लचकदार बनाती हैं, बल्कि मन और दिल को भी सुकून बख्शती हैं। कुरआन और हदीस के मुताबिक, नमाज़ अल्लाह की रहमत का सबसे आसान और असरदार ज़रिया है, जो इंसान को गुनाहों से बचाने और उसे खुदा के करीब लाने में मदद करती है।
11 दिसंबर को नमाज का समय
11 दिसंबर 2024 को फ़ज्र की नमाज का समय: 05:23 AM
11 दिसंबर 2024 को ज़ुहर की नमाज का समय: 12.00 PM
11 दिसंबर 2024 को असर की नमाज का समय: 02:55 PM
11 दिसंबर 2024 को मगरिब की नमाज का समय: 05:15 PM
11 दिसंबर 2024 को ईशा की नमाज का समय: 06:37 PM
लखनऊ
आज लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत में नमाज़ के समय इस प्रकार हैं:
- फज्र: सुबह 05:23 बजे
- जुहर: दोपहर 12:00 बजे
- अस्र: दोपहर 02:55 बजे
- मग़रिब: शाम 05:15 बजे
- ईशा: रात 06:37 बजे
नोएडा
आज नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत में नमाज़ के समय इस प्रकार हैं:
- फज्र: सुबह 05:40 बजे
- जुहर: दोपहर 12:15 बजे
- अस्र: दोपहर 03:06 बजे
- मग़रिब: शाम 05:25 बजे
- ईशा: रात 06:49 बजे
नई दिल्ली
आज नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, भारत में नमाज़ के समय इस प्रकार हैं:
- फज्र: सुबह 05:40 बजे
- जुहर: दोपहर 12:15 बजे
- अस्र: दोपहर 03:07 बजे
- मग़रिब: शाम 05:26 बजे
- ईशा: रात 06:50 बजे
मुसलमान क्यों पढ़ते हैं पांच वक्त की नमाज़?
मुसलमान पाँच वक्त की नमाज़ इसलिए पढ़ते हैं क्योंकि यह इस्लाम के पांच अहम अरकान (स्तंभों) में से एक है और अल्लाह की इबादत का सबसे बड़ा जरिया है। नमाज़ अल्लाह से जुड़ने, उसकी रहमत पाने, और गुनाहों से बचने का साधन है।
फज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब और ईशा की नमाज़ें दिनभर अल्लाह को याद दिलाती हैं और इंसान को यह एहसास कराती हैं कि उसका हर काम अल्लाह की निगरानी में है। नमाज़ न केवल रूहानी सुकून देती है, बल्कि यह अनुशासन, समय की पाबंदी और संयम भी सिखाती है।
इसके अलावा, नमाज़ मुसलमानों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों का एहसास कराती है। मस्जिद में सामूहिक नमाज़ पढ़ने से भाईचारे और एकता का संदेश मिलता है। कुरआन और हदीस में नमाज़ को अल्लाह की सबसे पसंदीदा इबादत बताया गया है, जो मुसलमानों को नेक और खुशहाल जीवन जीने का रास्ता दिखाती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications