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Surya Grahan 2026: आज लगेगा साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, दिन में छा जाएगा अंधेरा; जानें भारत में दिखेगा?
Surya Grahan 2026: 12 अगस्त 2026 का दिन खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन एक साथ कई दुर्लभ खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी। 12 अगस्त को साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसके कारण ग्रहण की पूर्णता वाली जगहों पर कुछ समय के लिए दिन के उजाले में अंधेरा छा जाएगा। करीब 3 दशकों बाद धरती पर ऐसा सूर्य ग्रहण देखने का मौका मिलेगा इसके अलावा, सुबह के समय बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून सहित छह ग्रह एक साथ आकाश में एक कतार में नजर आएंगे। इसके बाद रात में पर्सिड उल्का वर्षा अपने चरम पर पहुंचेगी। उस समय अमावस्या के कारण आसमान में चांदनी कम रहेगी, जिससे साफ और अंधेरे स्थानों से उल्काओं को देखना आसान हो सकता है।

कहां-कहां दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
12 अगस्त 2026 को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ चुनिंदा हिस्सों में साफ दिखाई देगा। उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ क्षेत्रों में लोग इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में देख सकेंगे। खासतौर पर, स्पेन के उत्तरी हिस्सों में ग्रहण के दौरान दिन के समय कुछ देर के लिए अंधेरा छाने जैसा नजारा देखने को मिल सकता है।
किन देशों में दिखाई देगा आंशिक सूर्य ग्रहण?
पूर्ण ग्रहण की पट्टी से बाहर रहने वाले कई इलाकों में इसका आंशिक रूप नजर आएगा। उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों, कनाडा, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका और यूरोप के कई क्षेत्रों में सूर्य का कुछ हिस्सा चंद्रमा की छाया से ढका दिखाई देगा। कुछ जगहों पर चंद्रमा सूर्य के 90 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा हिस्से को ढक सकता है। अफ्रीका और मुख्यभूमि यूरोप के कुछ हिस्सों में यह नजारा इसलिए भी खास रहेगा, क्योंकि वहां सूर्यास्त के समय ग्रहण दिखाई देने की संभावना है। यानी कुछ इलाकों में ग्रहण लगा हुआ सूर्य ही क्षितिज के नीचे जाता नजर आएगा।
भारत में कब से कब तक रहेगा सूर्य ग्रहण?
भारतीय समय के हिसाब से ग्रहण 12 अगस्त की रात करीब 9 बजकर 5 मिनट पर शुरू होगा। पूर्ण ग्रहण की अवस्था रात 10 बजकर 29 मिनट के आसपास शुरू होगी और करीब 11 बजकर 17 मिनट पर यह अपने मध्य चरण में पहुंचेगा। इसके बाद रात 12 बजकर 5 मिनट के आसपास पूर्ण ग्रहण की अवस्था समाप्त हो जाएगी। ग्रहण की अंतिम अवस्था 13 अगस्त की रात करीब 1 बजकर 29 मिनट पर खत्म होगी। हालांकि, इन समयों के दौरान भारत में रात होगी और सूर्य आकाश में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यह सूर्य ग्रहण भारत से देखा नहीं जा सकेगा।
क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा?
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां आमतौर पर सूतक काल मान्य नहीं माना जाता। इसलिए भारत में इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल लागू नहीं होगा और यहां रहने वाले लोगों को सूतक से जुड़े नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
सूर्य ग्रहण आखिर कैसे लगता है?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। ऐसी स्थिति में चंद्रमा सूर्य की रोशनी के कुछ हिस्से को पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है और पृथ्वी के कुछ क्षेत्रों में सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। जब चंद्रमा सूर्य के पूरे दिखाई देने वाले हिस्से को ढक लेता है और सूर्य की सीधी रोशनी कुछ समय के लिए पूरी तरह रुक जाती है, तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। वहीं, जब सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ढकता है तो वह आंशिक सूर्य ग्रहण कहलाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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