Navratri Fast in Periods: नवरात्रि में पड़ जाए पीरियड्स की डेट तो कैसे करें व्रत और दुर्गा मां का पूजन

Shardiya Navratri Fast in Periods: नवरात्रि का पर्व शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है, जिसमें मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। यह समय न केवल आध्यात्मिकता में डूबने का होता है, बल्कि अपनी परंपराओं को भी जीवित रखने का अवसर है।

कई महिलाओं के लिए, पीरियड्स के दौरान पूजा करना एक चुनौती हो सकता है, लेकिन यह भी संभव है कि वे अपनी श्रद्धा और आस्था के साथ इस पर्व को मनाएं।

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सही तैयारी और समर्पण से, पीरियड्स के दौरान भी नवरात्रि पूजा को आसानी से किया जा सकता है, जिससे एक स्वस्थ और सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो सकता है। 3 अक्टूबर से नवरात्रों की शुरुआत होने जा रही है। जानते हैं पीरियड्स के दौरान नवरात्रि पूजा में किन चीज़ों का रखें ख्याल -

कलश को रखे पवित्र (Periods Me Navratri Puja Kaise Kare?)

नवरात्री के समय घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है। यदि आपको पीरियड्स की आशंका है, तो नवरात्रि के पहले दिन कलश की स्थापना आपको नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसके लिए विशेष नियम होते हैं। कलश स्थापित करने के स्थान को अत्यधिक पवित्र रखना आवश्यक है। यदि कलश पहले से स्थापित है, तो आपको पीरियड्स के दौरान उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए। यदि किसी कारणवश कलश का स्पर्श हो जाता है, तो इसकी पवित्रता प्रभावित हो सकती है। इसलिए, कलश की पवित्रता बनाए रखें।

व्रत जारी रखें (Periods Me Navratri Ka Vrat Kaise Rakhen?)

यदि नवरात्रि व्रत के बीच में आपके पीरियड्स शुरू हो जाएं तब भी अपना व्रत पूरा करें, हालाँकि ऐसे में पूजा किसी और से करवा लें। यदि शुरुआत के व्रत या पहला व्रत आप रख चुके हैं तो आप आखिरी के व्रत रखकर भी अपना व्रत संकल्प पूरा कर सकते हैं। हालांकि मां दुर्गा की आरती व पूजा घर के किसी और सदस्य से करवा लें।

मां दुर्गा का भोग

पीरियड्स के दौरान आपको माता के लिए भोग नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि ऐसे समय में तैयार किया गया भोग माता द्वारा स्वीकार नहीं किया जाता है। इस दौरान भोग किसी और से लगवाना बेहतर होता है।

मां का अपने मन में करें ध्यान

यदि नवरात्रि के दौरान महिलाओं को मासिक धर्म आ जाए, तो उन्हें चिंता या निराशा नहीं करनी चाहिए। उन्हें बस मानसिक रूप से मां को याद करते रहना चाहिए और ध्यान लगाना चाहिए। इस तरह से भी मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, October 1, 2024, 13:25 [IST]
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