Why Joint Pain Increases During Monsoon: मानसून ने दस्तक दे दी है और देश के कोने-कोने में झमाझम बारिश हो रही है। दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया है। बहुत से लोगों में इस बारिश के मौसम में जोड़ों के दर्द की समस्या बहुत अधिक बढ़ जाती है। खासकर गठिया (Arthritis), ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) या पुराने चोट के मरीजों को बारिश शुरू होते ही घुटनों, कमर, कंधों और हाथ-पैरों के जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन की शिकायत बढ़ने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसून में जोड़ों के दर्द और घुटने के दर्द की परेशानी क्यों बढ़ जाती है। आइए जानते हैं मानसून में जोड़ों और घुटनों का दर्द बढ़ने के पीछे के 5 बड़े कारण और इससे बचने के आसान उपाय।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों और घुटनों का दर्द? जानें इसके पीछे के 5 कारण
1. वायुमंडलीय दबाव में कमी
बारिश से पहले और मानसून के दौरान वायुमंडलीय दबाव कम हो जाता है। इससे शरीर के जोड़ों के आसपास मौजूद टिशू हल्के-से फैलने लगते हैं, जिससे नसों पर दबाव बढ़ता है और दर्द ज्यादा महसूस होता है। यही कारण है कि गठिया के मरीजों को मौसम बदलते ही दर्द बढ़ने लगता है।
2. नमी बढ़ने से जोड़ों में अकड़न
जोड़ों में दर्द की एक वजह मानसून में हवा में नमी बढ़ जाती है। अधिक नमी के कारण मांसपेशियां और लिगामेंट्स कठोर महसूस होने लगते हैं, जिससे जोड़ों की मूवमेंट कम हो जाती है। परिणामस्वरूप घुटनों, कंधों और कमर में अकड़न और दर्द बढ़ जाता है।
3. धूप की कमी से विटामिन D का स्तर घटना
बारिश के दिनों में धूप कम निकलती है, जिससे शरीर को पर्याप्त विटामिन D नहीं मिल पाता। विटामिन D हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है।
बारिश के कारण लोग घरों में ज्यादा समय बिताते हैं और एक्सरसाइज या वॉक कम कर देते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से जोड़ों की लचीलापन कम हो जाता है, जिससे दर्द और जकड़न बढ़ सकती है। जिन लोगों को पहले से ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या किसी पुरानी चोट की समस्या है, उनमें मानसून के दौरान सूजन और दर्द बढ़ सकता है। मौसम में बदलाव शरीर की सूजन संबंधी प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है, जिससे पुराने दर्द फिर से महसूस होने लगते हैं। 1. बारिश के दिनों में भी योग, स्ट्रेचिंग और हल्की वॉक जरूर करें ताकि जोड़ों की मूवमेंट बनी रहे। 2. डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D और कैल्शियम युक्त भोजन या सप्लीमेंट लें। 3. ठंडी और नमी वाली जगह पर लंबे समय तक न बैठें। जरूरत पड़ने पर गर्म सिकाई करें। 4. अधिक वजन का सीधा दबाव घुटनों पर पड़ता है, जिससे दर्द और बढ़ सकता है। 5. यदि सूजन, तेज दर्द या चलने-फिरने में दिक्कत लगातार बनी रहे, तो बिना देरी किए ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ या रूमेटोलॉजिस्ट से जांच करवाएं। 6. शरीर को हाइड्रेट रखें और एंटी-इन्फ्लेमेटरी फूड जैसे हल्दी, अदरक, अखरोट और हरी सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करें।4. शारीरिक गतिविधि कम होना
5. गठिया और पुरानी चोट का दोबारा उभरना
मानसून में जोड़ों के दर्द से बचने के आसान उपाय
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