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अधिकमास में भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए करें इन प्रभावी मंत्रों का जाप
हिंदू धर्म में अधिकमास का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। यह माह मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु, भोलेनाथ और हनुमान जी की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस अवधि में जातक को श्रीमद्भभागवत कथा सुनने से भी लाभ होता है।

भगवान विष्णु को अधिकमास का देवता माना जाता है। भगवान श्रीहरि के कारण ही मलमास को पुरुषोत्तम मास का नाम मिला। लोगों को भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए इस माह विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए।
इस लेख के माध्यम से आपके लिए वो मंत्र लेकर आये हैं जिनका जप आप अधिकमास के दौरान कर सकते हैं और श्रीहरि की कृपा पा सकते हैं। आप इस बात का ख्याल अवश्य रखें कि श्रीहरि के मंत्रों का जप तुलसी की माला के साथ करें। साथ ही आप स्वयं पीले आसन पर विराजमान होकर पूजा करें।

1.
गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरूपिणम्।
गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिकाप्रियम्।।
यह पुरुषोत्तम मास का सबसे विशेष मंत्र है। श्रद्धापूर्वक इस मंत्र के जाप से व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में खुशियों का वास होता है।

2.
ओम नमो भगवते वासुदेवाय।
पुरुषोत्तम माह में रोजाना स्नान के बाद भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करें और उसके बाद श्रीहरि के द्वादशाक्षरी मंत्र का जप करें। मंत्र का उच्चारण सही से करें।

3.
ऊं नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
भगवान विष्णु का यह गायत्री महामंत्र है। पूजा के बाद इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति का कल्याण होता है।

4.
शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।
विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम।
लक्ष्मीकान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म।
वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकैकनाथम।।



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