Latest Updates
-
World Polio Day 2026: पोलियो कैसे होता है? जानिए इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय -
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा
16 Sanatan Mantras: सनातन धर्म के ये 16 मूल मंत्र, अच्छे संस्कारों के लिए बच्चों को जरूर सिखाएं
Easy Sanskrit Mantra: सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। इसके मूल में वेद, उपनिषद, और मंत्र हैं जो न केवल आध्यात्मिक शांति देते हैं, बल्कि हमारे व्यक्तित्व को भी संस्कारित करते हैं। बच्चों के कोमल मन में यदि शुरू से ही अच्छे विचार और संस्कार बो दिए जाएं, तो वे जीवनभर उनका मार्गदर्शन करते हैं। बच्चों को अगर शुरुआत से ही इन मंत्रों से जोड़ा जाए, तो वे एक संतुलित, सकारात्मक और धर्मपरायण जीवन जीते हैं। ये मंत्र सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि हमारे ऋषियों की ओर से पीढ़ियों तक पहुंचा हुआ ज्ञान है।
इन मूल मंत्रों का उच्चारण बच्चों में सकारात्मकता, ध्यान, और धार्मिक जुड़ाव बढ़ाता है। ये 16 मंत्र न केवल धर्म का सार हैं, बल्कि जीवन के हर पहलू में शांति और संतुलन लाते हैं। इन्हें याद कराना, दोहराना और रोजमर्रा की प्रार्थना का हिस्सा बनाना चाहिए। आइए आप भी जान लीजिए वो 16 सनातनी मूल मंत्र जो हर हिंदू को याद होने चाहिए।

1. गायत्री महामंत्र
'ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्॥'
2. महा मृत्युंजय मंत्र
'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥'
3. श्री गणेश मंत्र
'वक्रतुंड महाकाय
सूर्यकोटि समप्रभः।
निर्विघ्नं कुरु मे देव
सर्वकार्येषु सर्वदा॥'

4. श्री हरि विष्णु मंत्र
'मंगलम भगवान विष्णु
मंगलम गरुड़ध्वज
मंगलम पुण्डरीकाक्ष
मंगलाय तनो हरि'
5. श्री ब्रह्मा जी मंत्र
'ॐ नमस्ते परमं ब्रह्मा नमस्ते परमात्ने।
निर्गुणाय नमस्तुभ्यं सदुयाय नमो नम:।'
6. श्री कृष्ण मंत्र
'वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्।
देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्'
7. श्री राम जी मंत्र
'रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे, रघुनाथाय नाथाय सीताया: पतये नमः।'
8. मां दुर्गा मंत्र
'ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।'
9. मां महालक्ष्मी मंत्र
'ओउम सर्वबाधा विनिर्मुक्तो
धन धान्यः सुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॐ ।।'
10. मां सरस्वती मंत्र
'सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणी,
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु में सदा।'
11. मां महाकाली मंत्र
'ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हलीं ह्रीं खं स्फोटय क्रीं क्रीं क्रीं फट'

12. श्री हनुमान जी मंत्र
'मनोजवं मारुततुल्यवेगं
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥'
13. श्री शनिदेव जी मंत्र
'ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥'
14. श्री कार्तिकेय जी मंत्र
'ॐ शारवाना-भावाया नम:
ज्ञानशक्तिधरा स्कंदा वल्लीईकल्याणा सुंदरा
देवसेना मन: कांता कार्तिकेया नामोस्तुते।'
15. श्री काल भैरव मंत्र
'ॐ ह्रीं वां बटुकाये
क्षौं क्षों आपदुद्धाराणाये
कुरु कुरु बटुकाये
ह्रीं बटुकाये स्वाहा।'

16. भारत माता मंत्र
'नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते॥'
बच्चों को कैसे सिखाएं ये मंत्र?
रोज सुबह-शाम 10 मिनट का मंत्र अभ्यास रखें।
मन से और उच्चारण पर ध्यान दें।
मंत्रों के अर्थ भी सरल भाषा में समझाएं।
घर के पूजा स्थल पर सामूहिक जप का अभ्यास करें।
इन मंत्रों को कहानी, संगीत या श्लोक प्रतियोगिता के रूप में भी सिखाया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications
