Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
पितृपक्ष 2018: जाने क्यों, कैसे और कब होता है पितृदोष
भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है। लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए इस दौरान श्राद्ध करते हैं। पितृपक्ष पूरे सोलह दिनों तक चलता है। इस बार यह 24 सितंबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। पुराणों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि भगवान की पूजा से पहले हमें अपने पितरों की पूजा करनी चाहिए। इससे हमारे पूर्वज तो प्रसन्न होते ही हैं, हमें देवी देवताओं का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कई बार हमारे जीवन में कुछ ऐसी परेशानियां आ जाती हैं जिनसे छुटकारा पाना हमारे लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसका एक कारण हो सकता है पितृदोष। इस वजह से पितृपक्ष को पितरों की मोक्ष की प्राप्ति का समय माना जाता है और लोग इस दौरान उनके लिए तर्पण और पिंड दान करते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि पितृदोष कब, क्यों और कैसे होता है।

1. नाग हत्या
यदि आपके हाथों किसी नाग की हत्या हुई है या फिर आप उसकी मौत का कारण बने हैं तो ऐसे में पितृ दोष लगता है।

2. गौ हत्या
हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना जाता है इसलिए यदि आपके हाथों किसी गाय की हत्या हुई है या फिर आपने गाय का अपमान किया है तो पितृदोष लग जाता है।

3. कुल देवी या देवता का अपमान करना
भूलकर भी अपने कुल देवी, देवता इत्यादि की विस्मृति या अपमान नहीं करना चाहिए।

4. पितरों का श्राद्ध न होना
हिंदू धर्म में मृत्यु के पश्चात श्राद्ध कर्म किया जाता है ताकि दिवगंत आत्मा को शांति मिल सके। यदि पितरों का विधिपूर्वक श्राद्ध न हुआ हो तो उनको मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती और पितृदोष लग जाता है।

5. पवित्र तिथियों पर संभोग करना
पूर्णिमा, अमावस्या या अन्य किसी पवित्र तिथि पर संभोग करने से भी पितृदोष लग जाता है।

6. गर्भपात करना
गर्भपात करना या फिर किसी भी जीव की हत्या करना बहुत ही बड़ा पाप माना जाता है इसलिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आप पाप के भागीदार बनते हैं। इससे पितरों के साथ साथ हमारे देवी देवता भी नाराज़ होते हैं।

7. पीपल, वट वृक्ष काटना
पीपल और वट दोनों ही वृक्ष हिंदू धर्म में पूजनीय माने जाते हैं इसलिए इन्हें भूलकर भी न काटे और न ही कटवाएं। इसके अलावा किसी भी फलों से लदे हुए वृक्ष को भी काटना पाप होता है।

8. पवित्र स्थान पर गलत कार्य करना
अगर आप मंदिर या फिर ऐसी ही किसी पवित्र स्थान पर किसी भी तरह का गलत और अनैतिक कार्य करते हैं तो आप पाप के भागीदार बनते हैं और पितृ दोष लग जाता है।

9. पत्नी के अलावा दूसरी स्त्री से संबंध बनाना
विवाहित होने के बावजूद यदि आप के संबंध दूसरी स्त्रियों से हैं और आप अपनी पत्नी को धोखा दे रहे हैं तो ऐसे में पितृ दोष लग जाता है।

10. पवित्रों स्थलों पर मल-मूत्र विसर्जन
यदि आप किसी नदी, कूप, तड़ाग या किसी पवित्र स्थान पर मल मूत्र विसर्जन करते हैं तो इससे हमारे पितृ और देवी देवता नाराज़ होते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
