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Chhath puja 2025: नहीं जा पा रहे घाट तो घर में ही बना लें, ऐसे करें छठ पूजा, मिलेगा छठी मैया का आशीर्वाद
How To Make Chhath Puja 2025 Ghat At Home: छठ पूजा सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि यह सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का सबसे पवित्र पर्व है। विवाहित महिलाएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। ये पूरे 36 घंटे तक का व्रत होता है। इस दौरान श्रद्धालु घाट पर जाकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं, और पूजा करते हैं। व्रती लोग सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोलते हैं। लेकिन कई बार परिस्थितियों या स्वास्थ्य कारणों से घाट पर जाना संभव नहीं होता।
ऐसे में भक्त घर पर ही श्रद्धा और भक्ति के साथ छठ पूजा कर सकते हैं। कहते हैं, जहां सच्ची निष्ठा और भक्ति होती है, वहां छठी मैया का आशीर्वाद अवश्य मिलता है। अगर आप भी इस बार घर पर ही छठ पूजा करने की सोच रहे हैं, तो जानिए कैसे अपने घर में बना सकते हैं सुंदर और पवित्र छठ पूजा घाट।
घर पर छठ पूजा घाट बनाने की विधि (Step-by-Step Guide)
1. स्थान का चयन करें (Choose the Right Place)
सबसे पहले घर में किसी साफ-सुथरे स्थान का चयन करें। यह जगह खुले आंगन, छत या बालकनी में हो सकती है। ध्यान रखें कि सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए उस स्थान पर सूर्योदय या सूर्यास्त का दर्शन संभव हो।

2. घाट की सफाई और पवित्रता (Clean and Purify the Area)
जिस जगह पर घाट बनाना है, उसे पहले अच्छे से धो लें। फिर उस स्थान पर गंगाजल या स्वच्छ जल छिड़कें। उसके बाद मिट्टी से एक छोटा-सा कुंड (तालाब जैसी आकृति) बनाएं, जिसमें जल भरें। आप प्लास्टिक का बड़ा टब भी ले सकते हैं क्योंकि बड़ी -बड़ी इमारतों में मिट्टी के कुंड बना पाना संभव नहीं होता है।
3. घाट को सजाएं (Decorate the Ghat)
घाट के चारों ओर केले के पत्ते, आम के पत्तों की तोरण और फूलों की माला से सजावट करें। दीये जलाकर चारों ओर रखें। पास में टोकरी में पूजा सामग्री जैसे ठेकुआ, फल, ईख, नारियल, सुपारी, और दीया रखें।
4. सूर्य देव का स्थान बनाएं (Set the Place for Surya Dev)
एक चौकी या पीढ़ा पर सूर्य देव की तस्वीर या तांबे के पात्र में सूर्य की प्रतिमा स्थापित करें। उसके आगे जल का कलश रखें और दीपक जलाएं।
5. पूजा की तैयारी करें (Prepare for the Puja)
खरना के दिन से ही नियमपूर्वक स्नान और सात्त्विक भोजन का पालन करें। संध्या अर्घ्य और प्रातः अर्घ्य दोनों समय सूर्य देव को अर्घ्य दें। घर पर बने घाट में जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देना सबसे शुभ माना जाता है।
6. अर्घ्य देने की विधि (How to Offer Arghya)
तांबे के लोटे में जल, दूध, गंगाजल, फूल और अक्षत मिलाएं। जल में खड़े होकर या कुंड के पास से दोनों हाथों से धीरे-धीरे सूर्य की ओर अर्घ्य अर्पित करें। अर्घ्य के समय सूर्य मंत्र या "ॐ सूर्याय नमः" का जाप करें।
क्या घर पर घाट बना पूजा करने का महत्व होता है?
ऐसा कहा जाता है कि अगर मन में सच्ची श्रद्धा हो तो भगवान सिंपल सी पूजा से भी प्रसन्न हो जाते हैं। ऐसे में घर पर घाट बनाकर पूजा करने से उतना ही पुण्य फल प्राप्त होता है जितना किसी नदी या तालाब के किनारे करने से मिलता है। मुख्य बात यह है कि पूजा पूरी श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ की जाए। छठी मैया का आशीर्वाद सच्चे मन से पूजा करने वालों पर हमेशा बना रहता है।
घर पर पूजा के नियम (Important Rules for Home Chhath Puja)
पूजा स्थल और शरीर दोनों की पवित्रता बनाए रखें।
व्रत रखने वाले व्यक्ति को सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
प्रसाद बनाते समय नमक, लहसुन और प्याज का उपयोग न करें।
पूजा के दौरान मोबाइल या टीवी जैसी चीजों से दूरी रखें।
श्रद्धा और भक्ति से सूर्य देव व छठी मैया का ध्यान करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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