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Kalashtami 2026: बुरी नजर और बाधाओं से मुक्ति के लिए कालाष्टमी पर करें ये 5 सरल उपाय
Kalashtami 2026 Upay: हिंदू धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान शिव के उग्र स्वरूप भगवान काल भैरव को समर्पित होता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। अप्रैल 2026 में यह तिथि 10 अप्रैल, शुक्रवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव को काशी का रक्षक और संकटों को दूर करने वाला देवता माना जाता है, जो अपने भक्तों की नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करते हैं। कालाष्टमी को बेहद प्रभावशाली दिन माना जाता है, खासकर बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा पाने के लिए। अगर आपके काम बार-बार रुकते हैं, घर में तनाव बना रहता है या सेहत से जुड़ी परेशानियां बार-बार सामने आती हैं, तो इस दिन किए गए कुछ आसान उपाय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं -

सरसों के तेल का दीपक जलाएं
कालाष्टमी के दिन शाम के समय घर के मंदिर या किसी भैरव मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है। दीप जलाते समय ॐ कालभैरवाय नमः या ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है, वातावरण सकारात्मक बनता है और जीवन में सुख-शांति व समृद्धि आने की मान्यता है।
कुत्ते को खिलाएं रोटी
कालाष्टमी के दिन कुत्ते को रोटी खिलाना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि काल भैरव का वाहन कुत्ता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि कुत्ते को भोजन कराने से काल भैरव प्रसन्न होते हैं और जीवन की परेशानियां कम होती हैं, इस दिन सादी रोटी पर थोड़ा सा सरसों का तेल लगाकर या उसमें गुड़ मिलाकर कुत्ते को खिलाना अच्छा माना जाता है। यह छोटा सा उपाय नकारात्मकता को दूर करने और जीवन में सुख-शांति लाने में सहायक माना जाता है।
भैरव चालीसा का पाठ करें
कालाष्टमी के दिन भैरव चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे डर, नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं। रात के समय स्नान करके शुद्ध अवस्था में काल भैरव के सामने बैठकर श्रद्धा से चालीसा का पाठ करें। यदि संभव हो, तो 21 बार पाठ करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
काले धागे का उपाय
अगर जीवन में बार-बार किसी न किसी तरह की कमी या रुकावट महसूस हो रही हो, तो कालाष्टमी के दिन एक छोटा सा उपाय किया जा सकता है। भगवान भैरव के चरणों में काले रंग का धागा अर्पित करें और कुछ देर वहीं रखकर उनका ध्यान करें, इसके बाद उस धागे को अपने दाएं पैर में बांध लें। मान्यता है कि इससे जीवन में संतुलन आता है और कमी या अभाव धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं।
कालाष्टमी की रात करें ये उपाय
कालाष्टमी की रात को किए गए कुछ उपाय भी विशेष फल देने वाले माने जाते हैं। इस दिन भैरव पूजा करने से शनि दोष का असर कम होता है और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे घटने लगती हैं। आप काले कपड़े में उड़द की दाल, काले तिल और सरसों का तेल बांधकर भगवान भैरव को अर्पित कर सकते हैं। चाहें तो इसे किसी भैरव मंदिर में चढ़ाएं या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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