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Powerful Navratri Mantra: देवी दुर्गा की बरसेगी खूब कृपा, पूरे नवरात्रि राशिनुसार करें इन मंत्रों का जाप
Navratri Mantra: शारदीय नवरात्रि, जो देवी दुर्गा की उपासना का विशेष पर्व है, इस दौरान भक्त देवी के नौ रूपों की पूजा करके उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं।
प्रत्येक राशि का स्वामी ग्रह और उसके प्रभाव के अनुसार देवी के अलग-अलग मंत्रों का जाप किया जाता है, जिससे देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं, शारदीय नवरात्रि के दौरान प्रत्येक राशि के लिए उपयुक्त मंत्र कौन सा है:

Shardiya Navratri 2024: Durga Mata Ke Mantra
1. मेष राशि (Aries)
मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल है, जो शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक है। इस राशि के जातकों को देवी दुर्गा की शक्ति स्वरूपा के मंत्र का जाप करना चाहिए।
मंत्र:
_"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।"_
इस मंत्र का जाप करने से साहस, शक्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
2. वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है, जो भौतिक सुख और सौंदर्य का प्रतीक है। इस राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी रूप की देवी की उपासना लाभदायक होती है।
मंत्र:
_"ॐ श्रीं ह्रीं दुर्गायै नमः।"_
इस मंत्र का जाप करने से धन, सुख-समृद्धि और सौंदर्य में वृद्धि होती है।
3. मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि का स्वामी ग्रह बुध है, जो बुद्धिमानी और संवाद का प्रतीक है। इस राशि के जातकों को दुर्गा की विद्या और बुद्धि प्रदायिनी स्वरूप की उपासना करनी चाहिए।
मंत्र:
_"ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।"_
यह मंत्र विद्या, ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति में सहायक होता है।
4. कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि का स्वामी ग्रह चंद्रमा है, जो मन, भावनाएं और मानसिक स्थिरता का प्रतीक है। कर्क राशि के जातकों के लिए माता के शांत स्वरूप का ध्यान और पूजा लाभकारी होती है।
मंत्र:
_"ॐ दुं दुर्गायै नमः।"_
इस मंत्र से मानसिक शांति, धैर्य और स्थिरता मिलती है।
5. सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है, जो आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व का प्रतीक है। सिंह राशि के जातक देवी के शक्ति रूप की आराधना से साहस और नेतृत्व गुणों में वृद्धि कर सकते हैं।
मंत्र:
_"ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।"_
यह मंत्र आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति को बढ़ाता है।
6. कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध है, जो विवेक और विश्लेषण का प्रतीक है। इस राशि के जातकों को देवी के कल्याणकारी और सुखकारी रूप की उपासना करनी चाहिए।
मंत्र:
_"ॐ ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।"_
यह मंत्र सफलता, शांति और समृद्धि प्रदान करता है।
7. तुला राशि (Libra)
तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है, जो संतुलन, सौंदर्य और प्रेम का प्रतीक है। इस राशि के जातकों को देवी के सौम्य और सुखकारी रूप की उपासना करनी चाहिए।
मंत्र:
_"ॐ श्रीं ह्रीं महालक्ष्म्यै नमः।"_
इस मंत्र से सौभाग्य, प्रेम और समृद्धि में वृद्धि होती है।
8. वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है, जो शक्ति, संघर्ष और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। इस राशि के जातकों के लिए देवी के रौद्र और साहसी रूप की आराधना फलदायी होती है।
मंत्र:
_"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।"_
यह मंत्र साहस, आत्मबल और संकटों से मुक्ति दिलाता है।
9. धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि का स्वामी ग्रह गुरु है, जो ज्ञान, धर्म और आस्था का प्रतीक है। इस राशि के जातकों के लिए देवी के विद्या और धर्म स्वरूप की उपासना शुभ होती है।
मंत्र:
_"ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।"_
यह मंत्र ज्ञान, विद्या और आध्यात्मिक उन्नति के लिए लाभकारी है।
10. मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि का स्वामी ग्रह शनि है, जो कर्म और अनुशासन का प्रतीक है। इस राशि के जातकों के लिए देवी के धैर्य और कर्मशीलता स्वरूप की आराधना शुभ होती है।
मंत्र:
_"ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।"_
इस मंत्र से कर्मशीलता, धैर्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
11. कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि का स्वामी ग्रह शनि है, जो संघर्ष और अनुशासन का प्रतीक है। इस राशि के जातकों को देवी के ज्ञान और विवेक प्रदायिनी रूप की उपासना करनी चाहिए।
मंत्र:
_"ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।"_
यह मंत्र ज्ञान, विवेक और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है।
12. मीन राशि (Pisces)
मीन राशि का स्वामी ग्रह गुरु है, जो आस्था, आध्यात्मिकता और करुणा का प्रतीक है। मीन राशि के जातकों को देवी के करुणामयी और कल्याणकारी रूप की उपासना करनी चाहिए।
मंत्र:
_"ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।"_
इस मंत्र से आध्यात्मिक उन्नति, शांति और करुणा की प्राप्ति होती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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