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Navratri 2026: नवरात्रि के दिनों में न करें 5 गलतियां, वरना माता रानी हो जाएंगी रुष्ट
Navratri 2026 Do And Don'ts: चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। शक्ति की उपासना का यह पावन पर्व आत्म-संयम, शुद्धता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में माता रानी स्वर्ग से पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच वास करती हैं। माता रानी के भक्त व्रत रखते हैं और घर-घर से हवन की खुशबू आती है जो वातावरण को पवित्र कर देती है। ऐसे में अनजाने में की गई एक छोटी सी गलती भी आपकी पूजा के फल को कम कर सकती है या मां दुर्गा को रुष्ट कर सकती है।
यदि आप भी इस नवरात्रि मां की कृपा पाना चाहते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी करना चाहते हैं, तो शास्त्रों में बताए गए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है। ऐसा माना जाता है कि जो नवरात्रि के दौरान नियमों का पालन नहीं करता माता रानी उससे रुष्ट हो जाती है और घर में दरिद्रता, बीमारी और अशांति का वास हो जाता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर का माहौल सकारात्मक रहे और धन-धान्य की कोई कमी न हो तो नीचे बताए गए नियमों का सख्ती से पालन करें।

1. न करें संभोग
नवरात्रि का समय साधना और तपस्या का होता है। इन नौ दिनों में शारीरिक और मानसिक पवित्रता बनाए रखना अनिवार्य है। शास्त्रों के अनुसार, व्रत या पूजा के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। संभोग या मन में कामुक विचार लाना भक्ति के मार्ग में बाधक माना जाता है और इससे व्रत खंडित हो सकता है।
2. घर को न छोड़ें अकेला
यदि आपने अपने घर में कलश स्थापना की है या अखंड ज्योति जलाई है, तो नियम बेहद सख्त हो जाते हैं। मान्यता है कि साक्षात माता रानी आपके घर में अतिथि के रूप में विराजमान हैं। ऐसे में घर को कभी भी ताला लगाकर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। घर में किसी न किसी सदस्य का होना अनिवार्य है ताकि ज्योत की शुचिता बनी रहे।
3. भूलकर भी न काटें नींबू
यह नियम विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो बलि पूजा या विशेष अनुष्ठान करते हैं। साधारण गृहस्थों को भी नवरात्रि के दौरान घर में नींबू काटना वर्जित माना गया है। तंत्र शास्त्र में नींबू काटना 'बलि' का प्रतीक माना जाता है, इसलिए सात्विक पूजा करने वालों को इससे बचना चाहिए।
4. तामसिक भोजन का त्याग
नवरात्रि के नौ दिनों तक पूरे घर का माहौल सात्विक होना चाहिए। भूलकर भी घर में प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा या अंडे का प्रवेश न होने दें। तामसिक भोजन न केवल शरीर में आलस्य बढ़ाता है, बल्कि यह क्रोध और नकारात्मक विचारों को भी जन्म देता है, जो देवी साधना के विरुद्ध है।
5. काले कपड़े न पहनें
धार्मिक कार्यों में काले रंग को अशुभ और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। नवरात्रि के दौरान काले रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए। इसके बजाय लाल, पीला, हरा या सफेद जैसे शुभ और चमकीले रंग पहनें। लाल रंग माता रानी को अत्यंत प्रिय है और यह शक्ति का संचार करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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