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Chandra Grahan 2023 Mantra: आज चंद्र ग्रहण के समय राशिनुसार करें इन मंत्र का जाप
आज वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि है। यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। आज यानि 5 मई को साल 2023 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है।
यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण है जो भारत में नजर नहीं आएगा। इस वजह से इसमें सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ग्रहण एक खगोलीय घटना है लेकिन इसे शास्त्रों से जोड़कर देखा जाता है।

वैशाख पूर्णिमा के शुभ मौके पर ग्रहण की घटना होने से लोगों में इसे लेकर मिलेजुले भाव हैं। दरअसल ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के कारण नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे समय में प्रभु का ध्यान और भक्ति में समय बिताना ही उचित रहता है।
कुछ ऐसे मंत्र हैं जिनका जाप करके कुंडली में चंद्रमा की स्थिति को मजबूत किया जा सकता है, साथ ही ग्रहण दोष से भी मुक्ति मिलती है। बिना देर किये जानते हैं कि चंद्र ग्रहण की स्थिति में आप राशि अनुसार किन मंत्रों का जाप करके देवी-देवताओं की कृपा पा सकते हैं।
मेष राशि:
आपकी राशि का स्वामी मंगल है। आपके लिए चंद्र ग्रहण के समय हनुमान चालीसा का पाठ करना फलदायी रहेगा। आप 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:' मंत्र का 108 बार जप कर सकते हैं।
वृषभ राशि:
आपकी राशि के स्वामी शुक्र देव हैं। आप चंद्र ग्रहण के समय श्री सूक्त का पाठ करें। नौकरी तथा व्यापार में तरक्की के लिए 'ॐ शीतांशु, विभांशु अमृतांशु नम:' मंत्र का 108 बार जप करना फलदायी रहेगा।
मिथुन राशि:
मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं। चंद्र ग्रहण के समय इष्ट देवों का ध्यान और पाठ करें। आपके लिए 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' मंत्र का जप करना कल्याणकारी रहेगा।
कर्क राशि:
आपकी राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं इसलिए आप ग्रहण के समय भगवान शिव की आराधना करें। महादेव, राहु और चंद्रमा के मंत्रों का जप करने से आप नकारात्मक प्रभाव से बचेंगे।
सिंह राशि:
आपकी राशि के स्वामी सूर्य हैं। चंद्र ग्रहण के समय आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करना उन्नतिकारक रहेगा।

कन्या राशि:
कन्या राशि के स्वामी बुध देव हैं। आप चंद्र ग्रहण के समय गणेश चालीसा का पाठ करें। आपके लिए 'ॐ शीतांशु, विभांशु अमृतांशु नम:' मंत्र का 108 बार जप करना लाभकारी रहेगा।
तुला राशि:
आपकी राशि के स्वामी शुक्र देव हैं। चंद्र ग्रहण के समय लक्ष्मी स्तोत्र या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। साथ ही 'ॐ ऐं क्लीं सौमाय नामाय नम:' मंत्र का 108 बार जप कर सकते हैं। इससे आपके जीवन में तरक्की के मार्ग खुलेंगे।
वृश्चिक राशि:
आपकी राशि का स्वामी मंगल ग्रह है। आप चंद्र ग्रहण के समय हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ कर सकते हैं। साथ ही 'ॐ क्राम क्रीम क्रौम सह भौमाय नमः' मंत्र का 108 बार जप करने से आप भविष्य में आने वाले संकट से बचे रहेंगे।
धनु राशि:
आपकी राशि के स्वामी गुरुदेव बृहस्पति हैं। आप चंद्र ग्रहण के समय विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करें। आपके लिए 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' मंत्र का 108 बार जप करना उत्तम रहेगा।
मकर राशि:
आपकी राशि के स्वामी शनिदेव हैं। आप चंद्र ग्रहण के समय सुंदरकांड या शनि चालीसा का पाठ करें। आपके लिए 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जप करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि:
आपकी राशि के स्वामी शनिदेव हैं। ग्रहण के समय शनि चालीसा, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ करें। 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:' मंत्र के जाप से जीवन में धन वैभव का आगमन होगा।
मीन राशि:
आपकी राशि के स्वामी बृहस्पति देव हैं। आप चंद्र ग्रहण के समय विष्णु चालीसा या रामायण अथवा महाभारत आदि ग्रंथों का पाठ करें। आपके लिए 'ॐ ह्लीं दुं दुर्गाय: नम:' मंत्र का जप करना विशेष फलदायी रहेगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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