Latest Updates
-
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान -
Silao Style Crispy Khaja Recipe: घर पर बनाएं बिहार की मशहूर परतदार मिठाई -
Electricity Price Hike: यूपी की जनता को झटका! 10% बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जानें कम बिल लाने के 5 अचूक उपाय -
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर -
क्या होता है वेपर हीट ट्रीटमेट? वो टेक्नोलॉजी जिसके टेस्ट में फेल होने पर जापान ने बैन किए भारतीय आम -
Healthy Iron Rich Aloo Palak Recipe: लंच के लिए बनाएं आयरन से भरपूर स्वादिष्ट सब्जी -
दिल्ली में फिर फटा AC: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी नहीं, ये 4 बड़ी गलतियां एयर कंडीशनर को बना रही हैं ‘बम'! -
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश
Sawan 2025: सावन के महीने में कब करें रुद्राभिषेक? जानिए सबसे शुभ तिथियां
Sawan 2025: हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल 11 जुलाई 2025 से सावन शुरू हो रहा है जो 9 अगस्त 2025 तक रहेगा। माना जाता है कि इस पावन महीने में भगवान शिव की आराधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि सावन में शिव जी को प्रसन्न करना बेहद आसान होता है, खासकर जब रुद्राभिषेक विधिपूर्वक किया जाए। रुद्राभिषेक, भगवान शिव को विभिन्न वस्तुओं से स्नान कराने की प्रक्रिया है, जिससे न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि दुख-दर्द और बाधाओं से मुक्ति भी मिलती है।
अगर आप भी सावन 2025 में रुद्राभिषेक करने की सोच रहे हैं तो आइए जानते हैं कि किस दिन इसका सबसे ज्यादा शुभ फल प्राप्त होता है। साथ ही रुद्राभिषेक के महत्व और उससे मिलने वाले लाभ के बारे में भी जान लेते हैं।
रुद्राभिषेक के लिए सावन की शुभ तिथियां
सावन का पहला सोमवार- 14 जुलाई 2025
सावन का दूसरा सोमवार- 21 जुलाई 2025
सावन का तीसरा सोमवार- 28 जुलाई 2025
सावन का चौथा सोमवार- 4 अगस्त 2025
सावन में पड़ने वाली शिवरात्रि- 23 जुलाई 2025
नाग पंचमी- 29 जुलाई 2025

रुद्राभिषेक से मिलने वाले शुभ फल (Benefits of Rudrabhishek in Hindi)
बता दें कि रुद्राभिषेक भगवान शिव की सबसे प्रिय पूजा विधि मानी जाती है, जिसमें शिवलिंग का अभिषेक विभिन्न पवित्र सामग्रियों जैसे शुद्ध जल, दूध, शहद, दही, घी, बेलपत्र, भस्म (राख), धतूरा और आक के फूल, चंदन, गंगाजल से किया जाता है। इस विधि से न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है, बल्कि जीवन की कई परेशानियों से छुटकारा भी मिलता है। आइए जान लेते हैं रुद्राभिषेक से मिलने वाले शुभ फलों के बारे में।
कर्ज और आर्थिक संकट से मुक्ति
सावन के महीने में रुद्राभिषेक करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और आय के नए स्रोत खुलते हैं। कारोबार में उन्नति होती है।
रोग-शोक का नाश
माना जाता है कि सावन के महीने में रुद्राभिषेक करने से मानसिक तनाव दूर होता है, असाध्य रोगों और जीवन की अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में छुटकारा मिलता है।

शत्रुओं से रक्षा
जिन लोगों को बार-बार बाधाएं या शत्रु भय होता है, उनके लिए रुद्राभिषेक रक्षा कवच का कार्य करता है। सावन के महीने में अपने घर में रुद्राभिषेक जरूर करें।
वैवाहिक जीवन में सुख-शांति
अगर दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और सौहार्द बनाए रखना हो तो सावन के महीने में किया गया रुद्राभिषेक बहुत कारगर होता है।
संतान प्राप्ति में मदद
संतानहीन दंपत्ति के लिए रुद्राभिषेक विशेष फलदायी होता है, विशेषकर अगर यह सावन में किया जाए। ऐसे में जो शुभ तिथियां बताई गई हैं उनमें रुद्राभिषेक जरूर करें।
कर्म दोष और ग्रह दोष शांति
कालसर्प दोष, पितृ दोष या शनि-राहु से जुड़ी परेशानियों में रुद्राभिषेक से विशेष लाभ होता है। विषेशकर सावन में किए गए रुद्राभिषेक से लाभ मिलता है।
मृत्यु भय से मुक्ति
महामृत्युंजय मंत्र के साथ रुद्राभिषेक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरता है और अकाल मृत्यु की संभावना को टालता है आध्यात्मिक विकास और आत्मिक शांति मिलती है। कर्ज, रोग और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications