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सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं क्या करें और क्या नहीं? जानें खाने-पीने और सोने से जुड़े नियम
Surya Grahan 2026 Do's And Don'ts For Pregnant Women: साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त यानी आज लगने जा रहा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, हालांकि भारत में इसका नजारा दिखाई नहीं देगा। धार्मिक दृष्टि से भी सूर्य ग्रहण को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान करने की परंपरा है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को लेकर भी ग्रहण के समय कुछ विशेष मान्यताएं प्रचलित हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को बाहर निकलने, खाने-पीने और सोने से बचना चाहिए। आइए, जानते हैं सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं -

कहां-कहां दिखाई देगा 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण?
12 अगस्त 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसका पूर्ण चरण उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र से लेकर ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी स्पेन के कुछ हिस्सों सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में दिखाई देगा। आंशिक ग्रहण यूरोप के बड़े हिस्से, कनाडा, रूस के कुछ क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं न क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्कुह बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। मान्यता है कि गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण को सीधे नहीं देखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण देखने का बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसी वजह से ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई या किसी तरह की काटने वाली गतिविधि नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा, सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सब्जी आदि नहीं काटनी चाहिए। हालांकि, अगर गर्भवती महिला को भूख लगती है तो भोजन करना बंद नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण शुरू होने से पहले भोजन में तुलसी की पत्ती या दूर्वा रखनी चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल के दौरान सोना नहीं चाहिए। ग्रहण के दौरान ध्यान और भगवान का नाम या मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अगर गर्भवती महिला की तबीयत ठीक नहीं है या आराम की जरूरत है, तो स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है।
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है अगर किसी कारण से स्नान करना संभव न हो, तो कुछ लोग गंगाजल का छिड़काव करने की परंपरा का पालन करते हैं। स्नान और साफ-सफाई के बाद भगवान की पूजा करने तथा हाथ जोड़कर प्रार्थना करें।
ग्रहण के दौरान खाना खा सकती हैं या नहीं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान भोजन करने से बचने की सलाह दी जाती है और कई परिवारों में ग्रहण शुरू होने से पहले ही भोजन कर लेने की परंपरा है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं के लिए लंबे समय तक भूखे रहना उचित नहीं माना जाना चाहिए। अगर भूख लगे या कमजोरी महसूस हो तो खाना छोड़ने की जरूरत नहीं है। गर्भावस्था में भोजन से जुड़ा फैसला अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेना बेहतर है।
क्या गर्भवती महिलाएं सूर्य ग्रहण के दौरान पानी पी सकती हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान पानी नहीं पीना चाहिए। लेकिन गर्भावस्था में शरीर को पर्याप्त पानी मिलना जरूरी है। ऐसे में, प्यास लगने पर पानी पीना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि ग्रहण काल के दौरान प्यास लगे, तो पानी के बर्तन में तुलसी के पत्ते या कुशा (घास) डालकर पानी पी सकते हैं। अगर डॉक्टर ने पानी या खानपान को लेकर कोई विशेष सलाह दी है, तो उसी का पालन करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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