Sita Navami 2026 Upay: दांपत्य जीवन में आ रही है खटास? सीता नवमी पर करें ये 5 अचूक उपाय बढ़ेगा प्यार

Sita Navami Upay For Happy Married Life: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सनातन धर्म में सीता नवमी या जानकी नवमी के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में सीता नवमी जिसे जानकी नवमी के नाम से भी जाना जाता है विशेष महत्व होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर माता सीता का प्राकट्य धरती से हुआ था। माता सीता को धैर्य, त्याग और अटूट पतिव्रता धर्म का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, यह दिन विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए वरदान के समान है। यदि आपके वैवाहिक जीवन में बार-बार तनाव पैदा हो रहा है, आपसी तालमेल की कमी है या खुशियों को किसी की नजर लग गई है, तो 25 अप्रैल 2026 को पड़ने वाली सीता नवमी आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। इस दिन किए गए कुछ ज्योतिषीय और धार्मिक उपाय न केवल आपके दांपत्य जीवन में मिठास घोल सकते हैं, बल्कि आपको अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद भी दिला सकते हैं। आइए जानते हैं माता जानकी को प्रसन्न करने के 5 अचूक उपाय।

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1. माता सीता को सिंदूर अर्पित करें

अगर आपके वैवाहिक जीवन में खटास आ रही है और आप रोज के आपसी झगड़ों से परेशान हो गए हैं तो सीता नवमी के दिन किया गया ये उपाय आपकी समस्याओं का हल है। आप वैवाहिक जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए सीता नवमी के दिन मां जानकी को पीले चंदन और सिंदूर का तिलक लगाएं। इसके बाद अपनी अनामिका उंगली से उसी सिंदूर को अपने माथे पर लगाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

2. सुहाग सामग्री का दान

घर के कलह-कलेश से परेशान लोग सीता नवमी के दिन किसी मंदिर में जाकर माता सीता को सुहाग की 16 सामग्री (जैसे चूड़ियाँ, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी आदि) अर्पित करें। पूजा के बाद इन सामग्रियों को किसी जरूरतमंद सुहागिन महिला या ब्राह्मणी को दान कर दें। यह उपाय दांपत्य जीवन की बाधाओं को जड़ से खत्म करने में सहायक माना जाता है।

3. रामचरितमानस की चौपाइयों का पाठ

यदि घर में अक्सर कलह रहती है, तो सीता नवमी की शाम को श्री राम और माता सीता की संयुक्त प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद 'बालकाण्ड' में वर्णित सीता-राम विवाह प्रसंग की चौपाइयों का पाठ करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

4. केसर मिश्रित दूध से अभिषेक

आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक शांति के लिए इस दिन भगवान राम और माता सीता का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करना चाहिए। अभिषेक के दौरान "ॐ श्री सीतायै नमः" मंत्र का जाप करें। यह उपाय घर में सुख-शांति और धन की वृद्धि करता है।

5. पीले वस्त्र और फलों का अर्पण

माता सीता को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। सीता नवमी पर मां जानकी को पीले वस्त्र, पीले फूल और पीले मीठे फल अर्पित करें। पूजा संपन्न होने के बाद इन फलों को प्रसाद के रूप में अपने जीवनसाथी के साथ ग्रहण करें। इससे आपसी रिश्तों में मधुरता आती है।

सीता नवमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

सीता नवमी तिथि: 25 अप्रैल 2026, शनिवार

पूजा का शुभ समय: सुबह 10:58 से दोपहर 01:34 तक (लगभग 2 घंटे 36 मिनट)

ऐसे करें पूजा: पूजा के समय अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें और शांत मन से माता सीता का ध्यान करें। सच्ची श्रद्धा से किया गया छोटा सा उपाय भी बड़े बदलाव ला सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Friday, April 24, 2026, 14:37 [IST]
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