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24 वर्षों बाद गुरु और शुक्र आये साथ, इन 2 राशियों को होगा सबसे ज्यादा नुकसान
ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को देवताओं का गुरु माना जाता है। वहीं शुक्र को असुरों का स्वामी माना जाता है। इन दोनों ग्रहों की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों पर देखने को मिलता है।
इस समय गुरु और शुक्र अष्टम भाव में हैं। इस समय भगवान गुरु शुक्रदेव की राशि वृषभ में अस्त स्थिति में हैं। वहीं, शुक्रदेव मंगल की राशि में अस्त अवस्था में हैं। शुक्र इसी अस्त स्थिति में 7 मई को वृषभ राशि में प्रवेश कर गए हैं।
गौरतलब है कि लगभग 24 साल बाद दोनों ग्रहों का अस्त अवस्था में मिलन हो रहा है। ऐसे में कुछ राशियों को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि गुरु और शुक्र के अस्त अवस्था में युति होने से किन राशियों को भारी नुकसान होने की संभावना है।

सिंह राशि
गुरु और शुक्र ग्रह के अस्त होने से सिंह राशि के जातकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। संतान को लेकर आप परेशान हो सकते हैं। काम से जुड़ी बहुत सारी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। आपको अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। जो कर्मचारी अपने काम से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें नौकरी छोड़ने की इच्छा हो सकती है। इस राशि के व्यापारियों को नुकसान होने की संभावना है। कुछ लोगों को आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। वैवाहिक जीवन में भी परेशानी बढ़ेगी। जीवनसाथी से मतभेद बढ़ सकता है। सेहत के मामले में थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
वृश्चिक राशि
गौरतलब है कि बृहस्पति और शुक्र दोनों अष्टम भाव में हैं, इसलिए वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय अच्छा नहीं रहेगा। छोटे-छोटे कामों को भी पूरा करने में आपको काफी मेहनत करनी पड़ सकती है। उसके बाद भी आपको मन के मुताबिक फल नहीं मिल पाएगा। व्यापारियों को इस अवधि में कोई बड़ा लाभ नहीं मिल पायेगा। कुछ लोगों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस अवधि के दौरान संयुक्त रूप से बिजनेस करने वाले जातकों को समस्या हो सकती है। जीवनसाथी के साथ संबंध उतने अच्छे नहीं रहेंगे। मतभेद और वाद-विवाद बढ़ेंगे। घर परिवार में तनाव रहने से आप मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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